लोकसभा में जी राम जी बिल पर बहस, शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर साधा निशाना

लोकसभा में जी राम जी बिल पर बहस, शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर साधा निशाना

लोकसभा में जी राम जी बिल पर बहस के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नया बिल ग्रामीण रोजगार और आजीविका सुनिश्चित करेगा, जबकि विपक्ष महात्मा गांधी का नाम हटाने पर आपत्ति जता रहा है।

New Delhi: लोकसभा में आज जी राम जी बिल 2025 पर लंबी बहस के दौरान केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने महात्मा गांधी के नाम के बजाय योजनाओं को नेहरू परिवार के नाम पर रखा। यह बयान उस समय आया जब विपक्षी सदस्य इस बिल से महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने पर चिंता व्यक्त कर रहे थे और सदन में 'महात्मा गांधी का अपमान नहीं सहेगा' जैसे नारे लगे थे।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विपक्ष गांधी जी के नाम पर बहस कर रहा है, लेकिन उन्हें यह याद रखना चाहिए कि गांधी जी ने स्वतंत्रता के बाद कांग्रेस को भंग करने की बात कही थी। उन्होंने कहा, "गांधी जी के नाम पर रोने वाले विपक्ष को याद रखना चाहिए कि गांधी जी ने यह भी कहा था कि अब आजादी मिल गई और कांग्रेस को भंग कर देना चाहिए। कांग्रेस की जगह लोक सेवक संघ बनाना चाहिए। लेकिन नेहरू जी ने सत्ता से चिपके रहने और आजादी के आंदोलन का लाभ उठाने के लिए कांग्रेस भंग नहीं की।"

सरकार की दलील

विपक्ष ने नए विधेयक से महात्मा गांधी का नाम हटाने पर कड़ी आपत्ति जताई। इसके विपरीत सरकार का दावा है कि यह बिल ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार की कानूनी गारंटी देगा और गांवों के विकास में सहायक होगा। शिवराज सिंह ने कहा, "मोदी सरकार ने नरेगा को सही तरीके से लागू करने का काम किया है। इसमें कई तरह की कमियां थीं और हमने उन कमियों को दूर किया है।"

उन्होंने यह भी कहा कि बापू जी के आदर्शों की हत्या कांग्रेस ने उसी दिन कर दी थी जब कांग्रेस भंग नहीं की गई। इसके अलावा उन्होंने इंदिरा गांधी द्वारा आपातकाल लगाने को भी गांधी जी के आदर्शों के खिलाफ बताया।

नए कानून की आवश्यकता

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि नए विधेयक को लाने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने कहा कि पुराने मनरेगा कानून में राज्यों के बीच फंड का बंटवारा ठीक से नहीं हो पा रहा था। कई राज्यों को मजदूरी और परियोजना सामग्री के लिए धन का समय पर वितरण नहीं मिल रहा था।

उन्होंने कहा, "मनरेगा में 60 प्रतिशत पैसा मजदूरी के लिए और 40 प्रतिशत मैटेरियल के लिए था। लेकिन मैटेरियल पर केवल 26 प्रतिशत पैसा खर्च हुआ। मनरेगा पूरी तरह से भ्रष्टाचार के हवाले हो गया था। इसलिए नया कानून जरूरी हो गया।"

शिवराज सिंह ने बताया कि जी राम जी बिल 2025 में कई सुधार किए गए हैं ताकि फंड का उचित वितरण हो और ग्रामीण लोगों को 125 दिनों का रोजगार सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह बिल ग्रामीण विकास और आजीविका के लिए निर्णायक कदम है।

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