Search
  • शिक्षा/कैरियर
  • सामान्य ज्ञान
  • कथा कहानी
logo
  • होम
  • समाचार
  • भारत
  • देश-विदेश
  • खेल-जगत
  • टेक्नोलॉजी
  • बिजनेस
  • धर्म-कर्म
  • मनोरंजन
  • हेल्थ ब्यूटी
  • अन्य

    समाचार

    भारत देश-विदेश बिज़नेस क्राइम खेल जगत सोशल मीडिया मौसम-वातावरण इतिहास बजट

    देश-विदेश

    यूरोप एशिया N R I न्यूज़ अमेरिका - कनाडा

    खेल-जगत

    क्रिकेट फुटबॉल हॉकी अन्य खेल कबड्डी Tennis Paris ओलंपिक्स 2024 वुमन्स क्रिकेट

    बिजनेस

    बाजार अन्य न्यूज़ सोना और चांदी बैंकिंग एंड फाइनेंस

    टेक्नोलॉजी

    मोबाइल गैजेट्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इसरो-नासा अन्य

    धर्म-कर्म

    सामान्य ज्ञान रामायण ज्ञान महाभारत ज्ञान व्रत-त्यौहार पूजा-पाठ राशिफल इतिहास और विरासत

    मनोरंजन

    Box Office Collection बॉलीवुड टीवी शो Bigg Boss मूवी रिव्यू

    हेल्थ ब्यूटी

    घरेलु उपचार-टिप्स पुरुष हेल्थ - टिप्स ब्यूटी - स्किन केयर महिला हेल्थ-टिप्स स्वास्थ्य उपाय

    subkuz स्पेशल

    कथा - कहानियां मुंशी प्रेमचंद-कविताएं मुंशी प्रेमचंद प्रेरक कहानियाँ अजीबोगरीब सपने महान हस्तियां

    शिक्षा-कैरियर

    नौकरी शिक्षा समाचार प्रतियोगी परीक्षाएँ करियर गाइडेंस सक्सेस स्टोरीज

    खान-पान

    उतर-भारतीय पकवान - रेसिपी पंजाबी पकवान - रेसिपी स्वीट-डिश - रेसिपी घरेलु रेसिपी

    सामान्य ज्ञान

    बिज़नेस - बैंकिंग - रोजगार एजुकेशन- जॉब - तैयारी यूरोपियन अविष्कार विरासत - धरोहर विज्ञानं-इतिहास राजा महाराजाओ का इतिहास सामान्य - ज्ञान टेक्नोलॉजी
  • होम
  • समाचार
  • भारत
  • देश-विदेश
  • खेल-जगत
  • टेक्नोलॉजी
  • बिजनेस
  • धर्म-कर्म
  • मनोरंजन
  • हेल्थ ब्यूटी
🎨

Happy Holi 🌈

Subkuz celebrates the festival of colors, joy & togetherness

  • होम
  • धर्म-कर्म
  • इतिहास और विरासत
  • मंदिर की सीढ़ियों पर बैठना क्यों होता है शुभ? जानिए कारण

मंदिर की सीढ़ियों पर बैठना क्यों होता है शुभ? जानिए कारण

मंदिर की सीढ़ियों पर बैठना क्यों होता है शुभ? जानिए कारण
Rahul joya
Rahul joya
Last Updated: Aug 13, 2025, 04:00 AM IST

सनातन धर्म में मंदिर की सीढ़ियों पर बैठना पूजा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार ये भगवान के चरणों के समान होती हैं, जहां बैठकर भक्त मानसिक शांति पाते हैं और मनोकामनाएं जल्दी पूरी होती हैं। यह परंपरा आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत भी है।

मंदिर दर्शन के बाद सीढ़ियों पर बैठना: सनातन धर्म में यह प्रथा काफी पुरानी और महत्वपूर्ण है। मंदिर की सीढ़ियां भगवान के चरणों के समान मानी जाती हैं, इसलिए यहां बैठकर भक्त भगवान के समीप महसूस करते हैं। इस समय भक्तों को मानसिक शांति मिलती है और वे अपनी मनोकामनाओं की प्रार्थना करते हैं। मंदिर की सीढ़ियों पर बैठना न केवल धार्मिक आस्था का हिस्सा है, बल्कि यह आध्यात्मिक ऊर्जा पाने और मन को शुद्ध करने का माध्यम भी है।

मंदिर की सीढ़ियां: भगवान के चरणों की तरह

यह भी पढ़ें:-
  • image

    देशभर में होली की धूम, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीं शुभकामनाएं

  • image

    CJI सूर्यकांत ने T-20 क्रिकेट से दी वकालत की सीख, बोले- 'हर काम में माहिर होना जरूरी नहीं'

  • image

    यूपी में कांशीराम जयंती पर अखिलेश यादव की योजना: क्या दलित वोट बैंक में सपा दोहरा पाएगी 2024 का करिश्मा?

