जेलेंस्की बोले- G20 समिट में पुतिन से मिलने को तैयार, कहा- बातचीत नहीं नतीजा मायने रखता है

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने दिसंबर में मियामी G20 में पुतिन से मिलने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि बातचीत से ज्यादा उसका ठोस परिणाम महत्वपूर्ण है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि वह दिसंबर में मियामी G20 शिखर सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं को बातचीत कर फैसले लेने चाहिए और परिणाम सबसे महत्वपूर्ण है।

कीव: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि वह दिसंबर में अमेरिका के मियामी में होने वाले G20 शिखर सम्मेलन के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं को मिलकर बात करनी चाहिए और फैसले लेने चाहिए, क्योंकि मौजूदा हालात में केवल बातचीत नहीं बल्कि उसके नतीजे महत्वपूर्ण हैं।

जेलेंस्की ने पुतिन से मुलाकात पर क्या कहा?

जर्मन ब्रॉडकास्टर डॉयचे वेले के एक सवाल के जवाब में जेलेंस्की से पूछा गया कि क्या वह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे।

जेलेंस्की ने कहा कि दोनों नेताओं को मिलना, बातचीत करना और निर्णय लेना जरूरी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी मुलाकात का मूल्य केवल इस बात में नहीं है कि दोनों नेता एक-दूसरे से क्या कहेंगे।

यूक्रेनी राष्ट्रपति के अनुसार, असली महत्व परिणाम का है। उन्होंने कहा कि यह मायने नहीं रखता कि वह पुतिन से क्या कहेंगे या पुतिन उनसे क्या कहेंगे, बल्कि महत्वपूर्ण यह है कि मुलाकात से क्या नतीजा निकलता है।

जेलेंस्की का यह बयान रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच संभावित कूटनीतिक संपर्क को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच संघर्ष जारी है और किसी संभावित शांति प्रक्रिया को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार चर्चा होती रही है।

दिसंबर में मियामी में होगा G20 शिखर सम्मेलन

अमेरिका इस वर्ष G20 की अध्यक्षता कर रहा है। G20 में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं। इसके सदस्य देशों के साथ यूरोपीय संघ और अफ्रीकी संघ भी समूह का हिस्सा हैं।

21वां G20 शिखर सम्मेलन 14 और 15 दिसंबर को फ्लोरिडा के मियामी स्थित ट्रंप नेशनल डोरल मियामी में आयोजित किया जाएगा।

इस बैठक में विभिन्न देशों के शीर्ष नेता वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के भी सम्मेलन में शामिल होने की उम्मीद है।

इसी शिखर सम्मेलन के दौरान जेलेंस्की और पुतिन की संभावित मुलाकात की संभावना अब चर्चा में है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार दोनों नेताओं की मुलाकात को लेकर कोई औपचारिक कार्यक्रम या सहमति घोषित नहीं की गई है। जेलेंस्की ने फिलहाल अपनी ओर से मिलने की इच्छा स्पष्ट की है।

ऊर्जा मुद्दों पर ह्यूस्टन में भी बैठक

G20 नेताओं की एक अलग बैठक अगले सप्ताह ह्यूस्टन में होने की उम्मीद है। इसमें ऊर्जा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जानी है।

रूस ने इस बैठक में अपने अधिकारियों को भेजने की पुष्टि की है। रूसी राजनयिक मारात बेरदयेव ने शनिवार को टेलीग्राम पर इसकी जानकारी दी।

दूसरी ओर, उपलब्ध जानकारी में यूक्रेन की ओर से ह्यूस्टन बैठक में किसी प्रतिनिधि को भेजने को लेकर ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है।

ऊर्जा सुरक्षा रूस-यूक्रेन युद्ध के व्यापक प्रभावों के बीच महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दा बनी हुई है। युद्ध ने ऊर्जा आपूर्ति, बाजारों और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर असर को लेकर लगातार चिंता पैदा की है।

पांचवें साल में प्रवेश कर रहा रूस-यूक्रेन युद्ध

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध अब अपने पांचवें वर्ष के करीब पहुंच रहा है। दोनों देशों के बीच हमले और जवाबी हमले जारी हैं।

