लाड़ली बहना योजना बंद होगी? CM मोहन यादव के ‘महंगी पड़ गई’ बयान का क्या है मतलब

लाड़ली बहना योजना बंद होने की चर्चा के बीच CM मोहन यादव के ‘महंगी पड़ गई’ बयान का मतलब समझें। जानें योजना जारी है या बंद होने वाली है।

भोपाल के बुंदेली समागम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना को ‘महंगी’ बताते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी की। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इसे बंद करने का कोई ऐलान नहीं किया गया है और योजना जारी है। 

भोपाल: मुख्यमंत्री मोहन यादव की लाड़ली बहना योजना पर की गई टिप्पणी के बाद इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। रवींद्र भवन में बुंदेली समागम के दौरान एक कंटेंट क्रिएटर के सवाल पर मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा कि लाड़ली बहना योजना बहुत महंगी पड़ गई। हालांकि, इस बयान को योजना बंद करने की घोषणा नहीं माना जा सकता। सरकार ने हाल में योजना को 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दी है।

‘लाड़ली बहना बहुत महंगी पड़ गई’ पर क्यों मचा बवाल

भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित बुंदेली समागम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव से छतरपुर की कंटेंट क्रिएटर बिन्नू रानी ने महिलाओं और बेटियों के लिए सरकार की योजनाओं को लेकर सवाल किया। इसी बातचीत में लाड़ली बहना योजना का जिक्र आया।

सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री बनने के बाद पता चला कि लाड़ली बहना योजना कितनी महंगी पड़ गई है। उनकी इस टिप्पणी पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने हंसी और तालियों के साथ प्रतिक्रिया दी। 

मुख्यमंत्री की टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। हालांकि, सिर्फ इस बयान के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि मध्य प्रदेश सरकार योजना बंद करने की तैयारी कर रही है।

क्या लाड़ली बहना योजना बंद होने वाली है?

उपलब्ध आधिकारिक जानकारी इसके उलट संकेत देती है। मध्य प्रदेश कैबिनेट ने पिछले महीने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना को 31 मार्च 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दी थी। इसलिए मौजूदा जानकारी के आधार पर योजना को तत्काल बंद करने की कोई घोषणा नहीं हुई है।

बुंदेली समागम में मुख्यमंत्री ने भी योजना के सफर का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि लाड़ली बहना योजना की शुरुआत 1,000 रुपये मासिक सहायता से हुई थी और अब पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। उन्होंने महिलाओं के हित में फैसले जारी रखने की बात भी कही।

इसलिए मुख्यमंत्री की ‘महंगी पड़ गई’ वाली टिप्पणी को फिलहाल योजना की आर्थिक लागत को लेकर की गई टिप्पणी के रूप में देखा जा रहा है, न कि इसे बंद करने के फैसले के तौर पर।

योजना पर कितना आर्थिक बोझ?

लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार की प्रमुख महिला-केंद्रित योजनाओं में शामिल है। इसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है। वर्तमान में यह राशि 1,500 रुपये प्रतिमाह है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इस राशि के कारण राज्य सरकार पर सालाना करीब 22,680 करोड़ रुपये का वित्तीय भार पड़ता है। 

योजना की शुरुआत वर्ष 2023 में हुई थी। उस समय पात्र महिलाओं को 1,000 रुपये प्रतिमाह देने की शुरुआत की गई थी। बाद में सहायता राशि बढ़ाकर 1,250 रुपये और फिर 1,500 रुपये प्रतिमाह की गई।

योजना की लागत बढ़ने के बावजूद सरकार ने इसे जारी रखने का निर्णय लिया है। कैबिनेट की 2031 तक जारी रखने की मंजूरी इस संबंध में महत्वपूर्ण है।

बयान को लेकर राजनीतिक चर्चा क्यों बढ़ी?

लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश में एक महत्वपूर्ण सरकारी योजना है, इसलिए मुख्यमंत्री की टिप्पणी ने राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा को जन्म दिया। खास तौर पर ‘महंगी पड़ गई’ जैसे शब्दों को योजना के भविष्य से जोड़कर देखा जाने लगा।

हालांकि, कार्यक्रम का संदर्भ भी महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने यह बात एक अनौपचारिक सवाल-जवाब के दौरान मजाकिया अंदाज में कही थी। बाद की बातचीत में उन्होंने योजना के तहत मिलने वाली राशि और महिलाओं के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का भी उल्लेख किया। 

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर लाड़ली बहना योजना बंद करने का कोई फैसला सामने नहीं आया है। इसके बजाय योजना को 2031 तक जारी रखने की कैबिनेट मंजूरी मौजूद है। इसलिए मुख्यमंत्री की हालिया टिप्पणी को योजना की लागत पर हल्के-फुल्के संदर्भ में की गई टिप्पणी के तौर पर देखना ज्यादा उचित है। 

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