तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में ACB ने कथित ₹1 लाख रिश्वत मामले में DM&HO स्वर्णा कुमारी, हेल्थ इंस्पेक्टर और एक निजी ड्राइवर को गिरफ्तार किया। आरोप है कि फिजियोथेरेपी सेंटर की चाबियां लौटाने और लाइसेंस संबंधी कार्रवाई के लिए ₹2 लाख मांगे गए थे।
रंगारेड्डी: तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने कथित ₹1 लाख रिश्वत मामले में जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (DM&HO), एक हेल्थ इंस्पेक्टर और एक निजी ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, रिश्वत एक फिजियोथेरेपी सेंटर से जुड़े मामले में मांगी गई थी।
₹2 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप
ACB अधिकारियों के मुताबिक, शिकायतकर्ता से कथित तौर पर ₹2 लाख की रिश्वत मांगी गई थी। इसमें से ₹1 लाख स्वीकार किए जाने के बाद ACB ने कार्रवाई की।
आरोप है कि यह रकम शिकायतकर्ता के जब्त किए गए फिजियोथेरेपी सेंटर की चाबियां वापस करने, बिना DM&HO लाइसेंस के सेंटर चलाने के मामले में आगे कार्रवाई नहीं करने और नए लाइसेंस की प्रक्रिया में मदद करने के बदले मांगी गई थी। ACB ने कथित तौर पर रिश्वत की ₹1 लाख की रकम हेल्थ इंस्पेक्टर के निजी ड्राइवर के कब्जे से बरामद की।
तीन आरोपियों की पहचान
अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान स्वर्णा कुमारी, रंगारेड्डी जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (DM&HO), मद्दुरीकृष्णैया, हेल्थ इंस्पेक्टर, और हेल्थ इंस्पेक्टर के निजी ड्राइवर के रूप में हुई है।
ACB का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों ने अपने आधिकारिक दायित्वों का कथित रूप से अनुचित और बेईमानीपूर्ण तरीके से इस्तेमाल किया, ताकि शिकायतकर्ता से अनुचित आर्थिक लाभ हासिल किया जा सके। हालांकि, आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया और मामले की जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगा।
फिजियोथेरेपी सेंटर के लाइसेंस से जुड़ा था मामला
ACB के मुताबिक, शिकायतकर्ता का फिजियोथेरेपी सेंटर DM&HO लाइसेंस के बिना संचालित किए जाने के आरोप में कार्रवाई के दायरे में आया था। अधिकारियों ने कथित तौर पर सेंटर की चाबियां जब्त कर ली थीं।
इसके बाद चाबियां वापस करने और सेंटर के खिलाफ आगे की कार्रवाई से बचने के लिए रिश्वत की मांग किए जाने का आरोप है। शिकायतकर्ता को नया लाइसेंस दिलाने के नाम पर भी कथित तौर पर रकम मांगी गई।
ACB ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच की और कथित रिश्वत की रकम स्वीकार किए जाने के बाद कार्रवाई की।
न्यायिक हिरासत के लिए अदालत में पेश किया जाएगा
अधिकारियों ने बताया कि तीनों आरोपियों को नांपल्ली स्थित SPE एवं ACB मामलों की विशेष अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की प्रक्रिया की जा रही है।
मामले में आगे की जांच जारी है। जांच के दौरान ACB यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि कथित रिश्वत की मांग और स्वीकार करने में आरोपियों की क्या भूमिका थी तथा इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
ACB की कार्रवाई से बढ़ी निगरानी
सरकारी अधिकारियों से जुड़े रिश्वत के मामलों में ACB की कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी व्यवस्था का हिस्सा है। ऐसे मामलों में गिरफ्तारी अपने आप में दोष साबित नहीं करती। आरोपों की पुष्टि अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी। फिलहाल ACB की जांच का केंद्र कथित ₹1 लाख रिश्वत लेनदेन, फिजियोथेरेपी सेंटर की जब्ती और लाइसेंस से जुड़े आरोप हैं।











