मलाइका अरोड़ा का खुलासा: बोलीं- 'परिवार ने किया था तलाक के फैसले का विरोध', शादी को लेकर रखी अपनी राय

मलाइका अरोड़ा का खुलासा: बोलीं- 'परिवार ने किया था तलाक के फैसले का विरोध', शादी को लेकर रखी अपनी राय

अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा ने हाल ही में अपनी निजी जिंदगी को लेकर एक बड़ा और बेबाक खुलासा किया है। साल 2017 में अरबाज खान से तलाक लेने के करीब आठ साल बाद मलाइका ने बताया कि उस वक्त उनके इस फैसले का न सिर्फ समाज ने, बल्कि परिवार और करीबी लोगों ने भी विरोध किया था। 

Malaika Arora On Divorce With Arbaaz Khan: इन दिनों तलाक और शादी टूटने की खबरें अधिक सुनने को मिल रही हैं। हालांकि समाज में तलाक को अब धीरे-धीरे स्वीकार किया जाने लगा है, फिर भी देश के कई हिस्सों में यह अभी भी एक टैबू बना हुआ है। अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा भी मानती हैं कि कुछ साल पहले जब उन्होंने पति अरबाज खान से अलग होने और तलाक लेने का फैसला किया था, तब उन्हें परिवार और समाज की ओर से ताने और आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। उनके अनुभव से यह स्पष्ट होता है कि तलाक लेने के फैसले में समाज का दबाव और मानसिक चुनौती अभी भी मौजूद है।

तलाक के फैसले पर उठे थे सवाल

इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में मलाइका ने बताया कि जब उन्होंने अपनी शादी खत्म करने का फैसला लिया, तो उन्हें हर तरफ से आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा,

'मुझे सिर्फ पब्लिक से ही नहीं, बल्कि दोस्तों और परिवार से भी विरोध झेलना पड़ा। मेरे हर फैसले पर सवाल उठाए गए। लेकिन इसके बावजूद मैं अपने फैसले पर कायम रही। मुझे कोई पछतावा नहीं है।'

मलाइका ने स्वीकार किया कि उस समय उन्हें यह भी नहीं पता था कि आगे जिंदगी में क्या होगा—करियर, रिश्ते या समाज की प्रतिक्रिया कैसी होगी। मुझे बस इतना पता था कि मुझे अपने लिए यह कदम उठाना जरूरी है। मेरे लिए खुश रहना सबसे ज्यादा मायने रखता था, लेकिन दुर्भाग्य से कोई इसे समझना नहीं चाहता।

‘अपनी खुशी को प्राथमिकता देना अपराध माना जाता है’

अभिनेत्री ने समाज की उस मानसिकता पर भी सवाल उठाया, जिसमें महिलाओं से यह उम्मीद की जाती है कि वे अपनी खुशी को हमेशा पीछे रखें। मलाइका ने कहा, लोग कहते हैं कि आप अपनी खुशी को सबसे पहले कैसे रख सकती हैं? लेकिन मैं अकेले रहने में ठीक थी। ज्यादा से ज्यादा क्या होता? कुछ समय के लिए काम नहीं मिलता। लेकिन मानसिक शांति मेरे लिए ज्यादा जरूरी थी।”

मलाइका अरोड़ा ने पितृसत्तात्मक सोच पर भी खुलकर बात की। उनका कहना है कि पुरुषों के फैसलों पर समाज उतने सवाल नहीं उठाता, जितने महिलाओं पर उठाए जाते हैं। उन्होंने कहा,

'दुर्भाग्य से ये सवाल पुरुषों से कभी नहीं पूछे जाते। अगर कोई पुरुष अपने करियर या निजी जिंदगी में बड़ा फैसला लेता है, तो उसे स्वीकार कर लिया जाता है। लेकिन अगर कोई महिला पारंपरिक रास्ते से हटकर कुछ करती है, तो वह तुरंत आलोचना का शिकार बन जाती है।'

उनका मानना है कि अगर कोई महिला अपने लिए अलग रास्ता चुनती है और अपनी जिंदगी खुद गढ़ती है, तो वह गलत नहीं बल्कि एक मिसाल कायम कर रही होती है।

शादी को लेकर मलाइका की सोच

इंटरव्यू के दौरान मलाइका ने यह भी साफ किया कि वह आज भी शादी की संस्था में विश्वास रखती हैं, लेकिन इसे जीवन की अनिवार्यता नहीं मानतीं। उन्होंने कहा, मैं शादी में भरोसा करती हूं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यह मेरे लिए ही बनी है। अगर ऐसा होता है, तो अच्छा है, लेकिन मैं इसकी तलाश में नहीं हूं।

मलाइका ने आगे कहा कि वह अपनी जिंदगी से संतुष्ट हैं और प्यार में विश्वास रखती हैं। मुझे प्यार पाना और प्यार देना पसंद है। अगर कोई खूबसूरत रिश्ता मेरे जीवन में स्वाभाविक रूप से आता है, तो मैं उसे अपनाने के लिए तैयार हूं। मलाइका अरोड़ा ने युवाओं को सलाह दी कि वे बहुत कम उम्र में शादी करने की जल्दबाजी न करें। उनका मानना है कि खुद को समझना, आत्मनिर्भर बनना और मानसिक रूप से परिपक्व होना बेहद जरूरी है।

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