नोएडा में डॉक्टर से एक करोड़ की साइबर ठगी, इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर लगाया चूना; रकम लेकर आरोपियों ने तोड़ा संपर्क

नोएडा में डॉक्टर को इंश्योरेंस पॉलिसी पर एक करोड़ रुपये दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी की गई। पैसे लेने के बाद आरोपियों ने संपर्क तोड़ लिया।
नोएडा में डॉक्टर से एक करोड़ की साइबर ठगी, इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर लगाया चूना; रकम लेकर आरोपियों ने तोड़ा संपर्क
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नोएडा में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है, जहां एक डॉक्टर को इंश्योरेंस पॉलिसी पर एक करोड़ रुपये दिलाने का झांसा देकर ठगी के जाल में फंसाया गया। आरोपियों ने डॉक्टर को भरोसा दिलाया कि उनकी पॉलिसी के बदले उन्हें बड़ी रकम मिल सकती है। इस लालच में डॉक्टर से अलग-अलग चरणों में पैसे लिए गए। रकम हासिल करने के बाद आरोपियों ने उनसे संपर्क तोड़ लिया। ठगी का पता चलने पर पीड़ित डॉक्टर ने मामले में शिकायत दर्ज कराई।

बताया जा रहा है कि साइबर ठगों ने इंश्योरेंस पॉलिसी से जुड़ी जानकारी का इस्तेमाल कर डॉक्टर को अपने विश्वास में लेने की कोशिश की। उन्हें इस तरह समझाया गया कि पॉलिसी के एवज में एक करोड़ रुपये तक की राशि दिलाई जा सकती है। बड़ी रकम मिलने की उम्मीद में डॉक्टर आरोपियों की बातों पर भरोसा करते चले गए। ठगों ने कथित तौर पर रकम जारी कराने की प्रक्रिया का हवाला देकर उनसे पैसे जमा कराए।

आरोपियों ने डॉक्टर को यह भरोसा दिलाया कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें बड़ी राशि मिल जाएगी। इसी बहाने उनसे पैसे लिए गए। लेकिन जब डॉक्टर ने एक करोड़ रुपये मिलने के बारे में जानकारी मांगी, तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। बाद में उन्होंने फोन उठाना और बातचीत करना बंद कर दिया। इस तरह डॉक्टर को ठगी का एहसास हुआ।

साइबर ठगी के ऐसे मामलों में अपराधी अक्सर बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी, बोनस, अतिरिक्त लाभ या पॉलिसी से जुड़ी रकम दिलाने का झांसा देते हैं। इसके बाद प्रोसेसिंग फीस, टैक्स, फाइल चार्ज या अन्य औपचारिकताओं के नाम पर पैसे मांगे जाते हैं। पीड़ित को लगता है कि यह राशि मिलने वाली रकम हासिल करने के लिए जरूरी है, जबकि ठगों का उद्देश्य पैसे ऐंठना होता है।

नोएडा में सामने आया यह मामला बीमा पॉलिसी से जुड़े वित्तीय लेनदेन में सावधानी बरतने की जरूरत को रेखांकित करता है। किसी भी बीमा कंपनी की ओर से मिलने वाले लाभ की जानकारी केवल कंपनी के आधिकारिक कार्यालय, वेबसाइट या अधिकृत प्रतिनिधि से ही सत्यापित करनी चाहिए। यदि कोई अनजान व्यक्ति पॉलिसी के बदले बड़ी रकम दिलाने का दावा करता है और पहले पैसे जमा करने का दबाव बनाता है, तो उसकी बातों पर बिना जांच के भरोसा नहीं करना चाहिए।

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