हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में मंडी-पठानकोट नेशनल हाईवे पर बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। भटेहड़-कुन्नू के पास एक ऑल्टो कार सड़क किनारे खड़े रोड रोलर से जा टकराई। हादसे में कार सवार छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में तीन बच्चे भी शामिल हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार हादसे की वजह कार चालक को नींद की झपकी आना बताई जा रही है। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों तथा निर्माण कंपनी के सुरक्षा कर्मचारियों ने घायलों को कार से बाहर निकालने में मदद की।
जानकारी के अनुसार हादसा बुधवार सुबह करीब पौने सात बजे हुआ। ऑल्टो कार मंडी से चौहारघाटी के थल्टूखोड़ की ओर जा रही थी। जब कार भटेहड़ गांव के पास पहुंची तो वहां नेशनल हाईवे पर निर्माण कार्य चल रहा था। निर्माण कंपनी की ओर से रोड रोलर को सड़क के किनारे खड़ा किया गया था। इसी दौरान बताया गया कि चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई और कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े रोड रोलर के पिछले हिस्से से जा टकराई।
टक्कर के बाद कार की स्थिति काफी खराब हो गई। जोरदार भिड़ंत के कारण वाहन क्षतिग्रस्त हो गया और रोड रोलर से टकराने के बाद कार की दिशा भी बदलकर मंडी की ओर हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने दुर्घटना की आवाज सुनी तो वे तुरंत घटनास्थल की तरफ पहुंचे। निर्माण कंपनी के सुरक्षा गार्ड भी मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। इसके बाद हादसे की सूचना संबंधित अधिकारियों और आपातकालीन सेवा को दी गई।
हादसे की सूचना मिलने के बाद 108 एंबुलेंस की मदद से घायलों को उपचार के लिए सिविल अस्पताल पधर पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने घायलों की प्राथमिक जांच और उपचार किया। गंभीर स्थिति को देखते हुए तीन बच्चों समेत सभी छह घायलों को आगे के इलाज के लिए जोनल अस्पताल मंडी रेफर कर दिया गया। प्रशासन की ओर से भी घायलों के उपचार को लेकर जानकारी ली गई।
हादसे में घायल लोगों की पहचान रीता देवी, तनवी, मुस्कान, जहानवी, शिवानी और मांगणू राम के रूप में हुई है। रीता देवी की पहचान जगदीश चंद की पत्नी के रूप में बताई गई है, जबकि तनवी, मुस्कान, जहानवी और शिवानी को जगदीश चंद की पुत्रियां बताया गया है। ये सभी ग्रामण गांव, डाकघर थल्टूखोड़, तहसील पधर के निवासी बताए गए हैं। वहीं मांगणू राम बड़ी बजगाण क्षेत्र के रहने वाले हैं।
बताया गया है कि कार में सवार सभी लोग चौहारघाटी की ग्राम पंचायत धमच्याण के ग्रामण गांव से संबंधित हैं। परिजनों के अनुसार ये लोग बिलासपुर में चरान का काम करते थे। गांव में एक रिश्तेदार की मृत्यु होने की जानकारी मिलने के बाद सभी वापस अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान मंडी-पठानकोट हाईवे पर उनका वाहन हादसे का शिकार हो गया। अचानक हुए इस हादसे की खबर मिलने के बाद परिवार और गांव के लोगों में चिंता का माहौल बन गया।
हादसे के बाद घटनास्थल पर काफी देर तक लोगों की भीड़ जुटी रही। कार और रोड रोलर की टक्कर के बाद क्षतिग्रस्त वाहन को देखकर हादसे की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता था। स्थानीय लोगों ने तत्काल घायलों की मदद की। सड़क पर निर्माण कार्य चलने के कारण मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मचारियों ने भी बचाव अभियान में सहयोग किया। समय रहते घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार शुरू किया गया।
