महाराष्ट्र राजनीति में ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा तेज, क्या उद्धव ठाकरे गुट को झटका देने की तैयारी में एकनाथ शिंदे?

महाराष्ट्र राजनीति में ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा तेज हो गई है। सवाल उठ रहा है कि क्या Eknath Shinde गुट, उद्धव ठाकरे को राजनीतिक झटका देने की तैयारी कर रहा है

महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा जोरों पर है। दावा किया जा रहा है कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे उद्धव ठाकरे के 9 में से 7 सांसदों को अपने खेमे में लाने की तैयारी में हैं।

मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde के हालिया दिल्ली दौरे के बाद यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि राज्य की सियासत में बड़ा बदलाव हो सकता है। राजनीतिक गलियारों में “ऑपरेशन टाइगर” नाम से चल रही चर्चाओं के अनुसार, शिंदे गुट कथित तौर पर Uddhav Thackeray के नेतृत्व वाले गुट के कुछ सांसदों को अपने साथ लाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि दोनों पक्षों ने इन दावों से इनकार किया है और इसे अफवाह बताया है।

सात सांसद संपर्क में होने का दावा

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, उद्धव ठाकरे गुट के 6 से 7 सांसद शिंदे गुट के संपर्क में बताए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि इस संभावित राजनीतिक बदलाव को लेकर कानूनी राय भी ली गई है, ताकि अगर कोई बड़ा कदम उठाया जाए तो वह संवैधानिक रूप से मजबूत हो। इन अटकलों के चलते महाराष्ट्र की राजनीति में “ऑपरेशन टाइगर” शब्द चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

शिंदे गुट के नेताओं ने इन खबरों को सिरे से खारिज किया है। मंत्री Uday Samant ने कहा कि किसी भी तरह के ऑपरेशन की जरूरत नहीं है और लोग खुद उनके काम से प्रभावित होकर साथ आना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा केवल विकास से जुड़े मुद्दों के लिए था और इसे राजनीतिक साजिश से जोड़ना गलत है। शिंदे गुट का कहना है कि उनकी सरकार अपने काम के आधार पर मजबूत है और किसी तरह के तोड़फोड़ की राजनीति में विश्वास नहीं करती।

विपक्ष ने बताया अफवाह

उद्धव ठाकरे गुट के वरिष्ठ नेता Sanjay Raut ने इन खबरों को पूरी तरह अफवाह बताया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “दिल्ली की कठपुतलियां टाइगर बनने की कोशिश न करें। वहीं Nana Patole ने भी इन अटकलों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि हर बार जब भी दिल्ली में संसद का सत्र चलता है और राज्य के नेता राजधानी का दौरा करते हैं, तब इस तरह की खबरें सामने आती हैं, लेकिन बाद में कुछ भी साबित नहीं होता।

सूत्रों में जिन सांसदों के नाम चर्चा में बताए जा रहे हैं, उनमें कई प्रमुख नेता शामिल हैं। इनमें अरविंद सावंत, अनिल देसाई, संजय दिना पाटिल, संजय देशमुख, नागेश आष्टिकर, संजय जाधव, राजाभाऊ वाजे, भाऊसाहेब वाकचौरे और ओमप्रकाश निंबालकर जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि इनमें से किसी भी सांसद ने सार्वजनिक रूप से इस तरह की किसी बातचीत या संपर्क की पुष्टि नहीं की है।

दिल्ली दौरे के बाद बढ़ी अटकलें

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एकनाथ शिंदे के दिल्ली दौरे के बाद इन चर्चाओं को और बल मिला है। इससे पहले भी महाराष्ट्र की राजनीति में कई बार अचानक बड़े बदलाव देखने को मिले हैं, इसलिए इस बार भी अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक बयान या कदम सामने नहीं आया है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि वास्तव में कोई राजनीतिक बदलाव होने वाला है या नहीं।

महाराष्ट्र की राजनीति पिछले कुछ वर्षों से लगातार बदलावों के दौर से गुजर रही है। गठबंधन बदलने, दल बदल और नेतृत्व परिवर्तन जैसी घटनाएं यहां नई नहीं हैं। इसी कारण “ऑपरेशन टाइगर” जैसी चर्चाओं को भी गंभीरता से लिया जा रहा है।

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