नोएडा में अब फूड वैन और मोबाइल फूड कारोबार को व्यवस्थित करने की तैयारी शुरू हो गई है। शहर में अलग-अलग स्थानों पर विशेष वेंडिंग जोन बनाए जाएंगे, जहां रजिस्ट्रेशन के बाद फूड वैन संचालकों को तय जगह आवंटित की जाएगी।
प्राधिकरण की योजना के मुताबिक, सड़क किनारे और ट्रैफिक प्रभावित करने वाले स्थानों पर फूड वैन खड़ी करने पर रोक लगाई जाएगी। इसका उद्देश्य शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना और अनियंत्रित पार्किंग की समस्या को कम करना है।
अधिकारियों के अनुसार, शहर में बड़ी संख्या में फूड वैन बिना तय व्यवस्था के सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर खड़ी हो जाती हैं, जिससे ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था की स्थिति पैदा होती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद फूड कारोबारियों को निर्धारित क्षेत्रों में ही संचालन की अनुमति होगी।
वेंडिंग जोन में पानी, बिजली, सफाई और बैठने जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित करने की भी योजना बनाई जा रही है। इससे ग्राहकों को बेहतर माहौल मिलेगा और कारोबारियों को भी व्यवस्थित तरीके से व्यापार करने का अवसर मिलेगा।
फूड वैन संचालकों को पहले रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके बाद नियमों और उपलब्धता के आधार पर उन्हें जगह आवंटित की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे अवैध कब्जे और मनमानी पार्किंग पर भी रोक लगेगी।
शहर के कई युवा और छोटे उद्यमी फूड वैन बिजनेस से जुड़े हुए हैं। ऐसे में यह योजना उनके लिए नई संभावनाएं भी लेकर आ सकती है। व्यवस्थित वेंडिंग जोन बनने से ग्राहकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
हालांकि कुछ संचालकों का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद किराया और नियमों का बोझ बढ़ सकता है। वहीं कई लोगों ने इसे बेहतर कदम बताते हुए कहा कि इससे शहर की सड़कों पर अव्यवस्था कम होगी।
शहरी विकास विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरों में इस तरह की योजनाएं जरूरी होती हैं। इससे स्ट्रीट फूड कारोबार को वैध और सुरक्षित पहचान मिलती है, साथ ही यातायात व्यवस्था भी बेहतर होती है।
फिलहाल प्राधिकरण संभावित स्थानों का चयन करने और नीति को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है। योजना लागू होने के बाद नोएडा में फूड वैन संचालन का तरीका पूरी तरह बदल सकता है।