Bihar Flood: बिहार के 6 जिलों में बाढ़, करीब 4.93 लाख लोग प्रभावित; NDRF-SDRF की 41 टीमें तैनात

Bihar Flood: नेपाल में भारी बारिश और गंडक बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद बिहार के 6 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। करीब 4.93 लाख लोग प्रभावित हैं, राहत-बचाव

नेपाल में हो रही भारी बारिश और गंडक बैराज से बड़े पैमाने पर पानी छोड़े जाने के कारण बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। राज्य के मोतिहारी, बेतिया, मुजफ्फरपुर, सारण, दरभंगा और गोपालगंज समेत छह जिले बाढ़ की चपेट में हैं।

Bihar Flood 2026: नेपाल में लगातार हो रही बारिश और गंडक बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद बिहार के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। राज्य के छह जिलों में बाढ़ का असर दर्ज किया गया है, जिससे करीब 4.93 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान तेज किया गया है और प्रभावित क्षेत्रों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) तथा राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की कुल 41 टीमें तैनात की गई हैं।

बाढ़ का असर मुख्य रूप से उत्तर बिहार के मोतिहारी, बेतिया, मुजफ्फरपुर, सारण, दरभंगा और गोपालगंज जिलों में बताया गया है। इन इलाकों में नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण निचले क्षेत्रों में पानी पहुंचा है। कई जगहों पर लोगों के आवागमन और रोजमर्रा की गतिविधियों पर भी असर पड़ा है।

नेपाल की बारिश से बढ़ा नदियों का जलस्तर

बिहार में बाढ़ की स्थिति पर नेपाल में हो रही बारिश का भी असर पड़ रहा है। लगातार बारिश के कारण उत्तर बिहार की ओर आने वाली नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई है। इसके साथ ही गंडक बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद नदी के आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ का दबाव बढ़ा है। गंगा, गंडक और कोसी समेत राज्य की कुछ प्रमुख नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव को देखते हुए प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में जलभराव के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क और स्थानीय परिवहन प्रभावित हुआ है। कुछ जगहों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और जरूरी सामान उपलब्ध कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर इंतजाम किए जा रहे हैं।

242 सामुदायिक रसोई केंद्र शुरू

बाढ़ प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन की ओर से 242 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों के जरिए प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा जरूरतमंद लोगों के लिए दो राहत शिविर भी संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में बाढ़ प्रभावित लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन का फोकस प्रभावित आबादी तक भोजन, सुरक्षित स्थान और अन्य जरूरी सहायता पहुंचाने पर है।

NDRF और SDRF की 41 टीमें राहत अभियान में

बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियों को प्रभावित जिलों में तैनात किया गया है। कुल 41 टीमें राहत और बचाव अभियान में लगी हैं। इनमें NDRF की 14 टीमें और SDRF की 27 टीमें शामिल हैं। टीमों को प्रभावित क्षेत्रों की जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव कार्यों में लगाया गया है। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आपात परिस्थितियों में सहायता देने के लिए इन टीमों की भूमिका महत्वपूर्ण है। प्रशासन की ओर से लोगों से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सावधानी बरतने और स्थानीय स्तर पर जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।

बाढ़ के बीच मौसम कैसा रहेगा?

बाढ़ की स्थिति के बीच बिहार में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने का अनुमान है। दिन के समय धूप निकलने से राज्य के कई हिस्सों में गर्मी और उमस बढ़ सकती है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अधिकतम तापमान में अगले चरण में करीब 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है। हालांकि, मौसम सामान्य रहने का मतलब यह नहीं है कि बाढ़ का खतरा तुरंत खत्म हो जाएगा। नदियों का जलस्तर, बैराज से पानी का प्रवाह और स्थानीय जलभराव की स्थिति अलग-अलग क्षेत्रों में अलग हो सकती है।

Leave a comment