मौसम में बड़ा बदलाव: 125 साल में पहली बार जनवरी में बारिश और बर्फबारी की चेतावनी

मौसम में बड़ा बदलाव: 125 साल में पहली बार जनवरी में बारिश और बर्फबारी की चेतावनी

देश के मौसम में 125 साल के रिकॉर्ड के बाद बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में लगातार दो वेस्टर्न डिस्टर्बेस (Western Disturbances) सक्रिय हो रहे हैं, जिससे 22 से 24 जनवरी के बीच देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। 

Weather January Forecast: अगर आप ठंड और शीतलहर से परेशान हैं, तो तैयार हो जाइए। मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं, क्योंकि पश्चिमी हिमालय क्षेत्र की ओर दो वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने वाले हैं। इनके असर से कई इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार दिसंबर से जनवरी के बीच का यह ठंड का दौर हिमालय क्षेत्र के लिए 1901 के बाद का सबसे शुष्क दौर रहा है। 

हालांकि, एक मजबूत वेस्टर्न डिस्टर्बेंस इस शुष्क ठंड के सिलसिले को तोड़ सकता है। अगले सप्ताह पश्चिमी हिमालय में लगातार दो वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होंगे, जिनकी वजह से 23 जनवरी को कुछ स्थानों पर भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना है। वहीं 22 से 24 जनवरी के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी बारिश हो सकती है।

वेस्टर्न डिस्टर्बेस और मौसम का बदलाव

मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 का ठंड का दौर हिमालय क्षेत्र के लिए 1901 के बाद सबसे शुष्क दौर रहा। इस दौरान जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी सामान्य से कम रही। अब दो वेस्टर्न डिस्टर्बेस इस शुष्क ठंड के दौर को तोड़ सकते हैं। इनके सक्रिय होने से 23 जनवरी को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कई जगहों पर भारी बर्फबारी और बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिमी भारत के मैदानी इलाकों में भी वर्षा का अनुमान लगाया है। विशेष रूप से 22 से 24 जनवरी के बीच पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होगी। दिल्ली में भी इस दौरान गरज के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड

  • 21 जनवरी तक हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना।
  • 22 से 24 जनवरी तक बड़ी जगहों पर बारिश और बर्फबारी।
  • 23 जनवरी को सबसे अधिक बर्फबारी का अनुमान।
  • उत्तराखंड के बड़े हिस्से में 23 और 24 जनवरी को बारिश होने की संभावना।

इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डिवेलपमेंट (ICIMOD) के सैटलाइट डेटा के अनुसार, पिछले दो दशकों में हिमालय क्षेत्र में सबसे कम बर्फबारी हुई है। पिछले 23 सालों में ऐसा कमजोर स्नो सीजन नहीं देखा गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगर धरती का तापमान इसी रफ्तार से बढ़ता रहा, तो आने वाले वर्षों में बर्फबारी का मौसम और छोटा होगा। बर्फ कम होने से ग्लेशियर, नदियों और जलप्रवाह पर गंभीर असर पड़ सकता है।

देरी से बर्फबारी के गंभीर परिणाम

जनवरी में देर से बर्फ गिरने और जल्दी पिघलने से नदियों और जलाशयों का पानी तेजी से बहने लगता है। ठंडी बर्फ देर तक जमती नहीं है, जिससे मृदा और सतह को पर्याप्त नमी नहीं मिलती। ग्लेशियर और पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फ जल्दी पिघलने से जल सुरक्षा और कृषि उत्पादकता प्रभावित हो सकती है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बर्फबारी और भारी बारिश के मद्देनजर सुरक्षा और सतर्कता बरतें। मैदानी इलाकों में बारिश के कारण सड़क हादसों और जलभराव से बचने के लिए सावधानी।

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