लियोनेल मेसी ने रचा इतिहास: फुटबॉल वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा 18 गोल, अर्जेंटीना को नॉकआउट दौर में पहुंचाया

लियोनेल मेसी ने फुटबॉल फीफा वर्ल्ड कप में 18 गोल कर मिरोस्लाव क्लोजा का रिकॉर्ड तोड़ दिया। अर्जेंटीना ने ऑस्ट्रिया को 2-0 से हराकर नॉकआउट चरण में जगह बनाई।

अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी ने ऑस्ट्रिया के खिलाफ दो गोल दागकर फुटबॉल वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा 18 गोल करने का रिकॉर्ड बनाया। अर्जेंटीना ने 2-0 से जीत दर्ज कर नॉकआउट चरण में जगह पक्की कर ली।

FIFA WORLD CUP 2026: फुटबॉल इतिहास के महानतम खिलाड़ियों में शामिल लियोनेल मेसी ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। अर्जेंटीना के कप्तान ने ऑस्ट्रिया के खिलाफ फीफा वर्ल्ड कप मुकाबले में दो गोल दागकर जर्मनी के पूर्व स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोजा का लंबे समय से कायम रिकॉर्ड तोड़ दिया। मेसी अब वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।

डलास स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में अर्जेंटीना ने ऑस्ट्रिया को 2-0 से हराया। मैच के 39वें मिनट में मेसी ने अपना 17वां वर्ल्ड कप गोल कर क्लोजा के 16 गोलों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। इसके बाद इंजरी टाइम में एक और गोल दागकर उन्होंने अपना कुल आंकड़ा 18 गोल तक पहुंचा दिया। इस जीत के साथ मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना ने टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण, यानी राउंड ऑफ-32 में भी जगह पक्की कर ली।

शुरुआती पेनल्टी चूके, फिर रचा इतिहास

मैच की शुरुआत में ही मेसी के पास रिकॉर्ड बनाने का सुनहरा अवसर था। नौवें मिनट में अर्जेंटीना को पेनल्टी मिली, जब लॉटारो मार्टिनेज को ऑस्ट्रियाई डिफेंडरों ने फाउल कर दिया। हालांकि मेसी इस मौके को भुना नहीं सके और उनका शॉट पोस्ट के बाहर चला गया।

इस पेनल्टी मिस के साथ मेसी वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा तीन पेनल्टी चूकने वाले खिलाड़ी भी बन गए। इससे पहले घाना के पूर्व कप्तान असामोआ ग्यान ने दो पेनल्टी मिस की थीं।

पेनल्टी चूकने के बावजूद मेसी ने आत्मविश्वास नहीं खोया। 18वें मिनट में उन्हें एक और मौका मिला, लेकिन ऑस्ट्रिया की मजबूत रक्षापंक्ति ने उनके प्रयास को रोक दिया। ऑस्ट्रियाई गोलकीपर डेविड अलाबा ने भी शानदार बचाव करते हुए अर्जेंटीना को शुरुआती बढ़त लेने से रोका।

39वें मिनट में आया ऐतिहासिक गोल

अर्जेंटीना का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था और आखिरकार 39वें मिनट में वह पल आया जिसने फुटबॉल इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया।

थियागो अल्माडा ने बाईं ओर फाकुंडो मेडिना को पास दिया। मेडिना ने गेंद को बॉक्स के किनारे मौजूद मेसी तक पहुंचाया। अर्जेंटीना के कप्तान ने अपने पसंदीदा बाएं पैर से शानदार शॉट लगाया और गेंद को गोलपोस्ट के निचले कोने में पहुंचा दिया।

इस गोल के साथ मेसी ने वर्ल्ड कप में अपना 17वां गोल किया और जर्मनी के दिग्गज मिरोस्लाव क्लोजा को पीछे छोड़ते हुए सबसे ज्यादा वर्ल्ड कप गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों ने खड़े होकर इस ऐतिहासिक उपलब्धि का स्वागत किया।

इंजरी टाइम में दूसरा गोल, जीत पर लगाई मुहर

मैच के अंतिम क्षणों में ऑस्ट्रिया बराबरी की कोशिश कर रहा था, लेकिन अर्जेंटीना की रक्षा पंक्ति ने उसे सफल नहीं होने दिया।

इंजरी टाइम के पांचवें मिनट में अर्जेंटीना ने तेज काउंटर अटैक किया। जूलियन अल्वारेज का पहला प्रयास गोलकीपर ने रोक लिया, लेकिन रिबाउंड पर मौजूद मेसी ने कोई गलती नहीं की। उन्होंने दो डिफेंडरों के बीच से गेंद को गोल में पहुंचाकर स्कोर 2-0 कर दिया। यह मुकाबले का उनका दूसरा और टूर्नामेंट का पांचवां गोल था। इसी के साथ उनका वर्ल्ड कप गोलों का आंकड़ा 18 तक पहुंच गया।

