मणिपुर के 14 सिविल सोसाइटी संगठनों का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को इम्फाल से दिल्ली रवाना हुआ। प्रतिनिधिमंडल केंद्र सरकार के सामने प्रस्तावित NRC और जनगणना में देरी से जुड़े मुद्दे उठाएगा और दोनों मामलों में स्पष्टता तथा आवश्यक हस्तक्षेप की मांग करेगा।
इम्फाल: मणिपुर में प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर यानी NRC और जनगणना में देरी का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। इन दोनों विषयों पर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए 14 सिविल सोसाइटी संगठनों का एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को इम्फाल से नई दिल्ली के लिए रवाना हुआ। प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। इसका उद्देश्य केंद्र के समक्ष स्थानीय संगठनों की चिंताओं और मांगों को सीधे रखना है।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्य नई दिल्ली में केंद्र सरकार के नेताओं और संबंधित अधिकारियों से मुलाकात करने की योजना बना रहे हैं। इन बैठकों के दौरान वे मणिपुर में NRC लागू करने से जुड़े मुद्दों तथा जनगणना कराने में हो रही देरी पर चर्चा करेंगे। संगठनों का कहना है कि दोनों विषय राज्य के भविष्य, जनसांख्यिकीय स्थिति और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, इसलिए केंद्र से स्पष्ट रुख और उचित कार्रवाई की आवश्यकता है।
14 संगठनों के प्रतिनिधि प्रतिनिधिमंडल में शामिल
दिल्ली रवाना हुए संयुक्त प्रतिनिधिमंडल में 14 सिविल सोसाइटी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ नगा, कोम और मैतेई पंगल समुदायों के सदस्य भी शामिल हैं। अलग-अलग सामाजिक और सामुदायिक संगठनों की भागीदारी से प्रतिनिधिमंडल का दायरा व्यापक हुआ है। प्रतिनिधियों का कहना है कि वे अपनी-अपनी संस्थाओं और समुदायों से जुड़े विचारों को केंद्र सरकार के सामने रखेंगे।
प्रतिनिधिमंडल से जुड़े प्रतिनिधियों ने कहा कि दिल्ली में होने वाली बैठकों के दौरान NRC और Census से संबंधित चिंताओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा। उनका प्रयास केंद्र से इन मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट कराने और आगे की प्रक्रिया को लेकर आवश्यक कदम उठाने की मांग करना है।
NRC को लेकर मणिपुर में लगातार चर्चा
मणिपुर में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर का मुद्दा लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक बहस का विषय रहा है। राज्य में नागरिकता, जनसंख्या और पहचान से जुड़े सवालों के संदर्भ में विभिन्न संगठन समय-समय पर NRC की मांग उठाते रहे हैं। मौजूदा प्रतिनिधिमंडल भी इसी मुद्दे पर केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग करने के लिए दिल्ली जा रहा है।
NRC का उद्देश्य किसी क्षेत्र में रहने वाले लोगों की नागरिकता से संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड तैयार करना है। हालांकि, इसके कार्यान्वयन की प्रक्रिया संवेदनशील और जटिल होती है। मणिपुर में इस विषय को लेकर अलग-अलग समुदायों और संगठनों की अपनी चिंताएं और अपेक्षाएं हैं। यही कारण है कि सिविल सोसाइटी संगठन केंद्र के साथ सीधे संवाद करना चाहते हैं।
जनगणना में देरी भी प्रतिनिधिमंडल के एजेंडे में
प्रतिनिधिमंडल की दूसरी प्रमुख मांग जनगणना से जुड़ी है। संगठनों ने जनगणना में देरी को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की है और केंद्र सरकार से इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करने की मांग करने का फैसला किया है। जनगणना देश में जनसंख्या से संबंधित आधिकारिक आंकड़े जुटाने की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में से एक है।
प्रतिनिधिमंडल का मानना है कि मणिपुर जैसे संवेदनशील राज्य में विश्वसनीय और अद्यतन जनसंख्या संबंधी आंकड़े प्रशासनिक योजना तथा नीतिगत फैसलों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसी वजह से वे केंद्र के समक्ष जनगणना से जुड़े विषय को भी प्राथमिकता के साथ रखने वाले हैं।
किन संगठनों के प्रतिनिधि हुए शामिल
प्रतिनिधिमंडल के दिल्ली दौरे के बारे में AMMOCOC के अध्यक्ष SM Jalal, RNYOM के उपाध्यक्ष Gaikhiam Thaimei, Kom Union Manipur के अध्यक्ष Serto Hao Kom और Kabui Union के अध्यक्ष डॉ. K. Heera Kabui समेत कई प्रतिनिधियों ने जानकारी दी।
इन प्रतिनिधियों ने बताया कि दिल्ली में केंद्रीय नेताओं के साथ प्रस्तावित मुलाकातों में मणिपुर से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। उनका कहना है कि प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य अपनी मांगों को केंद्र सरकार तक प्रभावी तरीके से पहुंचाना और संबंधित विषयों पर आगे की कार्रवाई के लिए हस्तक्षेप मांगना है।
केंद्र से स्पष्टता और उचित कार्रवाई की मांग
सिविल सोसाइटी संगठनों का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब मणिपुर में NRC और जनगणना को लेकर बहस जारी है। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि दोनों विषयों पर केंद्र सरकार की स्पष्ट स्थिति सामने आनी चाहिए। संगठन चाहते हैं कि उनकी चिंताओं को सुना जाए और संबंधित मामलों में आवश्यक कदम उठाए जाएं।
दिल्ली में केंद्रीय नेताओं के साथ बातचीत के दौरान प्रतिनिधिमंडल अपने पक्ष और मांगों को विस्तार से रख सकता है। हालांकि, बैठकों के अंतिम परिणाम और केंद्र सरकार की ओर से संभावित कार्रवाई को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
मणिपुर में संवेदनशील मुद्दों पर संवाद की कोशिश
मणिपुर में सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए NRC और जनगणना जैसे मुद्दे बेहद संवेदनशील माने जाते हैं। ऐसे में विभिन्न समुदायों और संगठनों के प्रतिनिधियों का एक साथ दिल्ली जाना केंद्र के साथ संवाद बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल का मुख्य जोर अपनी चिंताओं को सीधे केंद्र तक पहुंचाने पर है। संगठन चाहते हैं कि मणिपुर से जुड़े इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्र सरकार उनकी बात सुने और आवश्यक कदमों को लेकर स्पष्टता प्रदान करे।
फिलहाल प्रतिनिधिमंडल के दिल्ली पहुंचने और केंद्रीय नेताओं के साथ होने वाली बैठकों पर नजर रहेगी। इन मुलाकातों के बाद NRC और जनगणना से जुड़े मुद्दों पर आगे की दिशा को लेकर तस्वीर कुछ और स्पष्ट हो सकती है।












