भारतीय छात्रा जानू कुमारी को मिली ₹96 लाख की ग्लोबल कोरिया स्कॉलरशिप, पढ़ाई से लेकर रहने-खाने तक खर्च कवर

बिहार की जानू कुमारी को ग्लोबल कोरिया स्कॉलरशिप 2026 मिली। ₹96 लाख की स्कॉलरशिप में ट्यूशन, फ्लाइट, स्टाइपेंड, रहने-खाने और हेल्थ खर्च शामिल हैं।

बिहार की छात्रा जानू कुमारी का ग्लोबल कोरिया स्कॉलरशिप 2026 के लिए चयन हुआ है। उन्हें करीब ₹96 लाख की फुली-फंडेड स्कॉलरशिप मिली है, जिसमें ट्यूशन फीस, फ्लाइट, स्टाइपेंड और हेल्थ इंश्योरेंस शामिल हैं।

Global Korea Scholarship: बिहार की जानू कुमारी ने ग्लोबल कोरिया स्कॉलरशिप हासिल कर विदेश में पढ़ाई का सपना पूरा किया है। वह दक्षिण कोरिया की सन मून यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशंस में मास्टर डिग्री करेंगी। करीब ₹96 लाख की इस स्कॉलरशिप में उनकी ट्यूशन फीस के साथ यात्रा, रहने-खाने का खर्च और हेल्थ इंश्योरेंस भी कवर किया गया है।

जानू कुमारी को मिली फुली-फंडेड ग्लोबल कोरिया स्कॉलरशिप

बिहार की रहने वाली जानू कुमारी ने अपनी मेहनत के दम पर ग्लोबल कोरिया स्कॉलरशिप हासिल की है। इस स्कॉलरशिप  Study in Korea Websiteके जरिए वह दक्षिण कोरिया की सन मून यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशंस में मास्टर डिग्री की पढ़ाई करेंगी। सीमित संख्या में भारतीय छात्रों को मिलने वाली इस स्कॉलरशिप में उनका चयन एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

जानू के परिवार के अनुसार, वह बचपन से ही पढ़ाई में अच्छी रही हैं। उन्होंने भागलपुर स्थित शारदा झुनझुनवाला महिला महाविद्यालय से ग्रेजुएशन किया है। विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करने के लक्ष्य के साथ उन्होंने करीब तीन साल तक इस स्कॉलरशिप के लिए तैयारी की। लगातार मेहनत और बेहतर तैयारी के बाद उन्होंने आवेदन किया और चयन हासिल करने में सफलता पाई।

₹96 लाख की स्कॉलरशिप में क्या-क्या मिलेगा

जानू कुमारी को मिलने वाली स्कॉलरशिप की कुल वैल्यू करीब ₹96 लाख बताई गई है। यह राशि तीन साल की अवधि में अलग-अलग सुविधाओं और खर्चों के रूप में दी जाएगी। सबसे बड़ी बात यह है कि उन्हें दक्षिण कोरिया में अपनी मास्टर डिग्री के लिए ट्यूशन फीस नहीं देनी होगी।

स्कॉलरशिप के तहत भारत से दक्षिण कोरिया आने-जाने के लिए फ्लाइट टिकट भी शामिल है। पढ़ाई के दौरान रहने और रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने के लिए स्टाइपेंड दिया जाएगा। इसके अलावा हेल्थ इंश्योरेंस का खर्च भी स्कॉलरशिप के तहत कवर किया गया है।

इस तरह जानू को पढ़ाई के साथ रहने, यात्रा और स्वास्थ्य से जुड़े प्रमुख खर्चों की चिंता नहीं करनी होगी। फुली-फंडेड स्कॉलरशिप होने के कारण विदेश में पढ़ाई का आर्थिक बोझ काफी कम हो जाता है।

Global Korea Scholarship क्या है?

ग्लोबल कोरिया स्कॉलरशिप दक्षिण कोरिया के शिक्षा मंत्रालय के अधीन नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल एजुकेशन यानी NIIED की ओर से दी जाती है। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय छात्रों को दक्षिण कोरिया में उच्च शिक्षा हासिल करने का अवसर देना है। हर साल अलग-अलग देशों से बड़ी संख्या में छात्र इसके लिए आवेदन करते हैं, जबकि चयन सीमित संख्या में उम्मीदवारों का होता है।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, हर साल करीब 2400 छात्रों को इस स्कॉलरशिप के लिए चुना जाता है। इनमें लगभग 1900 स्कॉलरशिप मास्टर डिग्री के लिए निर्धारित हैं। मास्टर प्रोग्राम के साथ छात्रों को कोरियाई भाषा की पढ़ाई का अवसर भी दिया जाता है। आमतौर पर डिग्री प्रोग्राम दो साल का होता है, जबकि भाषा प्रशिक्षण के लिए अतिरिक्त अवधि शामिल की जाती है।

तीन साल की तैयारी के बाद हासिल की सफलता

जानू कुमारी पिछले करीब तीन साल से ग्लोबल कोरिया स्कॉलरशिप हासिल करने की तैयारी कर रही थीं। उनके परिवार के मुताबिक, उन्होंने पढ़ाई के साथ स्कॉलरशिप की आवश्यकताओं और आवेदन प्रक्रिया पर लगातार काम किया।

उनकी सफलता यह दिखाती है कि विदेश में पढ़ाई के लिए महंगे खर्च के बावजूद फुली-फंडेड स्कॉलरशिप एक बड़ा विकल्प हो सकती है। सही जानकारी, लगातार तैयारी और मजबूत अकादमिक रिकॉर्ड के जरिए छात्र ऐसे अंतरराष्ट्रीय अवसरों के लिए आवेदन कर सकते हैं।

जानू की उपलब्धि उनके परिवार के लिए भी खास है। बिहार के एक साधारण शैक्षणिक सफर से निकलकर दक्षिण कोरिया में मास्टर डिग्री के लिए चयन हासिल करना उनके लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। अब वह अपनी आगे की पढ़ाई पूरी करने के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने करियर की नई शुरुआत करेंगी।

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