जयपुर में खुलेआम हत्या: हिस्ट्रीशीटर की हत्या के दोषी कैदी को 3 गोलियां

राजस्थान के जयपुर के करणी विहार में ओपन जेल के 45 वर्षीय कैदी गंगासहाय कुमावत की गोली मारकर हत्या कर दी गई। स्कूटी सवार बदमाशों ने तीन राउंड फायरिंग की।

जयपुर के करणी विहार इलाके में ओपन जेल के 45 वर्षीय कैदी गंगासहाय कुमावत की गोली मारकर हत्या कर दी गई। स्कूटी सवार दो बदमाशों ने उन पर तीन गोलियां चलाईं, जिनमें एक सिर में लगी। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में बुधवार शाम दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया। करणी विहार इलाके के धाभास स्थित जानकी विहार में सांगानेर ओपन जेल के 45 वर्षीय कैदी गंगासहाय कुमावत को स्कूटी सवार दो बदमाशों ने निशाना बनाया। बदमाशों ने उन पर लगातार तीन गोलियां चलाईं। इनमें से एक गोली गंगासहाय के सिर में लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी स्कूटी से फरार हो गए। गोलीबारी की आवाज और वारदात की जानकारी मिलते ही इलाके में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद कई थानों की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू की।

ओपन जेल लौटते समय बनाया गया निशाना

पुलिस के अनुसार, गंगासहाय कुमावत अपने धाभास स्थित घर से बाइक पर सांगानेर ओपन जेल की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान स्कूटी पर सवार दो हमलावरों ने उनका पीछा करते हुए या रास्ते में उन्हें रोककर फायरिंग कर दी। हमले में उन्हें तीन गोलियां मारी गईं।

जयपुर पश्चिम के डीसीपी प्रशांत किरण ने बताया कि वारदात धाभास के जानकी विहार इलाके में हुई। घटना को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने इलाके में लगे संभावित सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने और आरोपियों की पहचान करने का काम शुरू कर दिया है।

तीन थानों की पुलिस पहुंची मौके पर

गोलीबारी की सूचना मिलने के बाद करणी विहार, भांकरोटा और चित्रकूट थाना पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर वहां से सबूत जुटाए। वारदात के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौके पर जमा हो गए।

जांच टीमों ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण सुराग जुटाने की कोशिश की है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हमलावर कौन थे, उन्होंने गंगासहाय को किस वजह से निशाना बनाया और वारदात की पहले से कोई योजना बनाई गई थी या नहीं।

2018 में हिस्ट्रीशीटर महेंद्र गुर्जर की हत्या का दोषी था

पुलिस की शुरुआती जांच में गंगासहाय कुमावत का पुराना आपराधिक मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2018 में उसने मोती डूंगरी इलाके के हिस्ट्रीशीटर महेंद्र गुर्जर की हत्या की थी। इस मामले में अदालत से सजा मिलने के बाद गंगासहाय को जेल भेजा गया था।

गंगासहाय फिलहाल सांगानेर ओपन जेल में सजा काट रहा था। ओपन जेल में रहने के दौरान उसे निर्धारित नियमों के तहत बाहर काम या अन्य गतिविधियों के लिए जाने की अनुमति होती है और उसे तय समय पर वापस जेल लौटना होता है। बुधवार को भी वह अपने घर से जेल लौट रहा था, लेकिन रास्ते में हमलावरों ने उसे गोली मार दी।

पुरानी रंजिश की आशंका

गंगासहाय की हत्या के पीछे पुरानी रंजिश या बदले की भावना की आशंका से भी पुलिस जांच कर रही है। क्योंकि मृतक पहले हत्या के एक मामले में दोषी ठहराया जा चुका था, इसलिए पुलिस उसके पुराने विवादों और आपराधिक संपर्कों की भी जानकारी जुटा रही है।

हालांकि, अभी तक पुलिस ने हत्या के पीछे किसी खास व्यक्ति या गिरोह की भूमिका की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही हत्या की वास्तविक वजह सामने आएगी। पुलिस हमलावरों की पहचान और उनके भागने के रास्ते का पता लगाने के लिए तकनीकी साक्ष्यों की भी मदद ले रही है।

2018 की हत्या का पूरा मामला क्या था?

पुलिस के अनुसार, 23 अप्रैल 2018 को महेंद्र गुर्जर अपने धाभास स्थित मकान की देखरेख के लिए गए थे। इसके बाद किसी विवाद को लेकर गंगासहाय कुमावत से उनका विवाद हुआ। आरोप है कि गुस्से में गंगासहाय ने महेंद्र पर हमला कर दिया, जिसके बाद उनकी मौत हो गई।

महेंद्र के भाई धर्मेंद्र गुर्जर ने 25 अप्रैल 2018 को इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, महेंद्र का एक मकान धाभास के एकता नगर में भी था। घटना के बाद परिवार को आसपास के लोगों और परिचितों के माध्यम से महेंद्र पर हमले की जानकारी मिली थी।

इस मामले में पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई के बाद गंगासहाय को दोषी ठहराया गया और वह सजा काट रहा था। अब उसी गंगासहाय की गोली मारकर हत्या किए जाने से मामला एक नए आपराधिक घटनाक्रम में बदल गया है।

परिवार में पत्नी, बेटा और दो बेटियां

गंगासहाय कुमावत के परिवार में पत्नी, एक बेटा और दो बेटियां हैं। हत्या की सूचना मिलने के बाद परिवार में मातम का माहौल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की है।

परिवार के सदस्यों और परिचितों से भी पूछताछ की जा सकती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि हाल के दिनों में गंगासहाय का किसी व्यक्ति से विवाद या दुश्मनी तो नहीं हुई थी।

सीसीटीवी और तकनीकी जांच पर पुलिस का फोकस

दिनदहाड़े हुई इस हत्या के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। जिस रास्ते से गंगासहाय जेल लौट रहे थे, वहां लगे कैमरों से हमलावरों की स्कूटी और उनके भागने की दिशा का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। साथ ही, मृतक के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, संपर्कों और संभावित विवादों की भी जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

दिनदहाड़े गोलीबारी से इलाके में दहशत

करणी विहार इलाके में व्यस्त समय के दौरान गोली मारकर हत्या की घटना ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। हमलावरों ने सरेआम फायरिंग कर वारदात को अंजाम दिया और इसके बाद मौके से फरार हो गए।

फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने और हत्या के पीछे की वजह का पता लगाने पर है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि गंगासहाय की हत्या 2018 के मामले से जुड़ी पुरानी दुश्मनी का नतीजा थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।

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