मेघालय के फंडिंग मुद्दे पर निर्मला सीतारमण से मिले सीएम कॉनराड संगमा, EAP सीमा बढ़ाने की मांग

मेघालय के सीएम कॉनराड संगमा ने निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर पूर्वोत्तर राज्यो के EAP फंडिंग की सीमा और विनिमय दर से होने वाले लाभ को बनाए रखने का मुद्दा उठाया।

मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर पूर्वोत्तर राज्यों के लिए EAP फंडिंग की सीमा पर चिंता जताई। उन्होंने चल रही परियोजनाओं में विनिमय दर से मिलने वाले लाभ को बनाए रखने की मांग भी उठाई।

शिलांग: मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने सोमवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर राज्य से जुड़े वित्तीय और विकास संबंधी मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में पूर्वोत्तर राज्यों के लिए एक्सटर्नली एडेड प्रोजेक्ट्स (EAP) की सीमा और मौजूदा परियोजनाओं में विनिमय दर से होने वाले लाभ को बनाए रखने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। मुख्यमंत्री ने बैठक को रचनात्मक बताते हुए कहा कि उन्होंने मेघालय और व्यापक पूर्वोत्तर क्षेत्र की प्राथमिकताओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषय केंद्रीय वित्त मंत्री के सामने रखे। उन्होंने निर्मला सीतारमण के धैर्यपूर्वक पक्ष सुनने, मार्गदर्शन देने और मेघालय व पूर्वोत्तर के लिए निरंतर सहयोग के लिए आभार जताया।

EAP फंडिंग की सीमा पर मेघालय की चिंता

बैठक में सबसे अहम मुद्दा पूर्वोत्तर राज्यों के लिए एक्सटर्नली एडेड प्रोजेक्ट्स की सीमा से जुड़ा रहा। EAP ऐसी विकास परियोजनाएं होती हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों या विदेशी विकास एजेंसियों की सहायता से लागू किया जाता है। इन परियोजनाओं के जरिए बुनियादी ढांचे, परिवहन, जल प्रबंधन, शहरी विकास और अन्य क्षेत्रों में बड़े निवेश को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है।

मुख्यमंत्री संगमा ने केंद्र के सामने पूर्वोत्तर राज्यों के लिए EAP फंडिंग पर लागू सीमा को लेकर राज्य की चिंताएं रखीं। मेघालय जैसे पहाड़ी और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण राज्य के लिए बाहरी सहायता से संचालित परियोजनाओं का महत्व काफी अधिक है।

राज्य सरकार का मानना है कि विकास की जरूरतों को देखते हुए वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाना जरूरी है। विशेष रूप से सड़क, जलापूर्ति, शहरी आधारभूत ढांचे और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं में पर्याप्त फंडिंग की आवश्यकता रहती है।

विनिमय दर से होने वाले लाभ का मुद्दा भी उठा

मुख्यमंत्री ने चल रही EAP परियोजनाओं में एक्सचेंज रेट यानी विनिमय दर में बदलाव से होने वाले लाभ को बनाए रखने का मुद्दा भी उठाया।

अंतरराष्ट्रीय सहायता से संचालित परियोजनाओं में फंड की गणना और भुगतान विदेशी मुद्रा तथा भारतीय रुपये के बीच विनिमय दर में बदलाव से प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में विनिमय दर में अनुकूल बदलाव होने पर परियोजनाओं के लिए उपलब्ध संसाधनों में अंतर पैदा हो सकता है।

संगमा ने केंद्र सरकार के सामने इस विषय को उठाते हुए मौजूदा EAP परियोजनाओं से जुड़े वित्तीय लाभ को राज्य के विकास कार्यों में बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। यह मुद्दा परियोजनाओं की लागत, उनके विस्तार और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बैठक को बताया रचनात्मक

केंद्रीय वित्त मंत्री के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री संगमा ने इसे सकारात्मक और रचनात्मक बातचीत बताया। उन्होंने कहा कि राज्य से जुड़े मुद्दों पर वित्त मंत्री ने ध्यानपूर्वक बात सुनी और मार्गदर्शन दिया।

