खड़गे ने राज्यसभा में खोला वंदे मातरम का इतिहास, भाजपा पर लगाया आरोप

खड़गे ने राज्यसभा में खोला वंदे मातरम का इतिहास, भाजपा पर लगाया आरोप

राज्यसभा में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा पर हमला किया। उन्होंने असहयोग आंदोलन और वंदे मातरम के इतिहास का हवाला दिया। अमित शाह ने विपक्ष के आरोपों का खंडन करते हुए गीत के राष्ट्रीय और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया।

New Delhi: कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को उच्च सदन में भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 1921 के असहयोग आंदोलन के दौरान कांग्रेस के नेता 'वंदे मातरम' का नारा लगाते हुए जेल गए, जबकि भाजपा के वैचारिक पूर्वज अंग्रेजों के लिए काम कर रहे थे। खड़गे ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा और उसके नेता हमेशा स्वतंत्रता संग्राम और देशभक्ति के गीतों के विरोध में रहे हैं।

असहयोग आंदोलन और 'वंदे मातरम' पर चर्चा

खड़गे ने कहा कि जब महात्मा गांधी ने 1921 में असहयोग आंदोलन शुरू किया, तब लाखों कांग्रेस कार्यकर्ता और स्वतंत्रता सेनानी 'वंदे मातरम' का नारा लगाते हुए जेल में गए। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय भाजपा के पूर्वज अंग्रेजों के साथ थे और स्वतंत्रता संग्राम का विरोध कर रहे थे। खड़गे ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस ने ही देशभक्ति और राष्ट्रगीतों को जनता तक पहुँचाया और उन्हें नारा बनाने का काम किया।

प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर आरोप

कांग्रेस अध्यक्ष ने वर्तमान राजनीतिक नेताओं पर भी निशाना साधा। खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार जवाहरलाल नेहरू का अपमान करते हैं। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह भी इसी प्रवृत्ति के तहत कार्य कर रहे हैं। खड़गे ने भाजपा को देशभक्ति के प्रतीक और स्वतंत्रता संग्राम के विरुद्ध बताते हुए आरोप लगाया कि उनका इतिहास इस बात का प्रमाण है।

वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर चर्चा

राज्यसभा में इस समय वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष चर्चा हो रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस बहस को लेकर विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया। विपक्ष का कहना था कि यह बहस पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक रूप से आयोजित की गई है। अमित शाह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वंदे मातरम एक अमर रचना है जो भारत माता के प्रति समर्पण और कर्तव्य की भावना जागृत करती है।

अमित शाह का जवाब

शाह ने कहा कि कुछ विपक्षी सांसदों ने बहस को बंगाल चुनाव से जोड़कर देखा, लेकिन यह गीत और इसकी विरासत का विषय है, न कि चुनावी राजनीति। उन्होंने स्पष्ट किया कि वंदे मातरम की रचना स्वतंत्र रूप से हुई थी और बाद में इसे बंकिम चंद्र चटर्जी के उपन्यास 'आनंदमठ' (1882) में शामिल किया गया। शाह ने कहा कि जो लोग गीत के महिमामंडन और इस बहस के उद्देश्य पर सवाल उठाते हैं, उन्हें नए सिरे से सोचने की आवश्यकता है।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा स्वतंत्रता संग्राम और देशभक्ति के प्रतीकों को बढ़ावा दिया। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह इन प्रतीकों और गीतों का सम्मान नहीं करती। खड़गे के अनुसार, असहयोग आंदोलन के समय जेल जाने वाले कांग्रेस नेताओं ने देशभक्ति और नैतिकता का उदाहरण पेश किया। वहीं, अमित शाह ने इसे राष्ट्रीय गौरव और संस्कृति के संरक्षण के दृष्टिकोण से देखा और कहा कि वंदे मातरम का महिमामंडन जरूरी है।

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