  • image

    पति की 9 हजार सैलरी, पत्नी ने मांगी 12 हजार रुपये की एलिमनी: सुप्रीम कोर्ट ने कहा – 'उधार लेकर भी दें'

सनातन धर्म के शास्त्रों में मंदिर के निर्माण को भगवान के स्वरूप के अनुसार डिजाइन किया जाता है। माना जाता है कि मंदिर का शिखर भगवान का मुख होता है, जबकि नीचे की ओर बनी सीढ़ियां उनके चरणों के समान होती हैं। इसलिए जब भक्त पूजा-अर्चना के बाद मंदिर की सीढ़ियों पर बैठते हैं, तो वे मानते हैं कि वे सीधे भगवान के चरणों के समीप बैठे हैं।

यह स्थिति भक्तों के लिए अत्यंत शुभ और पावन होती है क्योंकि वे उस समय भगवान की उपस्थिति को और अधिक करीब महसूस करते हैं। इस दौरान उनका मन शुद्ध होता है और वे ईश्वर की भक्ति में लीन हो जाते हैं। शास्त्रों के अनुसार, ऐसा करने से भक्तों की मनोकामनाएं जल्दी पूरी होती हैं और उन्हें मानसिक शांति तथा आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है।

मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत

मंदिर की सीढ़ियों पर बैठना केवल परंपरा नहीं बल्कि एक तरह का ध्यान भी है। पूजा के दौरान जो आंतरिक तनाव, चिंताएं और विचार मन में उभरते हैं, वे इस समय बैठकर समाप्त हो जाते हैं। भक्त भगवान के चरणों के समीप बैठकर अपने मन को शांत करते हैं, जिससे उन्हें तनाव मुक्त और प्रसन्नचित्त होने में मदद मिलती है।

यह भी पढ़ें:-
राज्यसभा सीट पर MVA में तकरार, शरद पवार की उम्मीदवारी पर सस्पेंस, आज बैठक में हो सकता है बड़ा फैसला
तेजस्वी यादव के राज्यसभा जाने पर गिरिराज सिंह का बयान: 'हमें मालूम हुआ कि अब यहां से मन ऊब गया है'

यहाँ बैठकर मन के विचार एकाग्र हो जाते हैं और भक्त स्वयं को भगवान के साथ जुड़ा हुआ महसूस करता है। यही कारण है कि मंदिर की सीढ़ियों पर कुछ समय बैठना कई लोगों के लिए ध्यान और शांति का स्रोत बन जाता है। इससे न केवल आध्यात्मिक लाभ होता है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार होता है।

मंदिर की सीढ़ियों पर बैठकर पढ़ा जाने वाला श्लोक

शास्त्रों में मंदिर की सीढ़ियों पर बैठकर एक विशेष श्लोक का जाप करने की भी सलाह दी गई है, जो भक्त के जीवन में सुख, शांति और मोक्ष की प्राप्ति में सहायक होता है। यह श्लोक संस्कृत में इस प्रकार है:

यह भी पढ़ें:-
राज्यसभा चुनाव 2026: उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी का BJP में विलय? जानिए सीटों का खेल
तिरुप्परनकुंद्रम मंदिर दीपक विवाद: सीएम स्टालिन का रुख, पीएम मोदी ने जताई असंवेदनशीलता

अनायासेन मरणम्, बिना दैन्ये जीवनम्।
देहान्त तव सानिध्यम्, देहि मे परमेश्वरम्।।

इस श्लोक का अर्थ है "ऐसा मृत्यु प्राप्त हो जो बिना किसी कष्ट के हो, और ऐसा जीवन मिले जिसमें दुख न हो। हे परमेश्वर! मुझे अपने सान्निध्य में मृत्यु प्राप्त हो।"

इस श्लोक का जाप करते समय श्रद्धा और भक्ति भाव होना अत्यंत आवश्यक है। यह मंत्र भक्त को जीवन और मृत्यु की अनिश्चितताओं से मुक्ति दिलाने का काम करता है और भगवान के सान्निध्य में जीवन बिताने का आशीर्वाद प्रदान करता है।

मंदिर की सीढ़ियों पर बैठना: एक पुरानी परंपरा

मंदिर की सीढ़ियों पर बैठने की परंपरा सदियों पुरानी है। प्राचीन काल में जब लोग मंदिर जाकर पूजा करते थे, तो वे जल्दबाजी में वापस नहीं लौटते थे। पूजा के बाद कुछ समय वे मंदिर के बाहर या सीढ़ियों पर बैठकर अपने मन की बातें भगवान के सामने रखते थे, ध्यान करते थे और मानसिक शांति प्राप्त करते थे।

