चतरा के संजीत कुमार ने झारखंड में नौकरी करने की उम्मीद में रेलवे की नौकरी छोड़ दी थी। JSSC CGL में सफलता के बाद उनका सपना पूरा होने वाला था, लेकिन परीक्षा रद्द होने से अब उनके सामने दोबारा रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।
चतरा: झारखंड में सरकारी नौकरी का सपना पूरा करने के लिए रेलवे की नौकरी छोड़ने वाले इटखोरी निवासी संजीत कुमार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्होंने वर्षों की तैयारी के बाद JSSC CGL परीक्षा में सफलता हासिल की थी और अपने राज्य में नौकरी की उम्मीद में रेलवे से इस्तीफा दिया ।
झारखंड में नौकरी के लिए रेलवे छोड़ी
चतरा के इटखोरी निवासी संजीत कुमार ने झारखंड में अपने परिवार के साथ रहकर नौकरी करने की उम्मीद में रेलवे की नौकरी छोड़ दी थी। वह गुवाहाटी में रेलवे में कार्यरत थे और वर्ष 2017 से नौकरी के साथ JSSC CGL परीक्षा की तैयारी कर रहे थे।

नौकरी के साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करना उनके लिए आसान नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने लगातार मेहनत जारी रखी। कई वर्षों की तैयारी और संघर्ष के बाद उन्होंने JSSC CGL परीक्षा में सफलता हासिल की।
परीक्षा में सफल होने के बाद संजीत को भरोसा था कि अब वह अपने गृह राज्य झारखंड में सरकारी नौकरी कर सकेंगे। इसी उम्मीद में उन्होंने रेलवे की नौकरी छोड़ने का फैसला किया।
परीक्षा रद्द होने से फिर रोजगार का संकट
JSSC CGL परीक्षा रद्द होने के बाद संजीत के सामने एक बार फिर रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। जिस परीक्षा में सफलता को उन्होंने अपने वर्षों के संघर्ष का परिणाम माना था, उसके रद्द होने से उनका भविष्य अनिश्चित हो गया है।
संजीत का कहना है कि रेलवे की नौकरी छोड़ने का फैसला उन्होंने झारखंड में अपने परिवार के साथ रहने और राज्य में नौकरी करने की इच्छा के कारण लिया था। परीक्षा में सफलता मिलने के बाद उन्हें लगा था कि उनका सपना पूरा हो गया है, लेकिन परीक्षा रद्द होने से उनकी उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।
उनके परिवार ने भी उनकी तैयारी के दौरान पूरा सहयोग किया था। वर्षों की मेहनत के बाद जब परीक्षा में सफलता मिली तो परिवार में खुशी का माहौल था। अब परीक्षा रद्द होने के फैसले से परिवार के लोग भी निराश हैं।
संजीत ने सरकार से मांगा उचित समाधान
संजीत ने सरकार से अभ्यर्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मामले का उचित समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
उनका कहना है कि किसी भी अनियमितता के लिए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है, लेकिन जिन अभ्यर्थियों ने ईमानदारी से परीक्षा की तैयारी की और सफलता हासिल की, उनके भविष्य को प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए।
संजीत का मामला उन सफल अभ्यर्थियों की चिंता को सामने लाता है, जिन्होंने JSSC CGL में सफलता मिलने के बाद अपने रोजगार और भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए थे। परीक्षा रद्द होने के बाद अब ऐसे अभ्यर्थी सरकार से अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।










