मुजफ्फरपुर का टॉप-10 वांछित बदमाश राजेश भगत पटना से गिरफ्तार, दिल्ली भागने की थी तैयारी

मुजफ्फरपुर के टॉप-10 वांछित बदमाश राजेश भगत को बिहार STF ने पटना से गिरफ्तार किया। वह दिल्ली भागने की तैयारी में था, पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है
मुजफ्फरपुर का टॉप-10 वांछित बदमाश राजेश भगत पटना से गिरफ्तार, दिल्ली भागने की थी तैयारी
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मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर पुलिस की टॉप-10 वांछित अपराधियों की सूची में शामिल राजेश भगत को बिहार एसटीएफ ने पटना से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, राजेश भगत लंबे समय से फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। वह कथित तौर पर दिल्ली भागने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही STF की टीम ने उसे दबोच लिया।

राजेश भगत की गिरफ्तारी को मुजफ्फरपुर पुलिस के लिए महत्वपूर्ण कामयाबी माना जा रहा है। वह जिले के टॉप-10 वांछित अपराधियों में शामिल था। लंबे समय से फरार रहने के कारण पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। इस दौरान उसके संभावित ठिकानों और संपर्कों पर नजर रखी जा रही थी।

पुलिस को सूचना मिली कि राजेश भगत मुजफ्फरपुर से बाहर निकलकर पटना पहुंचा है। यहां से वह अपना ठिकाना बदलने या दूसरे राज्य की ओर जाने की तैयारी में था। इसी इनपुट के आधार पर बिहार एसटीएफ ने कार्रवाई की और उसे पटना से गिरफ्तार कर लिया।

बताया जा रहा है कि राजेश भगत दिल्ली जाने की तैयारी में था। अगर वह बिहार से बाहर निकलने में कामयाब हो जाता तो उसकी गिरफ्तारी और मुश्किल हो सकती थी। लेकिन STF ने समय रहते कार्रवाई करते हुए उसकी योजना को नाकाम कर दिया।

गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि इतने लंबे समय तक वह किन लोगों की मदद से फरार रहा और उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे। उसके मोबाइल फोन और दूसरे सामान की भी जांच की जा सकती है।

पुलिस यह भी पता लगाने में जुटेगी कि राजेश भगत ने फरारी के दौरान किन-किन स्थानों पर शरण ली थी। उसके संपर्क में रहे लोगों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है। यदि किसी व्यक्ति ने जानबूझकर उसे छिपाने या पुलिस से बचाने में मदद की है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई संभव है।

राजेश भगत को टॉप-10 वांछित अपराधियों की सूची में रखा गया था। ऐसे अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की ओर से विशेष अभियान चलाया जाता है। STF को भी उसकी गतिविधियों और संभावित ठिकानों के बारे में इनपुट उपलब्ध कराए गए थे।

पटना से गिरफ्तारी होने के बाद अब उसे मुजफ्फरपुर लाकर संबंधित मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस उसके खिलाफ दर्ज पुराने मामलों की जानकारी जुटाकर यह भी देखेगी कि किन मामलों में वह वांछित था और उसके खिलाफ पहले से कौन-कौन से वारंट या अन्य कानूनी आदेश जारी थे।

राजेश भगत के फरार रहने के दौरान उसके आपराधिक नेटवर्क की भी जांच की जा सकती है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि क्या वह अकेले ही फरारी काट रहा था या उसके साथ अन्य अपराधी भी जुड़े हुए थे।

अधिकारियों के लिए अब उसकी गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ महत्वपूर्ण होगी। पूछताछ में सामने आने वाली जानकारी से पुलिस को अन्य फरार आरोपियों तक पहुंचने में भी मदद मिल सकती है। खासकर यदि उसने किसी संगठित गिरोह के साथ काम किया है तो उसके नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान की जा सकती है।

मुजफ्फरपुर में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। हाल के दिनों में जिले में विशेष अभियान के दौरान बड़ी संख्या में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। स्वतंत्रता दिवस से पहले भी मुजफ्फरपुर पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर 342 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें 190 को न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

राजेश भगत की गिरफ्तारी इसी व्यापक अभियान के बीच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। टॉप-10 वांछित अपराधी की गिरफ्तारी से पुलिस को जिले में सक्रिय अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने में मदद मिल सकती है।

पुलिस अब यह भी जांच कर सकती है कि राजेश भगत के पास से कोई आपत्तिजनक सामान, दस्तावेज या ऐसा डिजिटल साक्ष्य मिला है या नहीं, जिससे उसके अन्य मामलों से जुड़े सुराग मिल सकें। मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिलने पर उनकी तकनीकी जांच कराई जा सकती है।

फिलहाल पुलिस की ओर से गिरफ्तारी की पूरी जानकारी और राजेश भगत के खिलाफ दर्ज सभी मामलों का विस्तृत ब्योरा सामने आना बाकी है। जांच आगे बढ़ने के साथ उसके आपराधिक रिकॉर्ड और फरारी के दौरान उसकी गतिविधियों से जुड़े और तथ्य सामने आ सकते हैं।

सबसे अहम बात यह है कि दिल्ली भागने से पहले ही राजेश भगत STF के हत्थे चढ़ गया। अब पुलिस की पूछताछ से यह पता चलेगा कि वह दिल्ली क्यों जाना चाहता था, वहां उसका कौन संपर्क था और क्या वह किसी अन्य आपराधिक गतिविधि की योजना बना रहा था।

राजेश भगत की गिरफ्तारी के बाद मुजफ्फरपुर पुलिस की टॉप-10 वांछित सूची में शामिल अन्य अपराधियों पर भी कार्रवाई की उम्मीद बढ़ गई है। पुलिस के सामने अब बाकी फरार अपराधियों को पकड़ने और उनके नेटवर्क को तोड़ने की चुनौती है।

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