आईआईटी दिल्ली ने मटेरियल इंजीनियरिंग को आसान और रोचक बनाने के लिए डीएमएसई – डिस्कवरी ऑफ मटेरियल सफारी एक्सपीरियंस नामक कॉमिक ब्रोशर लॉन्च किया है। इसमें प्रोफेसर पदार्थ नामक किरदार छात्रों और आम पाठकों को सामग्री विज्ञान की जटिल अवधारणाओं को सरल और इंटरैक्टिव तरीके से समझाता है। यह पहल STEM शिक्षा को रोचक और व्यावहारिक बनाने की दिशा में एक नया कदम है।
IIT Delhi New Initiative: मटेरियल इंजीनियरिंग को रोचक बनाने के लिए संस्थान ने डीएमएसई – डिस्कवरी ऑफ मटेरियल सफारी एक्सपीरियंस नामक कॉमिक ब्रोशर तैयार किया है। यह कॉमिक छात्रों और आम पाठकों को सामग्री विज्ञान के जटिल विषयों को आसान भाषा में समझाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। प्रोफेसर पदार्थ नामक किरदार पाठकों को विज्ञान की दुनिया में मजेदार तरीके से गाइड करता है, जिससे STEM शिक्षा अधिक इंटरैक्टिव और व्यावहारिक बनती है।
कॉमिक ब्रोशर की खासियत
आईआईटी दिल्ली का यह कॉमिक ब्रोशर कठिन विषयों को आसान भाषा में पेश करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसका उद्देश्य मटेरियल इंजीनियरिंग जैसे जटिल विषय को छात्रों और आम पाठकों के लिए सरल और इंटरैक्टिव बनाना है।
कॉमिक में जंगल सफारी की थीम का उपयोग किया गया है। इस थीम के माध्यम से छात्र धातु, सिरेमिक, पॉलिमर, स्मार्ट मटेरियल और डेटा साइंस जैसी विभिन्न तकनीकी अवधारणाओं को एक मजेदार और आकर्षक तरीके से सीख सकते हैं।

विज्ञान का मजेदार गाइड
कॉमिक ब्रोशर का सबसे बड़ा आकर्षण है प्रोफेसर पदार्थ। यह किरदार छात्र और पाठकों को सामग्री विज्ञान की दुनिया में ले जाता है और कठिन अवधारणाओं को सरल और मनोरंजक तरीके से समझाता है।
प्रोफेसर पदार्थ की मदद से छात्र मटेरियल साइंस के कॉन्सेप्ट्स को अपने रोजमर्रा के जीवन से जोड़कर देख सकते हैं। इससे विषय का अध्ययन ज्यादा सहज और तार्किक बन जाता है।
भविष्य की कॉमिक सीरीज और उद्देश्य
आईआईटी दिल्ली ने संकेत दिया है कि यह केवल शुरुआत है। आने वाले समय में पूरी कॉमिक किताबें प्रकाशित की जाएंगी, जिनमें विभाग के रिसर्च, प्रोजेक्ट और शिक्षा कार्य को सरल भाषा में प्रस्तुत किया जाएगा।
विभाग प्रमुख जयंत जैन के अनुसार, इस पहल का लक्ष्य STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स) को छात्रों और आम लोगों के लिए रोचक और प्रेरणादायक बनाना है। इससे विज्ञान को समझने की प्रक्रिया अधिक इंटरैक्टिव और प्रभावी होगी।
छात्रों पर प्रभाव और शिक्षा में बदलाव
प्रोफेसर आर नारायण के अनुसार, इस पहल से छात्र पदार्थों और मटेरियल विज्ञान को अपने जीवन से जोड़कर देख पाएंगे। इससे विषय को समझना आसान होगा और छात्र विज्ञान के मूल सिद्धांतों को बेहतर तरीके से आत्मसात कर सकेंगे।
कॉमिक स्टाइल अध्ययन न केवल ज्ञानवर्धक है, बल्कि छात्रों में विज्ञान के प्रति रुचि और सोचने-समझने की क्षमता को भी बढ़ाता है।