मंडी-पठानकोट नेशनल हाईवे पर इन दिनों कई हिस्सों में निर्माण और फोरलेन से जुड़े काम चल रहे हैं। भटेहड़ गांव के पास भी निर्माण गतिविधियां जारी हैं। ऐसे में सड़क किनारे निर्माण मशीनरी और वाहनों की मौजूदगी रहती है। इस हादसे में रोड रोलर सड़क के किनारे खड़ा था और कार उससे टकरा गई। हालांकि शुरुआती जानकारी में चालक को नींद की झपकी हादसे का कारण बताया गया है, लेकिन सड़क की स्थिति, वाहन की गति और अन्य परिस्थितियों की पुलिस जांच के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक कार मंडी की ओर से चौहारघाटी के थल्टूखोड़ जा रही थी। सुबह का समय होने के कारण चालक को नींद आने की बात सामने आई है। लंबी दूरी या लगातार यात्रा के दौरान चालक को थकान और नींद आने पर वाहन का नियंत्रण प्रभावित हो सकता है। ऐसे मामलों में कुछ ही सेकंड की असावधानी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। हालांकि इस घटना में भी अंतिम कारण की पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही होगी।
हादसे में तीन बच्चों के घायल होने से परिवार की चिंता और बढ़ गई है। बच्चों को भी प्राथमिक उपचार के बाद मंडी के जोनल अस्पताल रेफर किया गया। परिजनों की कोशिश है कि सभी घायलों को जल्द से जल्द बेहतर उपचार मिले और उनकी हालत में सुधार हो। हादसे की सूचना के बाद परिवार के लोग अस्पताल की ओर रवाना हुए और घायलों की स्थिति की जानकारी लेते रहे।
पधर सिविल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल लोगों को मंडी भेजा गया। प्रशासन ने भी हादसे की जानकारी ली। एसडीएम सुरजीत सिंह ने बताया कि हादसे में छह लोग घायल हुए हैं, जिनमें तीन बच्चे शामिल हैं। सभी घायलों को जोनल अस्पताल मंडी रेफर किया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे की वजह चालक को नींद की झपकी आना बताई जा रही है।
घटना के बाद सड़क सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठते हैं। हाईवे पर निर्माण कार्य के दौरान सड़क किनारे भारी मशीनरी खड़ी रहती है। ऐसे स्थानों पर वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है। निर्माण क्षेत्र में संकेतक, बैरिकेडिंग और चेतावनी व्यवस्था का होना भी महत्वपूर्ण होता है। इस हादसे के बाद यह देखना भी जरूरी होगा कि जिस स्थान पर रोड रोलर खड़ा था, वहां निर्माण कार्य से जुड़े सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
हालांकि उपलब्ध रिपोर्ट में रोड रोलर को गलत तरीके से खड़ा करने या निर्माण कंपनी की लापरवाही की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए हादसे के लिए किसी व्यक्ति या कंपनी को जिम्मेदार ठहराना अभी उचित नहीं होगा। पुलिस और संबंधित विभाग घटना की परिस्थितियों की जांच कर सकते हैं। कार की स्थिति, सड़क का स्वरूप, निर्माण स्थल की व्यवस्था और वाहन चालक की स्थिति जैसे पहलुओं को जांच में शामिल किया जा सकता है।
मंडी-पठानकोट हाईवे हिमाचल प्रदेश के कई महत्वपूर्ण इलाकों को जोड़ता है और इस मार्ग पर रोजाना बड़ी संख्या में वाहन चलते हैं। निर्माण कार्य के दौरान वाहन चालकों के लिए परिस्थितियां सामान्य सड़क से अलग हो जाती हैं। कहीं सड़क संकरी होती है तो कहीं भारी मशीनें और निर्माण सामग्री दिखाई देती है। ऐसे में गति नियंत्रित रखना और सड़क पर लगातार ध्यान बनाए रखना जरूरी होता है।
इस हादसे में कार रोड रोलर के पिछले हिस्से से टकराई। टक्कर के बाद कार की दिशा बदल गई। अगर आसपास स्थानीय लोग और निर्माण कंपनी के सुरक्षा कर्मचारी मौजूद नहीं होते तो बचाव कार्य में और समय लग सकता था। मौके पर मौजूद लोगों ने घायलों को सहायता दी और एंबुलेंस की मदद से अस्पताल तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू हुई।
