मुंबई यूनिवर्सिटी में शुरू हुआ अप्रेंटिसशिप वाला BE कोर्स, 1260 घंटे की ट्रेनिंग पर मिलेंगे 42 क्रेडिट

: मुंबई यूनिवर्सिटी के Embedded BE Programme में फाइनल ईयर के चयनित छात्रों को 1260 घंटे की अप्रेंटिसशिप और 42 अकादमिक क्रेडिट मिलेंगे।

मुंबई यूनिवर्सिटी ने इंजीनियरिंग छात्रों के लिए एक साल की अप्रेंटिसशिप वाला Embedded BE Degree Programme शुरू किया है। इसमें फाइनल ईयर के चयनित छात्रों को 1260 घंटे की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और 42 अकादमिक क्रेडिट मिलेंगे।

मुंबई: मुंबई यूनिवर्सिटी ने इंजीनियरिंग छात्रों को पढ़ाई के साथ इंडस्ट्री का प्रैक्टिकल अनुभव देने के लिए अप्रेंटिसशिप वाला BE डिग्री कोर्स शुरू किया है। इस Embedded Programme के तहत सातवें और आठवें सेमेस्टर में छात्रों को एक साल की ट्रेनिंग दी जाएगी। छात्रों को कम से कम 1260 घंटे का प्रैक्टिकल अनुभव हासिल करना होगा, जिसके लिए उन्हें 42 अकादमिक क्रेडिट मिलेंगे।

फाइनल ईयर में कर सकेंगे अप्रेंटिसशिप

मुंबई यूनिवर्सिटी ने क्लासरूम एजुकेशन और इंडस्ट्री की जरूरतों के बीच अंतर कम करने के उद्देश्य से यह नया BE Programme शुरू किया है। यह कोर्स साइंस और टेक्नोलॉजी फैकल्टी के तहत शुरू किया गया है और इसका ढांचा National Education Policy यानी NEP 2020 के लक्ष्यों तथा AICTE की गाइडलाइंस के अनुरूप तैयार किया गया है।

इस Programme में BE के अंतिम वर्ष में पढ़ने वाले छात्र शामिल हो सकेंगे। सातवें और आठवें सेमेस्टर के दौरान उन्हें अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग करने का मौका मिलेगा। इसका उद्देश्य छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही वास्तविक इंडस्ट्री एनवायरमेंट से परिचित कराना है।

ट्रेनिंग के दौरान छात्रों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि कॉलेज में सीखी गई इंजीनियरिंग की जानकारी को वास्तविक प्रोजेक्ट्स, तकनीकी प्रक्रियाओं और रोजमर्रा के इंडस्ट्री ऑपरेशन्स में किस तरह इस्तेमाल किया जाता है।

1260 घंटे की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग

अप्रेंटिसशिप Embedded BE Programme के तहत छात्रों को कम से कम 1260 घंटे की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पूरी करनी होगी। ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी करने पर छात्रों को उनके BE Programme के तहत 42 अकादमिक क्रेडिट दिए जाएंगे।

इस व्यवस्था से छात्रों को केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित रहने के बजाय काम के वास्तविक माहौल में तकनीकी और प्रोफेशनल स्किल्स विकसित करने का अवसर मिलेगा। इससे डिग्री पूरी करने के बाद इंडस्ट्री में प्रवेश करने वाले छात्रों के लिए जरूरी Practical Exposure पहले से हासिल करना संभव होगा।

सिर्फ 15% छात्रों को मिलेगा मौका

मुंबई यूनिवर्सिटी के इस Programme में BE के अंतिम वर्ष के सभी छात्रों को शामिल होने का मौका नहीं मिलेगा। कुल फाइनल ईयर छात्रों में से अधिकतम 15% छात्र ही Apprenticeship Embedded BE Degree Programme के लिए चुने जाएंगे।

इसके लिए छात्रों को पांचवें सेमेस्टर के अंत तक कम से कम 6.75 CGPA हासिल करना जरूरी होगा। चयन प्रक्रिया Merit के आधार पर होगी और अधिक CGPA वाले छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।

इन छात्रों को नहीं मिलेगा अप्रेंटिसशिप रूट

जो छात्र Honours, Minor या Research के साथ Honours Programme कर रहे हैं, वे इस Apprenticeship Route के लिए पात्र नहीं होंगे।

इस Programme का उद्देश्य ऐसे इंजीनियरिंग छात्रों को तैयार करना है, जिन्हें डिग्री के साथ-साथ इंडस्ट्री में काम करने की व्यावहारिक समझ भी हो। इससे छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी के लिए जरूरी Technical और Professional Skills विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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