नवरात्रि स्पेशल साबूदाना थालीपीठ रेसिपी: भीगे साबूदाने और उबले आलू से बनाएं कुरकुरा फलाहारी नाश्ता

नवरात्रि व्रत में बनाएं कुरकुरा साबूदाना थालीपीठ। भीगे साबूदाने, उबले आलू, मूंगफली और सिंघाड़े के आटे से तैयार करें स्वादिष्ट फलाहारी नाश्ता।

नवरात्रि के व्रत में साबूदाना थालीपीठ एक स्वादिष्ट फलाहारी विकल्प है। भीगे साबूदाने, उबले आलू, मूंगफली और सिंघाड़े के आटे से तैयार यह नाश्ता बाहर से कुरकुरा और अंदर से नरम बनता है।

साबूदाना थालीपीठ रेसिपी: नवरात्रि के व्रत में अगर साबूदाना खिचड़ी और कटलेट खाकर मन भर गया है, तो इस बार साबूदाना थालीपीठ बना सकते हैं। इसे बनाने के लिए भीगे साबूदाने में कद्दूकस किया हुआ उबला आलू, मूंगफली, सेंधा नमक और व्रत में इस्तेमाल होने वाला आटा मिलाया जाता है। फिर मिश्रण को गोल आकार देकर तवे पर घी या तेल के साथ सुनहरा और कुरकुरा होने तक सेंका जाता है।

नवरात्रि व्रत में बनाएं साबूदाना थालीपीठ

नवरात्रि के व्रत में कुछ अलग और स्वादिष्ट फलाहार बनाने का मन है, तो साबूदाना थालीपीठ एक अच्छा विकल्प हो सकता है। साबूदाना खिचड़ी और कटलेट से अलग यह रेसिपी आसानी से तैयार की जा सकती है। इसमें भीगे साबूदाने के साथ उबले आलू, मूंगफली और सिंघाड़े या कुट्टू के आटे का इस्तेमाल होता है। सही तरीके से सेंकने पर थालीपीठ बाहर से कुरकुरा और अंदर से नरम बनता है।

साबूदाना थालीपीठ बनाने के लिए जुटाएं सामग्री

इस रेसिपी को बनाने के लिए भीगा हुआ साबूदाना, उबले आलू, भुनी मूंगफली का पाउडर, थोड़ी मोटी कुटी मूंगफली, अदरक और हरी मिर्च का पेस्ट, सिंघाड़े या कुट्टू का आटा, सेंधा नमक, काली मिर्च और बारीक कटा हरा धनिया चाहिए। थालीपीठ सेंकने के लिए घी या तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है।

सबसे पहले साबूदाने को पर्याप्त समय तक पानी में भिगोकर रखें, ताकि वह अच्छी तरह नरम हो जाए। उबले आलू को कद्दूकस करके इस्तेमाल करने से मिश्रण एकसार बनता है और थालीपीठ को आकार देना आसान हो जाता है।

भीगे साबूदाने और आलू से तैयार करें मिश्रण

एक बड़े बर्तन में भीगा साबूदाना डालें। इसमें कद्दूकस किए हुए उबले आलू मिलाएं। इसके बाद अदरक और हरी मिर्च का पेस्ट, भुनी मूंगफली का पाउडर और कुटी हुई मूंगफली डालें। मूंगफली से थालीपीठ का स्वाद बढ़ता है और उसमें हल्का कुरकुरापन आता है।

अब मिश्रण में दो चम्मच सिंघाड़े या कुट्टू का आटा, सेंधा नमक, काली मिर्च और हरा धनिया मिलाएं। सभी सामग्रियों को हाथों से अच्छी तरह मिलाकर नरम मिश्रण तैयार करें। आमतौर पर भीगे साबूदाने और उबले आलू की नमी मिश्रण को बांधने के लिए पर्याप्त होती है। इसलिए शुरुआत में अतिरिक्त पानी डालने से बचें। अगर मिश्रण अधिक गीला हो, तो थोड़ा व्रत में इस्तेमाल होने वाला आटा मिला सकते हैं।

बटर पेपर पर फैलाकर दें गोल आकार

मिश्रण तैयार होने के बाद बटर पेपर या पार्चमेंट पेपर पर थोड़ा घी या तेल लगाकर चिकना करें। मिश्रण की एक लोई लेकर पेपर पर रखें और उंगलियों से दबाते हुए गोल आकार में फैलाएं। थालीपीठ को बहुत मोटा न बनाएं, ताकि वह अंदर तक अच्छी तरह पक सके।

अब गर्म तवे पर थोड़ा घी या तेल लगाएं। बटर पेपर की मदद से थालीपीठ को तवे पर डालें और धीरे से पेपर हटा दें। बीच में छोटा छेद करने से घी या तेल को अंदर तक पहुंचाने में मदद मिलती है। इसके बाद किनारों और बीच में थोड़ा घी डालें।

दोनों तरफ से कुरकुरा सेंककर करें सर्व

थालीपीठ को धीमी से मध्यम आंच पर पकने दें। जब नीचे की सतह अच्छी तरह सिक जाए और थालीपीठ तवे से आसानी से छूटने लगे, तब इसे सावधानी से पलटें। दूसरी तरफ भी थोड़ा घी या तेल लगाकर सुनहरा और कुरकुरा होने तक सेंकें। जल्दी पलटने से थालीपीठ टूट सकता है, इसलिए इसे पर्याप्त समय तक पकाना जरूरी है।

तैयार साबूदाना थालीपीठ को गर्मागर्म व्रत वाली हरी चटनी या दही के साथ परोसें। स्वाद के अनुसार अदरक, हरी मिर्च और मूंगफली की मात्रा घटाई या बढ़ाई जा सकती है। व्रत में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और नमक से जुड़े नियम अलग-अलग परिवारों में भिन्न हो सकते हैं, इसलिए अपनी परंपरा के अनुसार सामग्री चुनें।

इस तरह साबूदाना और आलू से आसानी से स्वादिष्ट फलाहारी नाश्ता तैयार किया जा सकता है। साबूदाने को सही तरीके से भिगोना, मिश्रण को अच्छी तरह बांधना और मध्यम आंच पर सेंकना कुरकुरा थालीपीठ बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।

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