प्रधानमंत्री मोदी ने नितिन नवीन को अपना 'बॉस' कहा, कांग्रेस ने इसे भाजपा में सत्ता के केंद्रीकरण और 'बिग बॉस' खेल करार दिया। पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने चुनाव प्रक्रिया और पारदर्शिता पर सवाल उठाए।
New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नितिन नवीन को अपना 'बॉस' कहने के बयान पर कांग्रेस ने पलटवार किया है। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने इस बयान को भाजपा के अंदरूनी खेल का उदाहरण बताते हुए कहा कि पार्टी में अब 'बिग बॉस' का खेल चल रहा है। खेड़ा ने यह भी सवाल उठाया कि भाजपा की आंतरिक चुनाव प्रक्रिया कितनी पारदर्शी है। उन्होंने यह टिप्पणी दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की, जहां उन्होंने भाजपा के संगठनात्मक ढांचे पर कटाक्ष किया।
'बिग बॉस का खेल' करार
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि भाजपा और आरएसएस के बीच लगातार सत्ता का खेल चलता रहता है। कभी आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत किसी के बॉस बन जाते हैं, तो कभी प्रधानमंत्री मोदी किसी के बॉस बन जाते हैं। उन्होंने यह सब देखकर कहा कि क्या भाजपा में 'बिग बॉस' का खेल खेला जा रहा है। इस टिप्पणी के माध्यम से उन्होंने पार्टी के अंदरूनी निर्णय प्रक्रिया और चुनाव के वास्तविक स्वरूप पर सवाल उठाए।
चुनाव की प्रक्रिया पर सवाल
खेड़ा ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष के चुनाव को लेकर जनता को भ्रमित किया गया है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर चुनाव कहां हुआ और इसे चुनाव क्यों कहा जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि पहले भाजपा अध्यक्ष घोषित कर दिए जाते हैं और फिर कहा जाता है कि चुनाव होगा, लेकिन वास्तविक रूप से कोई चुनाव नहीं होता।

उन्होंने यह भी बताया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इस प्रक्रिया में कोई भूमिका नहीं निभाई और उन्होंने चुनाव में हस्तक्षेप या प्रभाव डालने का अवसर भी नहीं पाया।
नितिन नवीन बने भाजपा अध्यक्ष
नितिन नवीन को मंगलवार को औपचारिक रूप से भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया। उन्होंने जेपी नड्डा का स्थान लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें बधाई दी और कहा कि पार्टी से संबंधित मामलों में नवीन उनका 'बॉस' होंगे। इस बयान के बाद कांग्रेस ने इसे भाजपा के अंदरूनी खेल और पार्टी में सत्ता के केंद्रीकरण का प्रतीक बताया।
भाजपा की आंतरिक संरचना पर कटाक्ष
खेड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान भाजपा में शीर्ष नेतृत्व और निचले स्तर के कार्यकर्ताओं के बीच सत्ता के खेल को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि पार्टी में निर्णय लेने की प्रक्रिया में लोकतांत्रिक सिद्धांतों का पालन नहीं किया जाता। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के प्रमुख नेताओं के बीच सत्ता का खेल चलता रहता है और यह जनता के सामने पार्टी की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है।
ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस प्रक्रिया से नाराज हैं। उन्होंने बताया कि चुनाव प्रक्रिया में उनकी कोई भूमिका नहीं थी और वे चाहते थे कि कुछ प्रभावित किया जाए, लेकिन उन्हें कोई अवसर नहीं मिला। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी के अंदर लोकतंत्र की प्रक्रिया केवल दिखावा है और असल में 'बॉस' तय पहले ही कर दिए जाते हैं।











