पाकिस्तान सरकार ने PIA का पूरा निजीकरण करने का किया फैसला, जानें कब होगी नीलामी?

पाकिस्तान सरकार ने PIA का पूरा निजीकरण करने का किया फैसला, जानें कब होगी नीलामी?

पाकिस्तान सरकार ने PIA में अपनी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया। 23 दिसंबर को नीलामी होगी। सरकार का उद्देश्य एयरलाइन का वित्तीय सुधार, फ्लीट आधुनिकीकरण और निजी निवेशकों के माध्यम से लाभकारी बनाना है।

Business: पाकिस्तान सरकार ने पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) में अपनी पूरी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। यह कदम एयरलाइन के वित्तीय संकट और लंबे समय से चले आ रहे घाटे को देखते हुए उठाया गया है। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, प्राइवेटाइजेशन प्रक्रिया में शामिल बोलीदाताओं ने डील के बाद एयरलाइन का पूरा मैनेजमेंट कंट्रोल चाहते थे। इसी वजह से सरकार अब कंपनी में अपनी कोई भूमिका नहीं रखना चाहती और पूरी हिस्सेदारी बेचने का निर्णय लिया है।

23 दिसंबर को होगी नीलामी

पीआईए के निजीकरण के लिए नीलामी की तारीख 23 दिसंबर तय की गई है। नीलामी के शुरुआती चरण में पाकिस्तान की सरकारी एयरलाइन की 75 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए बोली लगाई जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि सरकार को इस चरण में केवल 7.5 प्रतिशत राशि नकद मिलेगी, जबकि बाकी 92.5 प्रतिशत रकम सीधे एयरलाइन में निवेश की जाएगी। यह निवेश कंपनी के पुनरुद्धार और वित्तीय मजबूती के लिए किया जाएगा।

बाकी 25 प्रतिशत हिस्सेदारी का विकल्प

नीलामी के दूसरे चरण में, सफल बोली लगाने वाले व्यक्ति या फर्म को एक महीने के भीतर बाकी 25 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने का विकल्प मिलेगा। इसके लिए उन्हें 12 प्रतिशत का प्रीमियम देना होगा। यह प्रीमियम इसलिए लिया जाएगा क्योंकि खरीदार को तुरंत भुगतान करने की बजाय एक साल तक भुगतान टालने की अनुमति दी जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य खरीदार को सहजता से निवेश करने का अवसर देना और एयरलाइन के लिए स्थिर फंडिंग सुनिश्चित करना है।

खरीदारों ने सरकार से रखी शर्तें

पाकिस्तान प्राइवेटाइजेशन कमीशन के अधिकारियों के अनुसार, नीलामी में भाग लेने वाले चार प्रमुख बोलीदाताओं ने यह शर्त रखी थी कि डील के बाद सरकार का एयरलाइन में कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। इस कारण ही सरकार पूरी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच रही है। बोलीदाताओं में लकी सीमेंट कंसोर्टियम, आरिफ हबीब कंसोर्टियम, फौजी फाउंडेशन की यूनिट फौजी फर्टिलाइजर और एयर ब्लू जैसे बड़े बिजनेस ग्रुप शामिल हैं। ये सभी एयरलाइन की हिस्सेदारी खरीदने में रुचि रखते हैं और नीलामी में सक्रिय भाग लेंगे।

एयरलाइन को चाहिए आधुनिक फ्लीट

पीएम शहबाज शरीफ के सलाहकार मुहम्मद अली ने बताया कि बोलीदाताओं ने एयरलाइन में कम से कम 75 प्रतिशत हिस्सेदारी मांगने की वजह से ही यह प्राइवेटाइजेशन प्रक्रिया शुरू हुई। कुछ बोलीदाता 100 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने की इच्छा रखते हैं, ताकि फैसले लेने में आसानी हो और एयरलाइन का मैनेजमेंट पूरी तरह से उनका नियंत्रण में हो।

मुहम्मद अली ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य पीआईए को फिर से मजबूत बनाना और उसकी पुरानी प्रतिष्ठा को वापस लाना है। इसके लिए एयरलाइन के फ्लीट का आधुनिकीकरण करना और नए विमानों की खरीद में भारी निवेश करना आवश्यक होगा। इसके साथ ही एयरलाइन को ऑपरेशनल और वित्तीय सुधार के लिए रणनीतिक निर्णय लेने होंगे, ताकि कंपनी दीर्घकालिक रूप से लाभकारी हो।

PIA की वर्तमान स्थिति 

पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस लंबे समय से घाटे में चल रही है। कंपनी को नकदी प्रवाह की समस्याएं, पुराने विमानों का भारी रखरखाव और आधुनिक एयरलाइनिंग तकनीक की कमी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा और घरेलू बाजार में बढ़ती प्राइवेट एयरलाइनिंग सेवाओं ने पीआईए के संचालन को और जटिल बना दिया है।

सरकार का मानना है कि निजी निवेशकों को शामिल करने से कंपनी में आवश्यक वित्तीय संसाधन आएंगे और प्रबंधन में सुधार होगा। निजी निवेशकों का मकसद है कि एयरलाइन को उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं प्रदान करने में सक्षम बनाया जाए और लंबे समय में यह एक लाभकारी व्यवसाय बन सके।

नीलामी के पहले चरण में 75 प्रतिशत हिस्सेदारी पर बोली लगाई जाएगी। दूसरे चरण में सफल बोली लगाने वाले को एक महीने के भीतर बाकी 25 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने का विकल्प मिलेगा। यह प्रक्रिया निवेशकों को पर्याप्त समय और विकल्प देती है कि वे एयरलाइन के भविष्य के लिए जिम्मेदार निवेश कर सकें।

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