Munmun Dutta का छलका दर्द, इंडस्ट्री में महिलाओं को कम क्रेडिट मिलने पर उठाए सवाल

तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ की अभिनेत्री मुनमुन दत्ता ने मनोरंजन जगत में महिलाओं को मिलने वाले कम क्रेडिट पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक योगदान

लोकप्रिय टीवी शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में बबीता जी का किरदार निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाली अभिनेत्री मुनमुन दत्ता ने शो में महिलाओं के योगदान को लेकर अपनी बात रखी है।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: भारतीय टेलीविजन के सबसे लोकप्रिय कॉमेडी शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में बबीता जी का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री मुनमुन दत्ता एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनका कोई ऑन-स्क्रीन किरदार नहीं, बल्कि मनोरंजन उद्योग में महिलाओं की भूमिका और उन्हें मिलने वाली पहचान पर दिया गया बयान है।

शो के 18 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुनमुन दत्ता ने खुलकर कहा कि मनोरंजन जगत में कई बार महिलाओं के योगदान को उतनी पहचान नहीं मिलती, जितनी वे वास्तव में डिजर्व करती हैं। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि लंबे समय से चल रहे शो की सफलता में महिला कलाकारों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी पुरुष कलाकारों की।

महिलाओं के योगदान को लेकर मुनमुन की स्पष्ट राय

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुनमुन दत्ता ने कहा कि वह खुद को एक मजबूत फेमिनिस्ट मानती हैं और हमेशा महिलाओं को आगे बढ़ते देखने में विश्वास रखती हैं। उनके अनुसार, किसी भी कार्यस्थल पर प्रतिस्पर्धा से अधिक सहयोग की भावना जरूरी होती है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी अपनी महिला सह-कलाकारों को प्रतियोगी के रूप में नहीं देखा। 

इसके बजाय, वह उन्हें सहयोगी और प्रेरणादायक साथी मानती हैं। मुनमुन का मानना है कि यदि महिलाओं को आगे बढ़ना है तो उन्हें एक-दूसरे का समर्थन करना होगा।

‘तारक मेहता’ की महिला कलाकारों की तारीफ

मुनमुन दत्ता ने ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में काम कर रही अपनी महिला सह-कलाकारों की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि शो में शामिल हर कलाकार अपनी भूमिका को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाता है। उनके अनुसार, गोकुलधाम सोसाइटी की महिलाओं का किरदार निभाने वाली अभिनेत्रियां प्रतिभाशाली, मेहनती और पेशेवर हैं। उन्होंने कहा कि उनके साथ काम करने का अनुभव हमेशा सकारात्मक और प्रेरणादायक रहा है।

मुनमुन ने यह भी कहा कि शो में हाल के वर्षों में शामिल हुए नए कलाकार भी बेहतरीन काम कर रहे हैं और उन्होंने शो की लोकप्रियता बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

‘महिलाओं को हमेशा पूरा श्रेय नहीं मिलता’

अपने बयान में मुनमुन दत्ता ने मनोरंजन उद्योग की एक बड़ी चुनौती की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि कई बार महिलाओं के काम को कम आंका जाता है या उन्हें उनके योगदान के अनुपात में पहचान नहीं मिलती। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका यह बयान किसी एक विशेष संस्था या शो के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक सामाजिक और पेशेवर अनुभव का हिस्सा है।

उनका कहना था कि महिलाएं अपने किरदारों में गहराई, भावनात्मक जुड़ाव और रचनात्मकता जोड़ती हैं, लेकिन कई बार उनकी मेहनत पर उतनी चर्चा नहीं होती जितनी होनी चाहिए।

शो की सफलता में महिला किरदारों की अहम भूमिका

मुनमुन दत्ता ने कहा कि ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ की लोकप्रियता केवल कुछ चुनिंदा किरदारों की वजह से नहीं, बल्कि पूरी टीम के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शो में महिला किरदारों का योगदान भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना पुरुष पात्रों का। चाहे वह बबीता जी हों, दया बेन, माधवी भाभी, रोशन सोढ़ी या अन्य महिला पात्र, सभी ने शो को दर्शकों के दिलों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।

28 जुलाई को ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ ने अपने प्रसारण के 18 वर्ष पूरे किए। यह उपलब्धि भारतीय टेलीविजन इतिहास में बेहद खास मानी जाती है। शो लगातार लगभग दो दशकों से दर्शकों का मनोरंजन कर रहा है और आज भी इसकी लोकप्रियता बनी हुई है। मुनमुन दत्ता का मानना है कि इस सफलता का सबसे बड़ा कारण कलाकारों के बीच आपसी सम्मान, सहयोग और प्रोफेशनलिज्म है। उन्होंने कहा कि पूरी टीम हर दिन अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करती है और यही शो की सबसे बड़ी ताकत है।

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