घायलों को पहले पधर अस्पताल ले जाना और फिर मंडी रेफर किया जाना इस बात को दिखाता है कि हादसे के बाद उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत थी। गंभीर घायलों को उच्च चिकित्सा सुविधा वाले अस्पताल भेजा गया। तीन बच्चों के घायल होने के कारण परिवार के लोगों के लिए यह घटना विशेष रूप से चिंता का विषय बनी हुई है।
परिजनों के अनुसार सभी लोग एक रिश्तेदार की मृत्यु के बाद अपने गांव लौट रहे थे। उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि घर पहुंचने से पहले ही रास्ते में यह दुर्घटना हो जाएगी। एक ही गांव से जुड़े छह लोगों के घायल होने की खबर से स्थानीय लोगों में भी चिंता फैल गई। ग्रामीणों ने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और परिवार को हरसंभव सहयोग देने की बात कही।
हादसे के कारणों को लेकर फिलहाल शुरुआती जानकारी ही सामने आई है। चालक को नींद की झपकी आना संभावित कारण बताया गया है। पुलिस जांच में यदि कोई अन्य तथ्य सामने आता है तो हादसे की वजह को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। वाहन की तकनीकी स्थिति और सड़क की परिस्थितियों की भी जांच की जा सकती है।
मंडी जिले में पहाड़ी सड़कों पर वाहन चलाते समय थकान और नींद एक महत्वपूर्ण जोखिम बन सकती है। खासकर सुबह के समय लंबी यात्रा कर रहे चालकों को अतिरिक्त सावधानी की जरूरत होती है। विशेषज्ञों की सामान्य सलाह भी यही रहती है कि चालक को नींद या अत्यधिक थकान महसूस होने पर वाहन रोककर आराम करना चाहिए। कुछ सेकंड की झपकी भी वाहन को अनियंत्रित कर सकती है।
इस घटना ने एक बार फिर हाईवे पर चल रहे निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत को सामने रखा है। निर्माण कंपनियों को भारी मशीनों की पार्किंग और सड़क पर वाहनों की आवाजाही के बीच पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था रखनी होती है। वहीं वाहन चालकों को भी निर्माण क्षेत्र में गति कम रखकर संकेतों का पालन करना चाहिए।
उधर, मंडी जिले में पठानकोट-मंडी फोरलेन के निर्माण से जुड़े अन्य हिस्सों की गुणवत्ता को लेकर भी इन दिनों जांच चल रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की पांच सदस्यीय तकनीकी टीम बिजणी से पधर के बीच करीब 19 किलोमीटर लंबे सुपर हाईवे की निर्माण गुणवत्ता की जांच कर रही है। हालांकि यह जांच अलग विषय है और इसका इस दुर्घटना से कोई प्रत्यक्ष संबंध रिपोर्ट में नहीं बताया गया है।
फिलहाल इस हादसे में राहत की सबसे बड़ी बात यह है कि छह घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया। सभी का इलाज जारी है। परिवार के लोग उनकी स्थिति को लेकर अस्पताल में मौजूद हैं। प्रशासन की ओर से भी घायलों की जानकारी ली जा रही है। हादसे के बाद क्षतिग्रस्त कार और घटनास्थल की परिस्थितियों को लेकर आगे की जांच की जा सकती है।
मंडी-पठानकोट हाईवे पर भटेहड़-कुन्नू के पास हुआ यह हादसा लोगों को वाहन चलाते समय नींद और थकान को नजरअंदाज नहीं करने का संदेश भी देता है। खासकर निर्माणाधीन हिस्सों में चालक को सड़क पर खड़े भारी वाहनों और मशीनरी को लेकर अतिरिक्त सतर्क रहना पड़ता है। इस घटना में शुरुआती कारण चालक को आई झपकी बताया गया है, लेकिन हादसे के अन्य पहलुओं की जांच के बाद ही अंतिम स्थिति सामने आएगी।
फिलहाल तीन बच्चों समेत छह लोग अस्पताल में उपचाराधीन हैं और परिजन उनके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की ओर से हादसे की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी हाईवे के निर्माण क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और वाहन चालकों के लिए पर्याप्त चेतावनी संकेतों की जरूरत पर ध्यान देने की मांग की है।











