बिहार के लखीसराय जिले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहां रामगढ़ चौक थाना क्षेत्र की पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के पास से कुल 15 लूटे गए मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिससे यह साफ हो गया है कि वे लंबे समय से मोबाइल लूट की घटनाओं में सक्रिय थे।
पुलिस के अनुसार, इन अपराधियों की गिरफ्तारी शेखपुरा से की गई है, जहां वे छिपकर रह रहे थे। रामगढ़ चौक थाना पुलिस को लगातार मिल रही शिकायतों और तकनीकी जांच के आधार पर इन आरोपियों का पता लगाया गया और फिर एक विशेष टीम बनाकर उन्हें पकड़ने की योजना तैयार की गई।
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली थी कि इलाके में मोबाइल लूट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और इसके पीछे एक संगठित गिरोह काम कर रहा है। इसी कड़ी में पुलिस ने सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से संदिग्धों की पहचान की और उनकी लोकेशन ट्रेस की।
बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी अलग-अलग जगहों पर लूट की वारदात को अंजाम देते थे और बाद में मोबाइल को सस्ते दामों में बेच देते थे। बरामद किए गए मोबाइल फोन की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किन-किन लोगों से लूटे गए थे और कितनी घटनाओं में इनका इस्तेमाल हुआ है।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में भी अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि यह एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा प्रतीत होता है।
पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि वे पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रहे हों। इस पूरे मामले में पुलिस अब उन स्थानों और संपर्कों की भी जांच कर रही है, जहां से लूटे गए मोबाइल फोन को बेचा जाता था।
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि पिछले कुछ समय से इलाके में मोबाइल छिनतई की घटनाएं बढ़ गई थीं। लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इससे अपराधियों में डर का माहौल बनेगा।
रामगढ़ चौक थाना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही, लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
फिलहाल, दोनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए पेश किया जा रहा है और पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे पूरे गिरोह का पर्दाफाश हो सकता है।









