मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता कर विकास और सुशासन से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की। बाद में उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग-37 के परिवहनकर्ताओं से मुलाकात कर सड़क सुरक्षा, भूस्खलन और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
इम्फाल: मणिपुर सरकार ने राज्य में सुशासन, बुनियादी ढांचे के विकास और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर विचार-विमर्श किया है। गुरुवार को मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने न्यू सिविल सचिवालय, मंत्रीपुखरी स्थित कैबिनेट हॉल में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े नीति संबंधी विषयों, प्रशासनिक सुधारों और राज्य के समग्र विकास की दिशा में उठाए जाने वाले कदमों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग-37 (NH-37) पर परिचालन करने वाले परिवहनकर्ताओं के प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की। इस दौरान सड़क की खराब स्थिति, लगातार हो रहे भूस्खलन और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और यातायात को निर्बाध बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम जल्द उठाएगी।
कैबिनेट बैठक में विकास और जनकल्याण पर फोकस
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने बताया कि कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार किया गया। मंत्रिमंडल ने प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न नीतिगत प्रस्तावों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी, जवाबदेह और जन-केंद्रित शासन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का उद्देश्य ऐसा प्रशासन विकसित करना है जो विकास के साथ-साथ आम लोगों की आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को भी प्राथमिकता दे।
सुशासन और पारदर्शिता पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केवल विकास परियोजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने पर भी काम कर रही है। उन्होंने दोहराया कि बेहतर शासन व्यवस्था से ही राज्य में निवेश, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार संभव हो सकेगा। सरकार का लक्ष्य सभी वर्गों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।
NH-37 परिवहनकर्ताओं ने रखीं अपनी समस्याएं
कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग-37 पर कार्यरत परिवहन व्यवसायियों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। बैठक में पुलिस महानिदेशक (DGP), पुलिस महानिरीक्षक (IGP), गृह सचिव तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-37 पर यातायात प्रभावित हो रहा है। कई स्थानों पर सड़क की स्थिति खराब होने से मालवाहक वाहनों और यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
भूस्खलन और खराब सड़क बनी बड़ी चुनौती
परिवहनकर्ताओं ने कहा कि वर्षा के मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों में बार-बार भूस्खलन होने से सड़क कई बार अवरुद्ध हो जाती है। इससे आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होती है और परिवहन लागत भी बढ़ जाती है। उन्होंने सरकार से सड़क की शीघ्र मरम्मत, नियमित रखरखाव और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की ताकि वाहनों का संचालन सुरक्षित तरीके से जारी रह सके।
मुख्यमंत्री ने सुरक्षा और सड़क सुधार का दिया भरोसा
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि सरकार उनकी सभी चिंताओं को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने, संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की निगरानी बढ़ाने और राजमार्ग पर यातायात को सुचारु रखने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास रहेगा कि यात्रियों, परिवहन कंपनियों और स्थानीय नागरिकों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
NH-37 मणिपुर की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण
राष्ट्रीय राजमार्ग-37 मणिपुर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है। यह राजमार्ग राज्य के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने के साथ-साथ आवश्यक वस्तुओं, खाद्यान्न, ईंधन और अन्य सामान की आपूर्ति में अहम भूमिका निभाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मार्ग पर सुरक्षित और निर्बाध यातायात राज्य की आर्थिक गतिविधियों, व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाए रखने के लिए आवश्यक है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय
बैठक में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने भी परिवहनकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि सड़क सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। सरकार ने संकेत दिया कि संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, यातायात प्रबंधन में सुधार करने और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
भविष्य की रणनीति पर सरकार का फोकस
मणिपुर सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ सड़क और परिवहन अवसंरचना को मजबूत करना उसकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। विशेष रूप से मानसून के दौरान भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी, सड़क मरम्मत और आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।











