नंदीग्राम-रेजिनगर उपचुनाव में प्रचार का आखिरी दिन, 6 अक्टूबर को वोटिंग; 9 को आएगा रिजल्ट

उप चुनाव: नंदीग्राम और रेजिनगर उपचुनाव के लिए 4 अक्टूबर को प्रचार खत्म होगा। दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को चुनाव परिणाम घोषित होंगे।

पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए रविवार को प्रचार का आखिरी दिन है। दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। दोनों क्षेत्रों में राजनीतिक दलों ने प्रचार तेज कर दिया है।

नंदीग्राम: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार रविवार, 4 अक्टूबर को समाप्त हो जाएगा। दोनों सीटों पर मंगलवार, 6 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि मतगणना और चुनाव परिणाम 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। प्रचार के आखिरी दिन राजनीतिक दल मतदाताओं तक पहुंचने और अपने उम्मीदवारों के पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं। नंदीग्राम में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला प्रमुख रूप से चर्चा में है, जबकि रेजिनगर में कई दलों और उम्मीदवारों के मैदान में होने से मुकाबला बहुकोणीय हो गया है।

नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान ने कलकत्ता हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद गुरुवार से चुनाव प्रचार शुरू किया था। वह प्रचार से छूटे समय की भरपाई करने के लिए लगातार मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं। प्रधान को 18 सितंबर को नंदीग्राम में 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े छह मामलों में गिरफ्तार किया गया था।

नंदीग्राम में कांग्रेस और भाजपा के बीच मुकाबला

मिलन प्रधान नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों का दौरा कर मतदाताओं से समर्थन मांग रहे हैं। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन कांग्रेस अपने अभियान को अधिक से अधिक मतदाताओं तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है।

दूसरी ओर, भाजपा उम्मीदवार हासिरानी रथ भी लगातार चुनाव प्रचार में सक्रिय हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की ओर से उनके समर्थन में आयोजित रैलियों और चुनावी कार्यक्रमों ने भाजपा के अभियान को और गति दी है।

नंदीग्राम का उपचुनाव राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मतदान से पहले दोनों प्रमुख दल अंतिम दौर में मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं। प्रचार समाप्त होने के बाद उम्मीदवारों और दलों का ध्यान मतदान की तैयारियों पर केंद्रित हो जाएगा।

चंद्रनाथ रथ की मां की उम्मीदवारी भी चर्चा में

नंदीग्राम उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार हासिरानी रथ की उम्मीदवारी भी राजनीतिक चर्चा का विषय रही है। वह मुख्यमंत्री अधिकारी के करीबी रहे चंद्रनाथ रथ की मां हैं।

चंद्रनाथ रथ की पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के ठीक दो दिन बाद हत्या कर दी गई थी। इसके बाद उनकी मां को उपचुनाव में उम्मीदवार बनाया गया। कांग्रेस ने उनकी उम्मीदवारी को कलकत्ता हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।

कांग्रेस की याचिका में उनकी उम्र और दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के वर्ष को लेकर कथित विसंगतियों का आरोप लगाया गया था। हालांकि, अदालत ने इस याचिका को खारिज कर दिया और उनकी उम्मीदवारी को चुनौती देने वाली याचिका स्वीकार नहीं की।

मुख्यमंत्री अधिकारी रविवार को नंदीग्राम में हासिरानी रथ के समर्थन में चुनावी रैलियां कर रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस के अलावा वामपंथी दल, आईएसएफ और ऋतब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाली लोकतांत्रिक तृणमूल कांग्रेस भी चुनाव मैदान में है।

रेजिनगर में बहुकोणीय मुकाबला

मुर्शिदाबाद जिले की रेजिनगर विधानसभा सीट पर चुनावी मुकाबला नंदीग्राम से अलग तस्वीर पेश कर रहा है। यहां भाजपा, कांग्रेस, आम जनता उन्नयन पार्टी यानी AJUP और तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों के बीच बहुकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है।

रेजिनगर में भी रविवार को चुनाव प्रचार अपने अंतिम चरण में पहुंच गया। उम्मीदवार और राजनीतिक दल आखिरी दिन मतदाताओं से संपर्क कर अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

इस सीट पर चुनावी प्रक्रिया के दौरान एक निर्दलीय उम्मीदवार की गिरफ्तारी भी चर्चा में रही। उसे पिछले महीने 2021 के राज्य विधानसभा चुनाव के दौरान दो गुटों के बीच हुई झड़प से जुड़े पांच साल पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया था।

रेजिनगर में कई राजनीतिक दलों की मौजूदगी के कारण मुकाबला अधिक प्रतिस्पर्धी बन गया है। अंतिम परिणाम यह तय करेगा कि मतदाताओं ने किस राजनीतिक दल या उम्मीदवार के पक्ष में अपना समर्थन दिया।

6 अक्टूबर को मतदान, 9 अक्टूबर को मतगणना

नंदीग्राम और रेजिनगर दोनों विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर, मंगलवार को मतदान होगा। चुनाव परिणाम 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। रविवार को प्रचार समाप्त होने के बाद उम्मीदवारों को मतदाताओं के बीच सीधे प्रचार करने की अनुमति नहीं होगी।

इन उपचुनावों के लिए राजनीतिक दलों ने पिछले दिनों व्यापक प्रचार अभियान चलाया है। अंतिम दिन भी रैलियों, जनसंपर्क और मतदाताओं से सीधे संवाद के जरिए समर्थन जुटाने की कोशिश जारी है।

नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान के लिए प्रचार का समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा है, क्योंकि उनकी गिरफ्तारी के कारण चुनाव अभियान के एक हिस्से में वह सक्रिय रूप से प्रचार नहीं कर सके थे। जमानत मिलने के बाद उन्होंने तेजी से अभियान शुरू किया।

दोनों सीटें खाली होने के बाद जरूरी हुआ उपचुनाव

नंदीग्राम और रेजिनगर में उपचुनाव की आवश्यकता सीटों के खाली होने के बाद पैदा हुई। नंदीग्राम सीट मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा खाली किए जाने के बाद उपचुनाव के लिए गई।

सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ भवानीपुर सीट से भी चुनाव जीता था। इसके बाद नंदीग्राम सीट खाली हुई और यहां उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई।

वहीं, रेजिनगर सीट एजेयूपी प्रमुख हुमायूं कबीर से जुड़ी चुनावी स्थिति के कारण खाली हुई। 2026 के विधानसभा चुनावों में दोनों सीटें जीतने के बाद उन्होंने नवादा सीट बरकरार रखी, जिसके चलते रेजिनगर सीट पर उपचुनाव जरूरी हुआ।

अब मतदाताओं के फैसले का इंतजार

प्रचार का शोर रविवार को समाप्त होने के बाद दोनों सीटों पर राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के अभियान का अंतिम चरण पूरा हो जाएगा। इसके बाद 6 अक्टूबर को मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।

नंदीग्राम में भाजपा और कांग्रेस के बीच प्रमुख मुकाबले के साथ कई अन्य दल भी मैदान में हैं। रेजिनगर में कई राजनीतिक ताकतों की मौजूदगी के कारण परिणाम को लेकर मुकाबला और अधिक बहुकोणीय बना हुआ है।

अब सभी की नजर 6 अक्टूबर के मतदान और 9 अक्टूबर की मतगणना पर रहेगी। चुनाव परिणाम यह स्पष्ट करेंगे कि नंदीग्राम और रेजिनगर के मतदाताओं ने उपचुनाव में किस उम्मीदवार और किस राजनीतिक दल को अपना समर्थन दिया।

Leave a comment