सीजेपी से मेरा कोई संबंध नहीं’, ध्रुव राठी ने प्रदर्शन के बीच दी सफाई, राजनीति में आने पर कही ये बात

Dhruv Rathee News: यूट्यूबर ध्रुव राठी ने CJP से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया है। उन्होंने साफ कहा कि वह राजनीति में नहीं आना चाहते और प्रदर्शन में

यूट्यूबर ध्रुव राठी ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ने नहीं आए हैं और न ही राजनीति में शामिल होना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत हैसियत से इस आंदोलन में हिस्सा ले रहे हैं।

Dhruv Rathee: यूट्यूबर ध्रुव राठी ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़ने की खबरों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि उनका किसी राजनीतिक दल से जुड़ने का इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत हैसियत से विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए हैं और राजनीति में प्रवेश करने की उनकी कोई योजना नहीं है। 

उनका यह बयान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े कथित विवादों के बीच सामने आया है। राठी ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता, संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े सवालों पर भी अपनी राय रखी।

ध्रुव राठी ने सीजेपी से संबंध होने की खबरों पर क्या कहा?

ध्रुव राठी ने साफ शब्दों में कहा कि उनका कॉकरोच जनता पार्टी से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन में उनकी भागीदारी किसी राजनीतिक दल के प्रतिनिधि के रूप में नहीं, बल्कि एक नागरिक के तौर पर है। उनके मुताबिक, किसी मुद्दे पर आवाज उठाने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति किसी राजनीतिक संगठन में शामिल होना चाहता है।

राठी की सफाई ऐसे समय आई, जब मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विरोध प्रदर्शन की चर्चा हो रही थी। इस विवाद में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों और उनसे जुड़े दावों का मूल्यांकन संबंधित तथ्यों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर किया जाना जरूरी है।

राजनीति में आने को लेकर ध्रुव राठी का रुख

राजनीति में आने के सवाल पर ध्रुव राठी ने स्पष्ट किया कि फिलहाल उनका ऐसा कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि वह राजनीतिक दल का हिस्सा बनने के बजाय नागरिक के रूप में महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखना चाहते हैं। राठी पहले भी पश्चिम बंगाल और बिहार के चुनावों सहित विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर वीडियो बनाकर अपनी राय साझा करते रहे हैं। लेकिन इस बार उन्हें लगा कि मामला केवल ऑनलाइन चर्चा तक सीमित रखने के बजाय प्रत्यक्ष भागीदारी की मांग करता है। इसी वजह से उन्होंने विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का फैसला किया।

उनके अनुसार, कुछ मुद्दे इतने महत्वपूर्ण होते हैं कि उन पर केवल डिजिटल माध्यमों से चर्चा करना पर्याप्त नहीं होता। नागरिकों को अपनी आवाज उठाने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में भाग लेने की जरूरत भी महसूस हो सकती है।

चुनाव आयोग और दूसरी संस्थाओं की स्वतंत्रता पर उठाए सवाल

ध्रुव राठी ने चुनाव आयोग, न्यायपालिका और मीडिया जैसी संस्थाओं की स्वतंत्रता को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में इन संस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है और उनकी स्वायत्तता पर उठने वाले सवालों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। राठी का मानना है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विवादों को उचित संस्थागत मंचों पर उठाया जाना चाहिए। 

उन्होंने न्यायपालिका की भूमिका का भी उल्लेख किया और कहा कि इस तरह के मामलों में यह देखना जरूरी है कि संवैधानिक संस्थाओं के पास अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए पर्याप्त स्वतंत्रता और अधिकार हैं या नहीं। हालांकि, संस्थाओं पर दबाव से संबंधित उनके बयान उनके व्यक्तिगत विचार हैं। ऐसे आरोपों की पुष्टि के लिए स्वतंत्र साक्ष्य और संबंधित पक्षों का दृष्टिकोण महत्वपूर्ण है।

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