भारत के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) ने अपने प्रस्तावित आईपीओ से पहले वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं।
बिजनेस न्यूज़: भारत के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) ने अपने प्रस्तावित IPO से पहले वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के शानदार नतीजे जारी किए हैं। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) सालाना आधार पर 7 प्रतिशत बढ़कर ₹3,120 करोड़ हो गया है।
कंपनी के मुनाफे में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से ट्रांजैक्शन चार्ज से होने वाली आय में वृद्धि और ऑपरेशनल इनकम के बेहतर प्रदर्शन के कारण हुई है। IPO की तैयारी के बीच आए इन मजबूत वित्तीय आंकड़ों ने निवेशकों के बीच उत्साह बढ़ा दिया है।
IPO से पहले NSE के मजबूत नतीजे
NSE लंबे समय से अपने IPO की तैयारी कर रहा है। कंपनी ने 17 जून 2026 को बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास करीब ₹30,000 करोड़ (लगभग 3 अरब डॉलर) के प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया था। प्रस्तावित NSE IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) के रूप में पेश किया जाएगा। इसमें मौजूदा शेयरधारक लगभग 14.89 करोड़ शेयरों तक की बिक्री कर सकते हैं।
IPO से पहले कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजे बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं। बेहतर आय और बढ़ते मुनाफे से NSE की वित्तीय स्थिति मजबूत दिखाई दे रही है।
NSE का मुनाफा और आय में बढ़ोतरी
NSE ने बताया कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में उसका कंसोलिडेटेड PAT बढ़कर ₹3,120 करोड़ हो गया है। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में कंपनी का मुनाफा ₹2,924 करोड़ था। कंपनी की कुल आय में भी अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। अप्रैल-जून तिमाही में NSE की कुल आय सालाना आधार पर 9 प्रतिशत बढ़कर ₹5,252 करोड़ हो गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा ₹4,798 करोड़ था। कंपनी के अनुसार, बाजार गतिविधियों में मजबूती और विभिन्न सेवाओं से बढ़ी आय ने वित्तीय प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद की।

ट्रांजैक्शन चार्ज से हुई सबसे ज्यादा कमाई
NSE की कमाई का सबसे बड़ा स्रोत ट्रांजैक्शन चार्ज रहा। जून तिमाही में इस मद से कंपनी की आय बढ़कर ₹3,623 करोड़ हो गई। पिछले साल इसी अवधि में ट्रांजैक्शन चार्ज से NSE को ₹3,154 करोड़ की आय हुई थी। शेयर बाजार में बढ़ते कारोबार और मजबूत ट्रेडिंग गतिविधियों ने एक्सचेंज की कमाई को बढ़ावा दिया है। इसके अलावा कंपनी को अन्य सेवाओं से भी अच्छी आय मिली।
- डेटा कनेक्टिविटी चार्ज से आय: ₹258 करोड़
- ऑपरेटिंग निवेश से आय: ₹234 करोड़
- डेटा फीड और टर्मिनल सेवाओं से आय: ₹150 करोड़
इन सभी क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन ने NSE की कुल आय बढ़ाने में योगदान दिया।
शेयर बाजार में NSE की अहम भूमिका
NSE भारतीय पूंजी बाजार का प्रमुख एक्सचेंज है और देश में इक्विटी, डेरिवेटिव्स, बॉन्ड और अन्य वित्तीय उत्पादों की ट्रेडिंग के लिए महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराता है। पिछले कुछ वर्षों में भारत में खुदरा निवेशकों की संख्या बढ़ी है और डिजिटल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के विस्तार से बाजार गतिविधियों में तेजी आई है। इसका सीधा फायदा एक्सचेंज कंपनियों को मिला है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत ट्रेडिंग वॉल्यूम, तकनीकी सेवाओं का विस्तार और वित्तीय बाजार में बढ़ती भागीदारी NSE के भविष्य के विकास में अहम भूमिका निभा सकती है।












