मसूद अजहर पर पाकिस्तान ने इनाम बढ़ाकर 70 लाख किया, FATF बैठक से पहले कार्रवाई

इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर पर इनाम 50 लाख से बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये किया। FATF बैठक से पहले कदम अहम माना जा रहा है।

तमिलनाडु के विपक्षी नेता उदयनिधि स्टालिन ने सी. जोसेफ विजय को “डमी और असभ्य मुख्यमंत्री” बताते हुए सरकार पर बिजली कटौती, महंगाई और कानून-व्यवस्था को लेकर निशाना साधा। उन्होंने 6 अक्टूबर को होने वाले मदुरंथकम और धारापुरम उपचुनावों में निर्णायक जीत की अपील की।

इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के प्रमुख मसूद अजहर पर घोषित इनाम की राशि बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये कर दी है। पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) ने आतंकियों से संबंधित अपनी नई रेड बुक में अजहर को भगोड़ा घोषित किया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब अक्टूबर में फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की प्लेनरी बैठक होने वाली है।

FIA ने मसूद अजहर पर पहले घोषित इनाम में 20 लाख पाकिस्तानी रुपये की बढ़ोतरी की है। एजेंसी ने वर्ष 2021 में अजहर के बारे में 50 लाख पाकिस्तानी रुपये का इनाम घोषित किया था। करीब पांच साल बाद अब यह राशि बढ़ाकर 70 लाख रुपये कर दी गई है।

अक्टूबर की FATF बैठक से पहले बढ़ाया इनाम

मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाने की कार्रवाई को अक्टूबर में होने वाली FATF की बैठक के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पाकिस्तान पहले FATF की ग्रे लिस्ट में रह चुका है और उस दौरान उस पर आतंकवादी फंडिंग तथा मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव रहा था।

अक्टूबर 2022 में FATF ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से बाहर कर दिया था। अब आगामी प्लेनरी बैठक से पहले पाकिस्तान की ओर से मसूद अजहर के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा ऐसे कदम के रूप में देखी जा रही है, जिसके जरिए वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद और आतंकी फंडिंग के खिलाफ अपनी कार्रवाई को प्रदर्शित कर सकता है।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मसूद अजहर इस समय पाकिस्तान में है या किसी अन्य देश में।

2021 में पाकिस्तान ने कहा था- अफगानिस्तान भाग गया

मसूद अजहर की मौजूदा स्थिति को लेकर पाकिस्तान ने वर्ष 2021 में दावा किया था कि वह उसके देश में मौजूद नहीं है और अफगानिस्तान भाग गया है।

उसी वर्ष FIA ने अपनी रेड बुक में मसूद अजहर को भगोड़ा घोषित किया था और उसके बारे में सूचना देने के लिए 50 लाख पाकिस्तानी रुपये के इनाम की घोषणा की थी।

अब लगभग पांच वर्ष बाद एजेंसी ने इनाम की राशि में 20 लाख रुपये की वृद्धि की है। इसके बाद मसूद अजहर पर घोषित इनाम कुल 70 लाख पाकिस्तानी रुपये हो गया है।

हालांकि, पाकिस्तान की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि वह इस समय कहां है। इसलिए उसकी मौजूदा लोकेशन को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।

मसूद अजहर कौन है?

मसूद अजहर भारत के सबसे वांछित आतंकियों में शामिल है। वह जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक और प्रमुख है। जैश-ए-मोहम्मद को भारत, अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र समेत कई देशों ने आतंकवादी संगठन घोषित किया है।

मसूद अजहर का नाम भारत में कई आतंकवादी घटनाओं और मामलों से जुड़ा रहा है। उसकी गतिविधियों को लेकर भारत लंबे समय से पाकिस्तान के सामने भी सवाल उठाता रहा है।

अजहर को लेकर भारत की सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी एजेंसियों की ओर से लंबे समय से कार्रवाई की मांग की जाती रही है।

IC-814 अपहरण के बाद भारत की जेल से रिहा हुआ था अजहर

मसूद अजहर का नाम वर्ष 1999 में हुए इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 के अपहरण मामले में भी सामने आया था।

