दावणगेरे-हरिहर शहरी विकास प्राधिकरण गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए 200 एकड़ का आवासीय लेआउट विकसित करने की योजना बना रहा है। जिला प्रभारी मंत्री एस.एस. मल्लिकार्जुन ने करूर में संभावित परियोजना के लिए प्रस्ताव जल्द सरकार को भेजने के निर्देश दिए हैं।
बेंगलुरु: कर्नाटक के दावणगेरे-हरिहर शहरी विकास प्राधिकरण ने गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए 200 एकड़ में नया आवासीय लेआउट विकसित करने की योजना बनाई है। जिला प्रभारी मंत्री एस.एस. मल्लिकार्जुन ने शनिवार को हुई बैठक के बाद इसकी जानकारी दी। प्रस्तावित परियोजना का उद्देश्य ऐसे परिवारों को आवासीय भूखंड उपलब्ध कराना है, जिनके पास अभी अपना घर या प्लॉट नहीं है।
करूर में लेआउट विकसित करने पर विचार
जिला प्रभारी मंत्री एस.एस. मल्लिकार्जुन की अध्यक्षता में हुई बैठक में दावणगेरे-हरिहर शहरी विकास प्राधिकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में दावणगेरे के करूर क्षेत्र में नया आवासीय लेआउट विकसित करने के प्रस्ताव पर विचार किया गया।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि प्रस्तावित नए लेआउट के विस्तार से संबंधित जरूरी प्रस्ताव तैयार किए जाएं। अधिकारियों से कहा गया है कि 200 एकड़ में प्रस्तावित विकास योजना को जल्द से जल्द सरकार के समक्ष मंजूरी के लिए भेजा जाए।
मल्लिकार्जुन ने स्पष्ट किया कि नए आवासीय क्षेत्र के विकास में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और मध्यम वर्गीय परिवारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। योजना का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को आवासीय भूखंड उपलब्ध कराना है, जो आर्थिक कारणों से अब तक जमीन खरीदने में सक्षम नहीं हो पाए हैं।
बिना घर या प्लॉट वाले परिवारों को प्राथमिकता
प्रस्तावित 200 एकड़ का आवासीय विकास मुख्य रूप से उन परिवारों के लिए तैयार किया जाएगा, जिनके पास अपना घर या आवासीय प्लॉट नहीं है। मंत्री के अनुसार, जमीन और मकान की बढ़ती लागत के कारण कई गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए आवासीय संपत्ति खरीदना मुश्किल हो गया है।
ऐसे परिवारों को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण नए लेआउट के विकास की योजना बना रहा है। यदि प्रस्ताव को सरकार की मंजूरी मिलती है, तो संबंधित प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि आवासीय परियोजना के विकास में जरूरतमंद वर्गों को प्राथमिकता देना जरूरी है। इसके लिए अधिकारियों को विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर सरकार के सामने पेश करने को कहा गया है।
जेएच पटेल लेआउट की बची साइटों की नीलामी को मंजूरी
बैठक में जेएच पटेल लेआउट में बची हुई साइटों की नीलामी को भी मंजूरी दी गई। प्राधिकरण के पास उपलब्ध शेष साइटों को नीलाम करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
इसके साथ ही बैठक में नए 200 एकड़ के आवासीय लेआउट को लेकर प्रशासनिक और विकास संबंधी तैयारियों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को आवश्यक दस्तावेज और प्रस्ताव तैयार करने तथा उन्हें सरकार के पास जल्द भेजने के निर्देश दिए गए।
सरकार की मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगी परियोजना
200 एकड़ के नए आवासीय लेआउट की योजना फिलहाल प्रस्ताव के स्तर पर है। अधिकारियों को इसे विस्तार देने के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद परियोजना से जुड़ी अगली प्रक्रियाएं शुरू की जा सकेंगी।
इस परियोजना के जरिए दावणगेरे क्षेत्र में आवासीय जरूरतों को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने की योजना है। विशेष रूप से ऐसे परिवारों को लाभ पहुंचाने पर जोर है, जो अब तक आवासीय जमीन खरीदने में आर्थिक रूप से सक्षम नहीं रहे हैं।
किसानों के लिए पानी के मुद्दे पर भी बोले मल्लिकार्जुन
बैठक के बाद मल्लिकार्जुन ने किसानों के लिए पानी छोड़े जाने को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। यह विवाद भाजपा विधायक बी.पी. हरीश और मल्लिकार्जुन के बीच बयानबाजी का विषय बना हुआ है।
मल्लिकार्जुन ने भाजपा विधायक पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पानी से जुड़े मुद्दे पर चर्चा तथ्यों के आधार पर उचित बैठकों में होनी चाहिए।
मंत्री ने कहा कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय वास्तविक परिस्थितियों और तथ्यों पर बात की जानी चाहिए। किसानों से जुड़े विषयों को संबंधित मंच पर उठाकर उनके समाधान की दिशा में काम किया जाना चाहिए।
किसानों के साथ मिलकर समाधान निकालने की अपील
भाजपा की ओर से किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देते हुए मल्लिकार्जुन ने उन आरोपों को खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि उन्होंने किसानों के साथ कठोर भाषा का इस्तेमाल किया।
उन्होंने कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी किसानों को एकजुट करने और उनकी समस्याओं का समाधान खोजने की दिशा में काम करने की है। उनके अनुसार, किसानों की चिंताओं को लेकर राजनीतिक आरोप लगाने के बजाय सभी पक्षों को मिलकर समाधान तलाशना चाहिए।
आवास और किसान मुद्दे दोनों पर प्रशासन का फोकस
दावणगेरे-हरिहर शहरी विकास प्राधिकरण की बैठक में एक ओर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए नए आवासीय क्षेत्र की योजना पर चर्चा हुई, वहीं दूसरी ओर किसानों से जुड़े पानी के मुद्दे पर भी राजनीतिक बहस सामने आई।
200 एकड़ के प्रस्तावित लेआउट में जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है। करूर में संभावित विकास के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा और सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। साथ ही जेएच पटेल लेआउट की बची साइटों की नीलामी की प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी।
मंत्री एस.एस. मल्लिकार्जुन ने अधिकारियों से विकास प्रस्तावों को जल्द तैयार करने को कहा है। अब परियोजना की अगली दिशा सरकार की मंजूरी और उसके बाद होने वाली प्रशासनिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।











