एन चंद्रशेखरन का वेतन 8 साल में 188% बढ़ा, टाटा संस का मुनाफा 11.9% घटा

एन चंद्रशेखरन का पारिश्रमिक 8 साल में 55.11 करोड़ से बढ़कर 158.66 करोड़ रुपये हुआ, जबकि टाटा संस का समायोजित मुनाफा 11.9% घटा।

टाटा संस के निवर्तमान चेयरमैन एन चंद्रशेखरन का सालाना पारिश्रमिक वित्त वर्ष 2017-18 से 2025-26 के बीच 55.11 करोड़ से बढ़कर 158.66 करोड़ रुपये हो गया। इसी अवधि में टाटा संस का समायोजित शुद्ध मुनाफा 11.9% घटा।

जमशेदपुर: टाटा संस के निवर्तमान चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के पारिश्रमिक और कंपनी के मुनाफे के आंकड़ों में बड़ा अंतर सामने आया है। वित्त वर्ष 2017-18 से 2025-26 के बीच उनका सालाना पैकेज करीब 188% बढ़कर 158.66 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, इसी अवधि में टाटा संस का समेकित समायोजित शुद्ध मुनाफा 20,344 करोड़ रुपये से घटकर 17,923 करोड़ रुपये रह गया।

आठ साल में 55.11 करोड़ से बढ़कर 158.66 करोड़ हुआ पैकेज

एन चंद्रशेखरन के चेयरमैन पद के पहले पूर्ण वर्ष यानी वित्त वर्ष 2017-18 में उनका कुल पारिश्रमिक 55.11 करोड़ रुपये था। इसमें करीब 47 करोड़ रुपये कमीशन के रूप में शामिल थे।

इसके बाद वित्त वर्ष 2018-19 में उनका पारिश्रमिक बढ़कर 65.52 करोड़ रुपये हो गया। महामारी से प्रभावित वित्त वर्ष 2019-20 और 2020-21 में यह करीब 58-58 करोड़ रुपये रहा।

वित्त वर्ष 2021-22 में उनके पारिश्रमिक में बड़ा उछाल आया और यह 109 करोड़ रुपये पहुंच गया। इसके बाद वित्त वर्ष 2022-23 में 113 करोड़, 2023-24 में 135.32 करोड़ और 2024-25 में 155.81 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2025-26 में यह रिकॉर्ड 158.66 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

कुल वेतन का 89% हिस्सा कमीशन से

वित्त वर्ष 2025-26 में चंद्रशेखरन को मिले 158.66 करोड़ रुपये के कुल पैकेज में फिक्स्ड सैलरी और भत्तों की हिस्सेदारी 17.97 करोड़ रुपये यानी करीब 11% थी।

बाकी 140.69 करोड़ रुपये, यानी कुल पारिश्रमिक का करीब 89%, मुनाफा-आधारित कमीशन के रूप में मिला। आठ वर्षों के दौरान उनके पारिश्रमिक में करीब 14.1% की वार्षिक चक्रवृद्धि वृद्धि दर दर्ज हुई।

टाटा संस के मुनाफे में 11.9% की गिरावट

चंद्रशेखरन के पारिश्रमिक में तेज वृद्धि के विपरीत, इसी अवधि में टाटा संस के समेकित समायोजित शुद्ध मुनाफे में 11.9% की गिरावट आई। वित्त वर्ष 2017-18 में यह मुनाफा 20,344 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में घटकर 17,923 करोड़ रुपये रह गया।

इस तरह आठ वर्षों के दौरान चेयरमैन के पारिश्रमिक की वृद्धि और टाटा संस के मुनाफे के प्रदर्शन में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है।

सूचीबद्ध कंपनियों के मुनाफे से भी तेज रही वेतन वृद्धि

टाटा समूह की सूचीबद्ध कंपनियों का कुल शुद्ध मुनाफा वित्त वर्ष 2018 के 44,786.5 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 90,698 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान इसमें करीब 9.2% की वार्षिक चक्रवृद्धि वृद्धि दर रही।

वहीं, चंद्रशेखरन के पारिश्रमिक की CAGR 14.1% रही। यानी उनकी वेतन वृद्धि दर टाटा समूह की सूचीबद्ध कंपनियों के कुल लाभ की वृद्धि दर से भी अधिक रही।

उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर, चंद्रशेखरन के पारिश्रमिक में वृद्धि और टाटा संस के मुनाफे में बदलाव के बीच इस अवधि में उल्लेखनीय अंतर देखने को मिलता है।

Leave a comment