नाइजीरिया में सेना की बड़ी कार्रवाई, बंदूकधारियों के कब्जे से 33 लोगों को सुरक्षित छुड़ाया

नाइजीरिया के ज़मफारा में हथियारबंद लोगों द्वारा अगवा किए गए 33 लोगों को सेना ने सुरक्षित छुड़ा लिया। कार्रवाई के दौरान अपहरणकर्ता जंगल में भाग गए। सेना ने तलाश

नाइजीरिया के ज़मफारा राज्य में सेना और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में हथियारबंद लोगों द्वारा अगवा किए गए 33 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। सुरक्षा बलों के पहुंचते ही अपहरणकर्ता जंगल में भाग गए। सेना ने फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

अबुजा: नाइजीरिया में सुरक्षा बलों ने अपहरण के एक मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए 33 लोगों को सुरक्षित बचा लिया है। सेना के मुताबिक, इन लोगों का अपहरण देश के उत्तर-पश्चिमी ज़मफारा राज्य में हथियारबंद लोगों ने किया था। सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई के बाद सभी बंधकों को बिना किसी हताहत के मुक्त करा लिया गया।सेना ने बताया कि यह घटना शनिवार दोपहर ज़मफारा के त्साफे इलाके में हुई। अपहरण की सूचना मिलते ही नाइजीरियाई सेना और पुलिस की संयुक्त टीमें सक्रिय हो गईं। सुरक्षा बलों ने इलाके में अभियान शुरू किया और जल्द ही अपहरणकर्ताओं की गतिविधियों का पता लगा लिया।

बंधकों को दूसरी जगह ले जा रहे थे अपहरणकर्ता

नाइजीरियाई सेना के अनुसार, जब सुरक्षा बलों ने अपहरणकर्ताओं को घेरा, उस समय वे बंधकों को किसी अज्ञात स्थान की ओर ले जाने की कोशिश कर रहे थे। सैनिकों ने कार्रवाई शुरू की तो हथियारबंद लोगों ने जवाबी मुकाबला करने के बजाय पास के जंगल की ओर भागना शुरू कर दिया।

सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल अलीयू दांजा ने बताया कि सैनिकों ने प्रभावी गोलीबारी की, जिसके बाद आतंकवादी या हथियारबंद अपहरणकर्ता बंधकों को छोड़कर आसपास के झाड़ियों और जंगल की ओर भाग गए। उन्होंने कहा कि सेना को अभी यह स्पष्ट नहीं है कि अपहरणकर्ता बंधकों को किस स्थान पर ले जा रहे थे। सुरक्षा बल अब फरार आरोपियों का पता लगाने के लिए इलाके में तलाशी और ट्रैकिंग अभियान चला रहे हैं।

सभी 33 बंधक सुरक्षित

सेना के मुताबिक, अभियान की सबसे बड़ी सफलता यह रही कि सभी 33 लोगों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। किसी भी बंधक के हताहत होने की सूचना नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि बचाए गए लोगों को सुरक्षा बलों की निगरानी में सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। उनकी स्थिति के संबंध में सेना ने किसी गंभीर चोट की जानकारी नहीं दी है। सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब नाइजीरिया के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में अपहरण और सशस्त्र गिरोहों की गतिविधियां लंबे समय से बड़ी सुरक्षा चुनौती बनी हुई हैं।

उत्तर-पश्चिमी नाइजीरिया में अपहरण बड़ी समस्या

नाइजीरिया के उत्तर-पश्चिमी राज्यों में हथियारबंद गिरोहों द्वारा लोगों के अपहरण की घटनाएं आम हैं। इन समूहों का मुख्य उद्देश्य अक्सर फिरौती वसूलना होता है। यात्रियों, ग्रामीणों और कभी-कभी छात्रों को भी निशाना बनाया जाता है। प्रमुख सड़कों पर यात्रा करने वाले लोगों के लिए भी खतरा बना रहता है। कई मामलों में हथियारबंद समूह सड़क पर वाहनों को रोककर यात्रियों को अगवा कर लेते हैं और उन्हें जंगलों या दूरदराज के इलाकों में ले जाते हैं।

सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, फिरौती की रकम ने भी इस तरह के अपराध को बढ़ावा दिया है। परिवार अपने रिश्तेदारों को सुरक्षित छुड़ाने के लिए पैसे देने को मजबूर होते हैं। कुछ मामलों में मध्यस्थों या अधिकारियों के जरिए भी फिरौती का भुगतान किए जाने की खबरें सामने आती रही हैं।

सेना ने लोगों से सतर्क रहने को कहा

सेना के प्रवक्ता अलीयू दांजा ने ज़मफारा और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने नागरिकों से संदिग्ध गतिविधियों और हथियारबंद लोगों से जुड़ी किसी भी जानकारी को तुरंत सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंचाने का आग्रह किया।

सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि स्थानीय लोगों की जानकारी ऐसे अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। दूरदराज के इलाकों और जंगलों में सक्रिय गिरोहों के बारे में स्थानीय स्तर पर मिलने वाली सूचनाएं सुरक्षा बलों को उनके ठिकानों तक पहुंचने में मदद कर सकती हैं।

हाल के दिनों में कई बड़े बचाव अभियान

नाइजीरिया में यह अभियान ऐसे समय हुआ है, जब सुरक्षा बल हाल के दिनों में अपहरण के कई मामलों में बंधकों को मुक्त कराने में सफल रहे हैं। गुरुवार को नाइजीरियाई राष्ट्रपति कार्यालय ने बताया था कि देश में अलग-अलग हमलों के दौरान अगवा किए गए 300 से अधिक लोगों को सुरक्षा बलों ने बचाया है। इनमें क्वारा राज्य के वॉरो और नुकू समुदायों से फरवरी में अगवा किए गए 163 लोग भी शामिल थे। उस हमले में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई थी। इसके अलावा नाइजर राज्य में अगवा किए गए कम से कम 145 लोगों को भी सुरक्षा अभियान के दौरान मुक्त कराया गया। इन अभियानों से सरकार और सुरक्षा बलों को अपहरण की समस्या से निपटने में कुछ सफलता मिली है, लेकिन देश के कई हिस्सों में खतरा अभी भी बना हुआ है।

स्कूल से अगवा किए गए छात्र और शिक्षक भी हुए थे मुक्त

नाइजीरिया में हाल ही में एक स्कूल से अगवा किए गए 44 विद्यार्थियों और शिक्षकों को भी सुरक्षित बचाया गया था। उन्हें ओयो राज्य में एक स्कूल पर हुए हमले के दौरान अगवा किया गया था। ये लोग 50 दिनों से अधिक समय तक बंधक रहे थे। उनकी रिहाई ने देश में अपहरण और स्कूली छात्रों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ाई थी। नाइजीरिया में इससे पहले भी स्कूलों को हथियारबंद समूहों द्वारा निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं। इन घटनाओं ने अभिभावकों, शिक्षकों और सरकार के सामने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

राष्ट्रपति टिनूबू ने सैनिकों के वेतन में बढ़ोतरी का ऐलान किया

नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला टिनूबू ने सुरक्षा चुनौतियों से निपट रहे सैनिकों के लिए वेतन बढ़ाने की घोषणा भी की है। राष्ट्रपति ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए काम कर रहे सैन्यकर्मियों के योगदान को देखते हुए उनके वेतन में 80 प्रतिशत तक की वृद्धि की जाएगी। सरकार का कहना है कि सैनिकों को बेहतर आर्थिक प्रोत्साहन देने से सुरक्षा अभियानों में उनका मनोबल मजबूत होगा। नाइजीरिया इस समय बैंडिट्री, अपहरण, सशस्त्र हिंसा और इस्लामी उग्रवादी संगठनों से जुड़ी कई सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में मुख्य रूप से फिरौती के लिए होने वाले अपहरण चिंता का विषय बने हुए हैं, जबकि देश के अन्य हिस्सों में अलग-अलग सशस्त्र समूह सक्रिय हैं।

2027 के चुनाव से पहले सुरक्षा बड़ा राजनीतिक मुद्दा

नाइजीरिया में लगातार बनी सुरक्षा अस्थिरता अब राजनीतिक मुद्दा भी बन चुकी है। 2027 में होने वाले राष्ट्रपति और अन्य चुनावों से पहले सरकार पर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ रहा है। राष्ट्रपति टिनूबू की सरकार के सामने चुनौती केवल अपहरण के मामलों को रोकना नहीं, बल्कि उन आपराधिक नेटवर्क को कमजोर करना भी है जो लंबे समय से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में सक्रिय हैं।

33 लोगों की सुरक्षित रिहाई सुरक्षा बलों के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता है, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए केवल बचाव अभियान पर्याप्त नहीं होंगे। खुफिया तंत्र को मजबूत करना, प्रमुख सड़कों की सुरक्षा बढ़ाना और अपहरण के पीछे काम कर रहे वित्तीय नेटवर्क पर कार्रवाई करना भी जरूरी होगा।

फिलहाल नाइजीरियाई सेना ने फरार अपहरणकर्ताओं की तलाश तेज कर दी है। अधिकारियों को उम्मीद है कि बचाए गए लोगों और स्थानीय स्तर से मिलने वाली जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। सरकार के लिए चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि हाल की सफल बचाव कार्रवाइयां देश में अपहरण और सशस्त्र हिंसा के खिलाफ लंबे समय की रणनीति में बदलें।

Leave a comment