NO UPI Payment: 2 अक्टूबर को नहीं चलेगा UPI? दुकानों पर काम नहीं करेंगे सारे QR कोड्स?

NO UPI Payment: 2 अक्टूबर को देशभर में UPI बंद नहीं होगा। ‘No UPI Day’ का ऐलान करने वाले प्रमुख व्यापारी संगठनों ने विरोध वापस ले लिया है। जानिए QR कोड और UPI

अगर आप भी कैश रखने के बजाय स्मार्टफोन से ही पेमेंट करते हैं और चाय की दुकान से लेकर शॉपिंग मॉल तक हर जगह UPI (Google Pay, PhonePe और Paytm) का इस्तेमाल करते हैं, तो 2 अक्टूबर को आपको थोड़ी परेशानी हो सकती है।

बिजनेस न्यूज़: अगर आप रोजमर्रा की खरीदारी के लिए कैश रखने के बजाय UPI पर निर्भर रहते हैं, तो 2 अक्टूबर को कुछ दुकानों पर आपको परेशानी हो सकती है। दरअसल, देश के कुछ मोबाइल रिटेलर्स ने 2 अक्टूबर को 'No UPI Day' मनाने का ऐलान किया है। इसके तहत विरोध में शामिल दुकानदार अपने UPI QR कोड को ढक सकते हैं और ग्राहकों से डिजिटल पेमेंट स्वीकार नहीं करेंगे।

इस खबर के सामने आने के बाद लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि क्या 2 अक्टूबर को पूरे देश में UPI सेवा बंद हो जाएगी और Google Pay, PhonePe या Paytm जैसे ऐप से पेमेंट करना संभव नहीं होगा? ऐसा नहीं है। यह किसी राष्ट्रीय स्तर की UPI सर्विस बंदी नहीं है, बल्कि प्रस्तावित MDR के खिलाफ कुछ व्यापारियों का विरोध है।

क्यों मनाया जा रहा है No UPI Day?

मोबाइल फोन, एक्सेसरीज और इलेक्ट्रॉनिक सामान बेचने वाले कुछ रिटेलर्स प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत Merchant Discount Rate यानी MDR का विरोध कर रहे हैं। यह शुल्क कुछ मर्चेंट UPI ट्रांजेक्शन पर लागू किए जाने का प्रस्ताव है। मोबाइल रिटेलर्स का कहना है कि लंबे समय से UPI मर्चेंट पेमेंट पर जीरो-MDR व्यवस्था रही है। ऐसे में नई फीस से कारोबार की लागत बढ़ सकती है। इसी मुद्दे को लेकर रिटेलर्स 2 अक्टूबर, यानी गांधी जयंती के दिन प्रतीकात्मक विरोध करने की तैयारी में हैं।

15 अक्टूबर से क्या बदलने वाला है?

प्रस्तावित नए नियमों के तहत 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से अधिक के कुछ Person-to-Merchant यानी P2M UPI पेमेंट पर 0.4 प्रतिशत तक MDR लागू किया जाना है। हालांकि यह नियम हर तरह के UPI ट्रांजेक्शन पर लागू नहीं होगा। व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P ट्रांसफर पहले की तरह अलग व्यवस्था के तहत जारी रहेंगे। 

छोटे मर्चेंट पेमेंट को भी प्रस्तावित शुल्क के दायरे से अलग रखा गया है। इसके अलावा कुछ जरूरी क्षेत्रों के लिए अलग MDR व्यवस्था प्रस्तावित है। यानी किसी दोस्त या परिवार के सदस्य को UPI के जरिए पैसे भेजने और किसी दुकान पर सामान खरीदने के बीच शुल्क व्यवस्था अलग हो सकती है।

मोबाइल रिटेलर्स क्यों कर रहे हैं विरोध?

रिपोर्टों के मुताबिक, इस विरोध का नेतृत्व ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (AIMRA) कर रहा है। एसोसिएशन का कहना है कि मोबाइल कारोबार में कई बार बड़ी रकम के डिजिटल पेमेंट होते हैं। ऐसे ट्रांजेक्शन पर MDR लागू होने से दुकानदारों की लागत बढ़ सकती है। AIMRA से जुड़े पदाधिकारियों के मुताबिक, विरोध के दौरान कुछ मोबाइल दुकानदार अपने UPI QR कोड को काले कपड़े से ढकेंगे। 

उनका उद्देश्य ग्राहकों को यह बताना है कि वे प्रस्तावित MDR व्यवस्था से सहमत नहीं हैं। रिटेलर्स चाहते हैं कि UPI मर्चेंट पेमेंट के लिए जीरो-MDR मॉडल जारी रहे।

क्या 2 अक्टूबर को पूरे देश में UPI बंद रहेगा?

नहीं। 2 अक्टूबर को UPI नेटवर्क या उसके सर्वर देशभर में बंद नहीं किए जाएंगे। Google Pay, PhonePe, Paytm और अन्य UPI ऐप सामान्य रूप से काम करते रहेंगे। समस्या केवल उन दुकानों पर आ सकती है जहां व्यापारी इस विरोध में शामिल होंगे। यदि किसी दुकान का QR कोड हटा दिया गया है या दुकानदार UPI पेमेंट स्वीकार नहीं करता, तो ग्राहक को कैश या उपलब्ध किसी दूसरे पेमेंट विकल्प का इस्तेमाल करना पड़ सकता है। वहीं, बड़े शोरूम, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और वे व्यापारी जो 'No UPI Day' में शामिल नहीं हैं, वहां UPI पेमेंट सामान्य रूप से जारी रह सकता है।

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