कंधार ले जाए गए इस विमान के यात्रियों की रिहाई के बदले भारत सरकार ने जेल में बंद मसूद अजहर को रिहा किया था। इसके बाद वह जैश-ए-मोहम्मद की गतिविधियों से जुड़ा और बाद में संगठन का प्रमुख बना।

IC-814 अपहरण प्रकरण भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण आतंकवाद संबंधी मामला रहा है। यात्रियों की सुरक्षित रिहाई के लिए आतंकवादियों की मांग के तहत अजहर समेत कुछ लोगों को भारत की हिरासत से छोड़ा गया था।

जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख है मसूद अजहर

मसूद अजहर को जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक और प्रमुख बताया जाता है। संगठन को कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

भारत के लिए अजहर लंबे समय से एक प्रमुख वांछित आतंकवादी है। उसके खिलाफ भारत में कई मामलों का उल्लेख किया जाता रहा है।

पाकिस्तान की FIA द्वारा अब उसे अपनी नई रेड बुक में भगोड़ा घोषित करना और उस पर इनाम बढ़ाना इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण है। हालांकि, इस कार्रवाई से अजहर की वास्तविक स्थिति या उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई के बारे में तत्काल कोई अतिरिक्त जानकारी सामने नहीं आई है।

पाकिस्तान पहले रह चुका है FATF की ग्रे लिस्ट में

पाकिस्तान को अतीत में FATF की ग्रे लिस्ट में रखा गया था। इस दौरान देश पर आतंकवादी संगठनों की फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए कार्रवाई करने का अंतरराष्ट्रीय दबाव था।

FATF की निगरानी व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य देशों की वित्तीय प्रणालियों को मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी फंडिंग से जुड़े जोखिमों से सुरक्षित रखना है।

पाकिस्तान अक्टूबर 2022 में FATF की ग्रे लिस्ट से बाहर हुआ था। ऐसे में FATF की आगामी बैठक से पहले आतंकवाद से जुड़े मामलों में कार्रवाई की घोषणा को अंतरराष्ट्रीय निगरानी के संदर्भ में महत्व दिया जा रहा है।

कार्रवाई के पीछे संभावित संदेश

मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाने और उसे नई रेड बुक में भगोड़ा घोषित करने की कार्रवाई को पाकिस्तान की ओर से अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने अपनी आतंकवाद विरोधी कार्रवाई दिखाने के प्रयास के रूप में देखा जा सकता है।

विशेष रूप से अक्टूबर में होने वाली FATF प्लेनरी बैठक के मद्देनजर यह कदम चर्चा में आया है। हालांकि, यह स्पष्ट रूप से नहीं कहा गया है कि इनाम बढ़ाने का फैसला सीधे FATF बैठक से जुड़ा हुआ है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, FIA ने अपनी पिछली घोषित इनाम राशि में वृद्धि की है और अजहर को भगोड़ा बताया है। इसके अलावा पाकिस्तान ने उसकी मौजूदा लोकेशन सार्वजनिक नहीं की है।

आगे की कार्रवाई पर रहेगी नजर

मसूद अजहर पर इनाम की राशि 50 लाख से बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये किए जाने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पाकिस्तान की एजेंसियां उसके खिलाफ आगे क्या कदम उठाती हैं।

फिलहाल पाकिस्तान की ओर से सामने आई कार्रवाई में FIA की रेड बुक में अजहर को भगोड़ा घोषित करना और उसके खिलाफ इनाम बढ़ाना शामिल है। वहीं, उसकी वर्तमान स्थिति के बारे में आधिकारिक रूप से स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।

अक्टूबर में FATF की प्लेनरी बैठक प्रस्तावित है। ऐसे में पाकिस्तान की आतंकवाद और आतंकी फंडिंग से संबंधित कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन सकती है।

मसूद अजहर के मामले में भारत की ओर से लंबे समय से उसकी आतंकवादी गतिविधियों और भारत में दर्ज मामलों का मुद्दा उठाया जाता रहा है। ऐसे में FIA की ताजा कार्रवाई को लेकर भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया पर भी नजर रहेगी।

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