मीशो लिमिटेड: हाल ही में लिस्टेड स्टॉक, ब्रोकरेज का अनुमान ₹230 तक का टारगेट

मीशो लिमिटेड: हाल ही में लिस्टेड स्टॉक, ब्रोकरेज का अनुमान ₹230 तक का टारगेट

मीशो लिमिटेड हाल ही में लिस्ट हुआ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है। यूबीएस ने ₹230 का टारगेट तय किया है। एसेट-लाइट और नेगेटिव वर्किंग कैपिटल मॉडल इसे मजबूत बनाता है। स्टॉक लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए आकर्षक है।

Stock to Buy: बुधवार, 17 दिसंबर को भारतीय शेयर बाजार ने एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच लगभग सपाट शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में ही निफ्टी 50 और सेंसेक्स कमजोरी के साथ लाल निशान में आ गए। आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक जैसे हैवीवेट शेयरों में गिरावट ने बाजार को दबाव में रखा। डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने भी निवेशकों के सेंटीमेंट को प्रभावित किया। ऐसे माहौल में ब्रोकरेज हाउस यूबीएस ने हाल ही में लिस्टेड ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मीशो लिमिटेड पर पॉजिटिव आउटलुक दिया है।

ब्रोकरेज का कहना है कि मीशो का एसेट-लाइट और नेगेटिव वर्किंग कैपिटल वाला बिजनेस मॉडल कंपनी को पॉजिटिव कैश फ्लो जनरेट करने में सक्षम बनाता है। इस वजह से मीशो कई अन्य इंटरनेट-आधारित कंपनियों से अलग और मजबूत दिख रही है।

मीशो पर टारगेट प्राइस

यूबीएस ने मीशो शेयर पर BUY रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने इस स्टॉक के लिए 230 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। इसका मतलब है कि शेयर 28 प्रतिशत तक का रिटर्न दे सकता है। मीशो का शेयर मंगलवार को बीएसई पर 180 रुपये पर बंद हुआ था। ब्रोकरेज का मानना है कि स्टॉक में आगे और तेजी आने की संभावना है, खासकर उन निवेशकों के लिए जो लॉन्ग टर्म ग्रोथ में भरोसा रखते हैं।

मीशो का बिजनेस मॉडल और ग्रोथ पॉवर

ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार, मीशो का एसेट-लाइट मॉडल इसे कैश फ्लो जेनरेशन में सक्षम बनाता है। नेगेटिव वर्किंग कैपिटल की वजह से कंपनी अपने ऑपरेशन में अधिक कुशल है और कम निवेश के साथ बढ़ रही है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2024-25 से 2029-30 तक मीशो की नेट मर्चेंडाइज वैल्यू यानी NMV में सालाना 30 प्रतिशत की CAGR से वृद्धि होगी।

इसके अलावा, NMV रेश्यो में मापे गए कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन और एडजस्टेड EBITDA मार्जिन में भी लगातार सुधार देखने को मिलेगा। वित्त वर्ष 2029-30 तक कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन 6.8 प्रतिशत और एडजस्टेड EBITDA मार्जिन 3.2 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना है। यह ग्रोथ मुख्य रूप से सालाना ट्रांजैक्टिंग यूजर्स की संख्या में तेज बढ़ोतरी से आएगी। ब्रोकरेज का अनुमान है कि वर्तमान में 19.9 करोड़ यूजर्स की संख्या वित्त वर्ष 2029-30 तक 51.8 करोड़ तक बढ़ जाएगी।

आईपीओ से शानदार शुरुआत

मीशो के शेयर अपने आईपीओ प्राइस से लगभग 50 प्रतिशत ऊपर लिस्ट हुए थे। बीएसई पर शेयर 161.20 रुपये के भाव पर लिस्ट हुए, जबकि इश्यू प्राइस बैंड का अपर एंड 111 रुपये था। यह आईपीओ निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय रहा और इसे 79 गुना आवेदन प्राप्त हुए। एनएसई पर भी शेयर 162.50 रुपये पर लिस्ट हुए, जो इश्यू प्राइस की तुलना में 51.50 रुपये या 47 प्रतिशत अधिक था।

इस शानदार लिस्टिंग के बाद मीशो को भारतीय प्राइमरी मार्केट में एक मजबूत पहचान मिली। ब्रोकरेज का मानना है कि इस स्टॉक की शुरुआत ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है और भविष्य में ग्रोथ के लिए मजबूत आधार तैयार किया है।

मीशो का एसेट-लाइट मॉडल इसे इंटरनेट और ई-कॉमर्स सेक्टर की अन्य कंपनियों से अलग बनाता है। इस मॉडल के तहत कंपनी को भारी पूंजी निवेश की जरूरत नहीं होती और कम जोखिम में कारोबार बढ़ता है। इसके अलावा, नेगेटिव वर्किंग कैपिटल मॉडल से कंपनी को ऑपरेशनल कैश फ्लो में स्थिरता मिलती है।

ब्रोकरेज का मानना है कि ऐसे बिजनेस मॉडल वाली कंपनियों को लंबे समय तक फायदा होता है क्योंकि वे कम निवेश में तेजी से स्केल अप कर सकती हैं। यही वजह है कि मीशो को लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए एक आकर्षक विकल्प माना जा रहा है।

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