आज के व्यस्त जीवन में यह परंपरा भले ही कम होती जा रही हो, लेकिन इसके महत्व को समझना आवश्यक है। यह न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है, बल्कि यह एक प्रकार का मन और आत्मा को ताज़गी देने वाला साधन भी है। जो भक्त इसे अपनाते हैं, वे अधिक मानसिक स्थिरता, आध्यात्मिक उन्नति और जीवन में सुख-शांति का अनुभव करते हैं।

यह भी पढ़ें:-
असम विधानसभा चुनाव 2026: कांग्रेस ने जारी की 42 उम्मीदवारों की पहली सूची, गौरव गोगोई को जोरहाट से मिला टिकट
रूस का दावा, भारत ने दिखाई नई दिलचस्पी; होर्मूज संकट से बदलेगा ऊर्जा समीकरण

Leave a comment
Preovious News दिल्ली-एनसीआर में पुराने वाहनों पर रोक फिलहाल नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने दिया बड़ा राहत भरा आदेश
Next News उत्तर भारत में मानसून सक्रिय, यूपी और उत्तराखंड में IMD ने जारी किया रेड अलर्ट, जानिए ताजा मौसम अपडेट
 

Latest Articles

  • Happy Holi 2026 Wishes: नए और खास मैसेज भेजकर मनाएं त्योहार

    Happy Holi 2026 Wishes: नए और खास मैसेज भेजकर मनाएं त्योहार

  • होली 2026 पर ब्लड मून, जानें चंद्र ग्रहण के समय सुरक्षित तरीके से कैसे मनाएं त्योहार

    होली 2026 पर ब्लड मून, जानें चंद्र ग्रहण के समय सुरक्षित तरीके से कैसे मनाएं त्योहार

  • Falgun Purnima 2026: इस पूर्णिमा पर करें खास उपाय, मान्यता है पितृ दोष होता है शांत

    Falgun Purnima 2026: इस पूर्णिमा पर करें खास उपाय, मान्यता है पितृ दोष होता है शांत

  • Holi 2026: होलिका दहन के बाद इन स्थानों पर दीप जलाने की है परंपरा, जानें महत्व

    Holi 2026: होलिका दहन के बाद इन स्थानों पर दीप जलाने की है परंपरा, जानें महत्व

  • होलिका दहन 2026: होली से पहले घर में अपनाएं ये वास्तु उपाय

    होलिका दहन 2026: होली से पहले घर में अपनाएं ये वास्तु उपाय

यह भी पढ़ें

  • Happy Holi 2026 Wishes: नए और खास मैसेज भेजकर मनाएं त्योहार

    Happy Holi 2026 Wishes: नए और खास मैसेज भेजकर मनाएं त्योहार

  • होली 2026 पर ब्लड मून, जानें चंद्र ग्रहण के समय सुरक्षित तरीके से कैसे मनाएं त्योहार

    होली 2026 पर ब्लड मून, जानें चंद्र ग्रहण के समय सुरक्षित तरीके से कैसे मनाएं त्योहार

  • Falgun Purnima 2026: इस पूर्णिमा पर करें खास उपाय, मान्यता है पितृ दोष होता है शांत

    Falgun Purnima 2026: इस पूर्णिमा पर करें खास उपाय, मान्यता है पितृ दोष होता है शांत

  • Holi 2026: होलिका दहन के बाद इन स्थानों पर दीप जलाने की है परंपरा, जानें महत्व

    Holi 2026: होलिका दहन के बाद इन स्थानों पर दीप जलाने की है परंपरा, जानें महत्व

  • होलिका दहन 2026: होली से पहले घर में अपनाएं ये वास्तु उपाय

    होलिका दहन 2026: होली से पहले घर में अपनाएं ये वास्तु उपाय

subkuz logo

Subkuz.com is the first in the world to publish local content in all major cities in the world. it is world first multicity portal now live with 151 cities. subkuz.com provides news of your local city in Hindi with Indian and world news.

Quick Links

  • Finland News
  • Sports News
  • General Knowledge
  • Women Health Tips
  • Cricket News
  • Bollywood News
  • Subkuz Special

Top City News

  • Helsinki Hindi News
  • Mumbai Hindi News
  • Delhi Hindi News
  • New York Hindi News
  • London Hindi News
  • Sydney Hindi News
  • Tokyo Hindi News

Other Links

  • Success Stories in Hindi
  • Paris Hindi News
  • International News in Hindi
  • India Hindi News
  • Male Health Tips

Quick Links

  • होम
  • About Us
  • हमारे मदतगारों और सामग्री
    भेजनेवालों के लिए निर्देश
Download on the App Store Download on the Google Play
@ 2026 Subkuz All Rights Reserved.
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
Select City

We use cookies to personalise content and ads, and to analyse our traffic. We also share information about your use of our site with Google Ads and Google Analytics. By clicking "Accept All", you agree to the use of cookies for ads, analytics, and personalization.