लगातार जारी सैन्य संघर्ष के बीच यूरोप के कुछ नेताओं के बीच संभावित शांति स्थापना बल को लेकर भी चर्चा हो रही है। हालांकि, इस तरह की किसी व्यवस्था को लेकर रूस और पश्चिमी देशों के बीच गंभीर मतभेद बने हुए हैं।

जेलेंस्की का पुतिन से मिलने की इच्छा जताना ऐसे समय में सामने आया है जब युद्ध को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक विकल्पों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा जारी है।

यूरोपीय सैनिकों की तैनाती पर पुतिन की चेतावनी

भारत में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन में यूरोपीय सैनिकों की संभावित तैनाती को लेकर कड़ा बयान दिया।

पुतिन ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यदि यूरोपीय देश यूक्रेन में सैनिक भेजने पर विचार कर रहे हैं, तो यह रूस के साथ सीधे युद्ध की स्थिति पैदा करेगा।

उन्होंने कहा कि यूक्रेन में यूरोपीय सैनिक भेजने का अर्थ रूस के साथ युद्ध होगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब यूरोपीय देशों के बीच युद्ध समाप्त होने की स्थिति में यूक्रेन की सुरक्षा और संभावित शांति व्यवस्था को लेकर अलग-अलग विकल्पों पर चर्चा हो रही है।

रूस लंबे समय से यूक्रेन में पश्चिमी सैन्य समर्थन और संभावित विदेशी सैनिकों की मौजूदगी का विरोध करता रहा है। पुतिन के ताजा बयान ने इस मुद्दे पर रूस की स्थिति को फिर स्पष्ट किया है।

जेलेंस्की और पुतिन के बीच बातचीत क्यों अहम?

जेलेंस्की और पुतिन के बीच किसी संभावित सीधी मुलाकात को युद्ध के संदर्भ में महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रम माना जा सकता है। दोनों नेताओं के बीच सीधी बातचीत लंबे समय से नहीं हुई है और रूस-यूक्रेन संघर्ष के समाधान के लिए अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय प्रयास जारी रहे हैं।

जेलेंस्की ने अपने बयान में बातचीत के बजाय परिणाम को प्राथमिकता देने की बात कही है। इससे संकेत मिलता है कि यदि दोनों नेताओं के बीच मुलाकात होती है तो यूक्रेन की ओर से युद्ध के ठोस परिणाम और निर्णयों पर जोर दिया जा सकता है।

हालांकि, केवल मुलाकात की इच्छा जताए जाने से यह स्पष्ट नहीं होता कि दोनों पक्ष किन मुद्दों पर सहमत हो सकते हैं। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर दोनों की स्थिति अलग रही है।

G20 मंच पर संभावित मुलाकात पर नजर

मियामी में होने वाला G20 शिखर सम्मेलन वैश्विक नेताओं को एक ही मंच पर आने का अवसर देगा। ऐसे में जेलेंस्की और पुतिन की संभावित मुलाकात पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर रह सकती है।

जेलेंस्की ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि वह पुतिन से मिलने को तैयार हैं और उनका मानना है कि दोनों पक्षों को मिलकर बात करनी चाहिए तथा निर्णय लेने चाहिए। लेकिन मुलाकात कब, किस प्रारूप में और किन मुद्दों पर होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

दूसरी ओर, पुतिन का यूरोपीय सैनिकों को लेकर दिया गया बयान बताता है कि रूस और यूरोपीय देशों के बीच सुरक्षा संबंधी मतभेद अभी भी गंभीर हैं।

ऐसे में दिसंबर का G20 सम्मेलन रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़े कूटनीतिक घटनाक्रम के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है। यदि जेलेंस्की और पुतिन वास्तव में आमने-सामने आते हैं, तो दुनिया की नजर इस बात पर होगी कि क्या यह मुलाकात युद्ध समाप्त करने की दिशा में किसी ठोस पहल का आधार बनती है या केवल एक उच्चस्तरीय संपर्क तक सीमित रहती है।

फिलहाल जेलेंस्की ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है—वह पुतिन से मिलने के लिए तैयार हैं और उनके मुताबिक ऐसी बातचीत की सफलता का पैमाना शब्द नहीं, बल्कि उसका परिणाम होना चाहिए।

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