संगमा ने मेघालय के साथ-साथ पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए केंद्र सरकार के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना है कि केंद्र और राज्य के बीच लगातार संवाद से क्षेत्र की विकास संबंधी जरूरतों को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाया जा सकता है।

मेघालय सरकार लंबे समय से राज्य के लिए बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं को गति देने पर जोर देती रही है। पहाड़ी भूगोल, सीमित कनेक्टिविटी और कई क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की जरूरत को देखते हुए राज्य के लिए बाहरी वित्तीय सहायता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

पूर्वोत्तर के विकास में EAP की भूमिका

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में बुनियादी ढांचा तैयार करना कई भौगोलिक और प्रशासनिक चुनौतियों से जुड़ा है। पहाड़ी इलाकों, कठिन भूभाग और कई क्षेत्रों में सीमित परिवहन सुविधाओं के कारण बड़ी परियोजनाओं की लागत और कार्यान्वयन की अवधि प्रभावित हो सकती है।

ऐसे में बाहरी सहायता से मिलने वाली वित्तीय मदद राज्यों को बड़े विकास कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में सहयोग कर सकती है। EAP के तहत मिलने वाली सहायता का इस्तेमाल विभिन्न क्षेत्रों में परियोजनाओं के लिए किया जाता है।

मेघालय के लिए भी ऐसी परियोजनाएं राज्य की अर्थव्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं को मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। राज्य सरकार का जोर कनेक्टिविटी बढ़ाने, शहरी सुविधाओं में सुधार और नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने पर रहा है।

केंद्र-राज्य समन्वय पर जोर

मुख्यमंत्री संगमा की केंद्रीय वित्त मंत्री से मुलाकात को केंद्र और मेघालय सरकार के बीच वित्तीय समन्वय की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा सकता है। बैठक में उठाए गए मुद्दे सीधे तौर पर राज्य में चल रही और प्रस्तावित विकास परियोजनाओं से जुड़े हैं।

राज्य सरकार की कोशिश है कि वित्तीय सीमाओं और परियोजनाओं से जुड़े नियमों के कारण विकास कार्य प्रभावित न हों। इसके लिए केंद्र के साथ लगातार संवाद और नीतिगत स्तर पर समाधान तलाशना जरूरी है।

संगमा ने वित्त मंत्री के समर्थन के लिए आभार जताते हुए कहा कि मेघालय और पूर्वोत्तर की विकास प्राथमिकताओं को लेकर केंद्र से सहयोग मिलता रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उठाए गए मुद्दों पर आगे भी सकारात्मक विचार-विमर्श जारी रहेगा।

मेघालय के लिए आगे की राह

EAP फंडिंग की सीमा और विनिमय दर से जुड़े लाभ का मुद्दा केवल मौजूदा परियोजनाओं तक सीमित नहीं है। भविष्य में राज्य में नई बाहरी सहायता प्राप्त परियोजनाओं की योजना और वित्तीय प्रबंधन पर भी इसका असर पड़ सकता है।

यदि EAP की सीमा से जुड़ी राज्य की चिंताओं का समाधान होता है, तो मेघालय को बड़े विकास कार्यक्रमों के लिए अतिरिक्त वित्तीय अवसर मिल सकते हैं। इससे बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़ी परियोजनाओं को गति देने में मदद मिलने की उम्मीद है।

वहीं, विनिमय दर से होने वाले लाभ को परियोजनाओं के लिए उपलब्ध रखने का मुद्दा पूरा होने की दिशा में बढ़ रही परियोजनाओं की वित्तीय क्षमता को प्रभावित कर सकता है। इसलिए राज्य सरकार इसे वित्तीय प्रबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानती है।

कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की बैठक में मेघालय तथा पूर्वोत्तर के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण वित्तीय विषय सामने आए। अब इन मुद्दों पर केंद्र सरकार के स्तर पर आगे होने वाली कार्रवाई और निर्णय पर राज्य की नजर रहेगी।

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