लगातार छह वर्ल्ड कप मैचों में गोल

ऑस्ट्रिया के खिलाफ गोल करने के साथ मेसी ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। वह लगातार छह वर्ल्ड कप मैचों में गोल करने वाले दुनिया के केवल तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं।

इससे पहले फ्रांस के जस्ट फोंटेन और ब्राजील के जायरजिन्हो ही यह उपलब्धि हासिल कर पाए थे। लगातार बड़े टूर्नामेंटों में गोल करने की उनकी क्षमता दर्शाती है कि 38 वर्ष की उम्र में भी वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शामिल हैं।

लियोनेल मेसी ने रचा इतिहास: फुटबॉल वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा 18 गोल, अर्जेंटीना को नॉकआउट दौर में पहुंचाया

अल्जीरिया के खिलाफ हैट्रिक से शुरू हुआ था रिकॉर्ड अभियान

ऑस्ट्रिया के खिलाफ दो गोल करने से पहले मेसी ने अल्जीरिया के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था। उस मुकाबले में उन्होंने हैट्रिक लगाकर अर्जेंटीना को 3-0 की जीत दिलाई थी।

उन्होंने 17वें, 60वें और 76वें मिनट में गोल किए थे। यह उनके वर्ल्ड कप करियर की पहली हैट्रिक थी। इसके साथ ही वह टूर्नामेंट के इतिहास में हैट्रिक लगाने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी भी बन गए थे।

इस उपलब्धि के साथ उन्होंने क्रिस्टियानो रोनाल्डो का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। मेसी के अंतरराष्ट्रीय करियर में अब 11 हैट्रिक दर्ज हो चुकी हैं, जो उनकी असाधारण गोल स्कोरिंग क्षमता को दर्शाती हैं।

20 साल पहले शुरू हुआ था वर्ल्ड कप सफर

लियोनेल मेसी ने 16 जून 2006 को महज 18 वर्ष की उम्र में अपना पहला वर्ल्ड कप मैच खेला था। सर्बिया और मोंटेनेग्रो के खिलाफ उस मुकाबले में उन्होंने अपना पहला वर्ल्ड कप गोल भी किया था।

दो दशक बाद वही खिलाड़ी अब वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे सफल गोल स्कोरर बन चुका है। यह उपलब्धि उनकी निरंतरता, फिटनेस और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाती है।

मेसी वर्तमान में अपने करियर का रिकॉर्ड छठा वर्ल्ड कप खेल रहे हैं। वह फुटबॉल इतिहास के पहले खिलाड़ी हैं जिन्होंने छह अलग-अलग वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में हिस्सा लिया है। इसके अलावा उनके नाम वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा 28 मैच खेलने का रिकॉर्ड भी दर्ज है।

निजी चुनौतियों के बीच शानदार प्रदर्शन

मैदान पर रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बना रहे मेसी हाल के दिनों में निजी स्तर पर भी कठिन दौर से गुजर रहे हैं। अल्जीरिया के खिलाफ हैट्रिक के बाद वह भावुक नजर आए थे और उनकी आंखों में आंसू देखे गए थे।

बाद में उनके परिवार ने जानकारी दी कि उनके पिता जॉर्ज मेसी एक अज्ञात बीमारी का इलाज करा रहे हैं। मैच के बाद मेसी ने स्वीकार किया था कि वह मैदान के बाहर कुछ कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं।

इसके बावजूद उन्होंने जिस तरह का प्रदर्शन किया है, वह उनके मानसिक दृढ़ता और पेशेवर प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

अर्जेंटीना की नजर अब खिताब बचाने पर

ऑस्ट्रिया के खिलाफ जीत के साथ अर्जेंटीना ने नॉकआउट दौर में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है। टीम का आत्मविश्वास ऊंचा है और मेसी शानदार फॉर्म में हैं।

मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना अब लगातार दूसरे वर्ल्ड कप खिताब की ओर बढ़ रहा है। यदि मेसी इसी लय में खेलते रहे, तो यह टूर्नामेंट उनके ऐतिहासिक करियर का एक और यादगार अध्याय बन सकता है।

फिलहाल, फुटबॉल जगत की नजरें उस खिलाड़ी पर टिकी हैं जिसने 20 साल पहले एक युवा प्रतिभा के रूप में वर्ल्ड कप में कदम रखा था और आज इतिहास के सबसे महान वर्ल्ड कप गोल स्कोरर के रूप में दुनिया को प्रेरित कर रहा है।

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