महाराष्ट्र निकाय चुनाव 2025: पुणे में अजित और शरद पवार मिलाएंगे हाथ, ठाकरे बंधुओं के गठबंधन से कांग्रेस नरम

महाराष्ट्र निकाय चुनाव 2025 में पुणे में अजित पवार और शरद पवार मिल सकते हैं। ठाकरे बंधुओं के गठबंधन के चलते कांग्रेस की प्रतिक्रिया नरम रही। जानिए राजनीतिक

महाराष्ट्र में होने वाले निकाय चुनावों को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने गठबंधन के विकल्प खुले रखे हैं। इसी बीच सत्ताधारी महायुति गठबंधन की सहयोगी अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी, पुणे नगर निकाय चुनाव में शरद पवार की पार्टी एनसीपी (एसपी) के साथ गठबंधन कर सकती है।

मुंबई: महाराष्ट्र में आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य के प्रमुख शहरों—पुणे, मुंबई (बीएमसी) और ठाणे—में गठबंधन की नई-नई संभावनाएं उभर रही हैं। सबसे अहम संकेत पुणे से मिल रहे हैं, जहां अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी और शरद पवार की एनसीपी (एसपी) के बीच गठबंधन की चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं। यह सियासी समीकरण न केवल महायुति और महाविकास अघाड़ी, बल्कि पूरे राज्य की राजनीति को नई दिशा दे सकता है।

पुणे में एनसीपी-एनसीपी (एसपी) की बातचीत

एनसीपी (एसपी) की वरिष्ठ नेता और सांसद सुप्रिया सुले ने इस संभावित गठबंधन के संकेत देते हुए कहा कि दोनों पार्टियां पुणे नगर निगम चुनाव के लिए साथ आने पर विचार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अजित पवार बार-बार यह कहते रहे हैं कि उन्होंने अपनी मूल विचारधारा नहीं छोड़ी है। सुप्रिया सुले के मुताबिक, “फिलहाल हमारा फोकस निकाय चुनाव है और इस संदर्भ में दोनों दलों के नेता आपस में बातचीत कर रहे हैं।

यदि यह गठबंधन साकार होता है, तो यह शरद पवार और अजित पवार के बीच लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक खटास को कम करने की दिशा में बड़ा कदम माना जाएगा।

ठाणे में एनसीपी का अकेले लड़ने का विकल्प

पुणे के उलट ठाणे में तस्वीर थोड़ी अलग नजर आ रही है। एनसीपी प्रवक्ता आनंद परांजपे ने दावा किया है कि भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने ठाणे में सीट बंटवारे को लेकर बातचीत शुरू कर दी है, लेकिन एनसीपी को इसमें शामिल नहीं किया गया। परांजपे के अनुसार, न तो भाजपा और न ही शिवसेना ने पार्टी के जिलाध्यक्ष नजीब मुल्ला से संपर्क किया है। ऐसे में एनसीपी ने ठाणे नगर निगम चुनाव अकेले लड़ने का विकल्प खुला रखा है, हालांकि पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि उन्हें बातचीत के लिए बुलाया गया तो वे तैयार हैं।

महाराष्ट्र की राजनीति में एक और दिलचस्प मोड़ तब आया, जब मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि कांग्रेस पुणे में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के साथ गठबंधन पर पुनर्विचार कर सकती है। हालांकि इससे पहले कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने साफ कहा था कि कांग्रेस कभी भी मनसे के साथ गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने यह भी कहा था कि कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (एसपी) के साथ मजबूती से खड़ी है।

इसके बावजूद, बदलते राजनीतिक समीकरणों और निकाय चुनाव की मजबूरियों के चलते कांग्रेस का रुख नरम पड़ता दिख रहा है, खासकर तब जब ठाकरे बंधुओं ने बीएमसी चुनाव के लिए साथ आने का ऐलान किया है।

बीएमसी चुनाव में भाजपा-शिवसेना की सहमति

बीएमसी चुनाव को लेकर भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के बीच सीट बंटवारे पर लगभग सहमति बन चुकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 227 सीटों वाली बीएमसी में करीब 200 सीटों पर सहमति हो गई है, जबकि शेष सीटों पर भी जल्द फैसला होने की उम्मीद है। इसके बाद महायुति गठबंधन औपचारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीट बंटवारे की घोषणा कर सकता है।

राज्य के बीएमसी समेत 29 नगर निकायों में 15 जनवरी को मतदान होना है और नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ऐसे में आने वाले दिनों में गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर और बड़े ऐलान देखने को मिल सकते हैं।

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