न्यूयॉर्क के सरकारी स्कूलों में AI पर सख्ती, मेयर जोहरान ममदानी ने कहा- बच्चों को इंसानी जुड़ाव जरूरी

न्यूयॉर्क के सरकारी स्कूलों में AI के इस्तेमाल पर नई नीति लागू होगी। मेयर जोहरान ममदानी ने बच्चों की शिक्षा में शिक्षकों और मानवीय जुड़ाव को प्राथमिकता दी।

न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने सरकारी स्कूलों के लिए व्यापक AI नीति की घोषणा की है। उन्होंने शुरुआती शिक्षा में AI को जरूरी मानने से इनकार किया और बच्चों की पढ़ाई में शिक्षकों व मानवीय जुड़ाव को प्राथमिकता देने की बात कही।

न्यूयॉर्क: न्यूयॉर्क शहर के सरकारी स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को लेकर नई नीति की घोषणा की गई है। मेयर जोहरान ममदानी ने कहा कि बच्चों की शुरुआती शिक्षा में AI को अनिवार्य मानने की जरूरत नहीं है। उन्होंने शिक्षकों और मानवीय जुड़ाव को सीखने की प्रक्रिया का अहम हिस्सा बताते हुए टेक इंडस्ट्री के उस विचार से असहमति जताई कि शुरुआती शिक्षा में AI जरूरी होना चाहिए।

सरकारी स्कूलों के लिए पहली व्यापक AI नीति

मेयर जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क शहर के सरकारी स्कूलों के लिए व्यापक AI नीति की घोषणा करते हुए कहा कि उन्हें इस नीति को पेश करते हुए गर्व हो रहा है। उनके अनुसार, नीति की शुरुआत इस सिद्धांत से होती है कि बच्चों को सीखने और आगे बढ़ने के लिए अपने शिक्षकों तथा इंसानी जुड़ाव की जरूरत होती है।

न्यूयॉर्क के सरकारी स्कूलों में AI पर सख्ती, मेयर जोहरान ममदानी ने कहा- बच्चों को इंसानी जुड़ाव जरूरी

ममदानी ने शुरुआती शिक्षा में AI की भूमिका को लेकर टेक इंडस्ट्री के रुख पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि टेक इंडस्ट्री चाहती है कि यह माना जाए कि AI आधारित शुरुआती शिक्षा न सिर्फ तय है, बल्कि जरूरी भी है। हालांकि न्यूयॉर्क इस विचार को स्वीकार नहीं करता।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अभी तक ऐसी कोई स्टडी नहीं देखी है, जो प्राइमरी और मिडिल स्कूल के छात्रों के लिए AI को फायदेमंद बताती हो, सिवाय उन रिसर्च के जिन्हें उन्हीं कंपनियों ने स्पॉन्सर किया है।

टेक कंपनियों के दबाव से अलग फैसला

ममदानी के इस रुख को बड़ी टेक और AI कंपनियों के लिए झटके के तौर पर देखा जा रहा है। अमेरिका में एंथ्रोपिक, ओपनएआई और गूगल जैसी कंपनियां AI क्षेत्र में तेजी से प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। ऐसे माहौल में कंपनियां शिक्षा के क्षेत्र में भी AI टूल्स के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही हैं।

ममदानी ने हालांकि शुरुआती शिक्षा में AI को जरूरी बनाने के विचार से दूरी बनाए रखी है। उनके फैसले का सबसे ज्यादा असर कम उम्र के छात्रों पर पड़ सकता है। नीति के पीछे यह विचार है कि बच्चों की शुरुआती सीखने की प्रक्रिया में शिक्षक और मानवीय संपर्क महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

ई-बुक्स और कोडिंग सॉफ्टवेयर पर पाबंदी नहीं

नई नीति में तकनीक के हर इस्तेमाल पर रोक लगाने की बात नहीं है। ई-बुक्स और कोडिंग सॉफ्टवेयर को पाबंदियों से बाहर रखा गया है। खास तौर पर कोडिंग को कम उम्र से सीखने के लिए उपयोगी माना गया है।

इस तरह नीति का उद्देश्य स्कूलों से तकनीक को पूरी तरह हटाना नहीं, बल्कि छात्रों की शुरुआती शिक्षा में AI के इस्तेमाल को सीमित करना है। फिलहाल नीति के नियमों की घोषणा की गई है। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि न्यूयॉर्क के सरकारी स्कूलों में इन प्रतिबंधों को किस तरह लागू किया जाता है और छात्र, अभिभावक व शिक्षक इन नए नियमों के साथ किस तरह तालमेल बैठाते हैं।

Leave a comment