नेपाल के सुनसरी में कांवड़ यात्रा के दौरान हिंसा: दो की मौत, कई घायल, सुनसरी और सिराहा के कई इलाकों में कर्फ्यू

नेपाल के सुनसरी में कांवड़ यात्रा के दौरान विवाद हिंसा में बदल गया। दो लोगों की मौत, कई घायल। सुनसरी और सिराहा के कई इलाकों में कर्फ्यू लागू, पुलिस जांच जारी।

नेपाल के सुनसरी जिले में कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक हो गया। घटना में दो लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए। प्रशासन ने सुनसरी और सिराहा के कई इलाकों में कर्फ्यू लगाकर सुरक्षा बढ़ा दी है।

काठमांडू: नेपाल के तराई क्षेत्र में स्थित सुनसरी जिले में कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे और लाउडस्पीकर की तेज आवाज को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग और पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। हालात बिगड़ने के बाद प्रशासन ने सुनसरी और भारत की सीमा से लगे सिराहा जिले के कई संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू लागू कर दिया है। अतिरिक्त पुलिस बल और आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) की तैनाती की गई है तथा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

धार्मिक जुलूस के दौरान बढ़ा तनाव

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कांवड़ यात्री कोसी बैराज से पवित्र जल लेकर लौट रहे थे। यात्रा के दौरान डीजे और लाउडस्पीकर की तेज आवाज को लेकर दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, लेकिन देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और हिंसक झड़प में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही देर में बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी और दोनों पक्षों के बीच पथराव की घटनाएं सामने आईं। स्थानीय प्रशासन ने तुरंत पुलिस बल भेजकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन तनाव लगातार बढ़ता गया।

पथराव, आगजनी और गोलीबारी से बिगड़े हालात

हिंसा के दौरान कई स्थानों पर पथराव और आगजनी की घटनाएं हुईं। पुलिस के अनुसार, उपद्रवियों ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की भी कोशिश की। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले समझाने का प्रयास किया, फिर चेतावनी दी और उसके बाद हवाई फायरिंग की। अधिकारियों के मुताबिक, जब हालात नियंत्रण से बाहर होते गए और भीड़ हिंसक बनी रही, तब पुलिस को गोली चलानी पड़ी। इस दौरान दो लोगों को गोली लगी, जिनकी बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। कई अन्य घायल व्यक्तियों का उपचार विभिन्न अस्पतालों में जारी है।

पुलिसकर्मी भी हुए घाय

हिंसा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रहे पुलिसकर्मियों पर भी पथराव किया गया। अधिकारियों के अनुसार, एक पुलिस निरीक्षक सहित आठ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है और अधिकांश की हालत स्थिर बताई जा रही है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आसपास के जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल और आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) की टुकड़ियों को बुलाया गया है।

सुनसरी और सिराहा के कई क्षेत्रों में कर्फ्यू

हिंसा के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सुनसरी और सिराहा जिलों के संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू लागू कर दिया है। सुरक्षा बल लगातार फ्लैग मार्च कर रहे हैं और लोगों से घरों के भीतर रहने तथा अफवाहों से बचने की अपील की गई है। स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांति व्यवस्था बहाल होने तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी। सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करने की भी सलाह दी गई है।

घटना की जांच शुरू

नेपाल पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हिंसा कैसे भड़की, इसमें किन लोगों की भूमिका रही और सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान के लिए कौन जिम्मेदार है, इसकी विस्तृत जांच की जाएगी। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मोबाइल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी जांच का हिस्सा बनाए जा रहे हैं।

सुरक्षा एजेंसियों की पुरानी चेतावनी फिर चर्चा में

हालिया हिंसा के बाद नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों द्वारा कुछ वर्ष पहले तैयार की गई एक रिपोर्ट फिर चर्चा में आ गई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) ने सरकार को पहले ही आगाह किया था कि तराई और मधेश क्षेत्र में सामाजिक और सांप्रदायिक तनाव बढ़ने की आशंका है। रिपोर्ट में कथित तौर पर सुझाव दिया गया था कि समय रहते राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके। हालांकि उस समय इन सिफारिशों पर व्यापक कार्रवाई नहीं होने की बात भी रिपोर्टों में कही गई है।

सीमा क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाई गई

भारत-नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी बढ़ा दी है। सीमा चौकियों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति या अफवाहों के प्रसार को रोका जा सके। प्रशासन लगातार स्थानीय समुदायों के प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से संवाद कर शांति बनाए रखने का प्रयास कर रहा है।

सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील

स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी भड़काऊ संदेश या अफवाह को साझा न करने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और किसी भी निर्दोष व्यक्ति को परेशान नहीं किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान प्रशासनिक समन्वय, संवाद और समय रहते सुरक्षा प्रबंध मजबूत किए जाएं तो इस प्रकार की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

स्थिति पर प्रशासन की नजर

फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बल तैनात हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति सामान्य होने तक कर्फ्यू और सुरक्षा संबंधी प्रतिबंध लागू रह सकते हैं। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के सभी पहलुओं और जिम्मेदार व्यक्तियों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आएगी।

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