UPI Charges: ₹2,000 तक के UPI पेमेंट पर नहीं लगेगा कोई चार्ज, सरकार ने दूर किया भ्रम

UPI Charges: सरकार ने साफ किया है कि ₹2,000 तक के UPI पेमेंट पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा। जानें UPI ट्रांजैक्शन और RuPay डेबिट कार्ड पेमेंट से जुड़े नियम।

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि 2,000 रुपये तक के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ट्रांजैक्शन पर बैंक किसी भी तरह का शुल्क नहीं लगा सकेंगे। इसी तरह, रुपे डेबिट कार्ड के जरिए 2,000 रुपये तक किए जाने वाले भुगतान पर भी कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

UPI Charges: डिजिटल पेमेंट करने वाले करोड़ों लोगों के लिए केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि ₹2,000 तक के UPI ट्रांजैक्शन पर किसी तरह का शुल्क नहीं लगाया जाएगा। इसके अलावा ₹2,000 तक के भुगतान के लिए RuPay डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करने पर भी ग्राहकों से कोई चार्ज नहीं लिया जा सकेगा।

वित्त मंत्रालय की ओर से जारी राजपत्र अधिसूचना में UPI और RuPay डेबिट कार्ड से जुड़े छोटे भुगतानों को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई है। अधिसूचना के मुताबिक, ₹2,000 तक के UPI लेनदेन और RuPay डेबिट कार्ड के जरिए किए गए ₹2,000 तक के भुगतान को आधिकारिक तौर पर इलेक्ट्रॉनिक भुगतान माध्यम के रूप में अधिसूचित किया गया है।

बैंक नहीं वसूल सकेंगे कोई शुल्क

सरकार के स्पष्टीकरण के बाद बैंक और भुगतान प्रणाली संचालक इन माध्यमों से भुगतान करने या भुगतान प्राप्त करने वाले व्यक्ति से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई शुल्क नहीं वसूल सकेंगे। यानी आम उपभोक्ता अगर ₹2,000 तक का UPI भुगतान करता है, तो उसके खाते से लेनदेन के नाम पर अतिरिक्त शुल्क नहीं काटा जा सकेगा।

यह फैसला Payment and Settlement Systems Act, 2007 के तहत केंद्र सरकार को मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए लिया गया है। सरकार का कहना है कि इसका प्रमुख उद्देश्य UPI भुगतान पर संभावित शुल्क को लेकर पैदा हुए भ्रम को दूर करना और डिजिटल पेमेंट सिस्टम में स्पष्टता बनाए रखना है।

P2P UPI पेमेंट भी रहेंगे फ्री

सरकार ने इससे पहले भी स्पष्ट किया था कि आम उपभोक्ताओं के बीच होने वाले Person-to-Person (P2P) UPI ट्रांजैक्शन मुफ्त रहेंगे। इसका मतलब है कि एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को UPI के माध्यम से पैसे भेजने पर किसी सामान्य शुल्क का प्रावधान नहीं किया गया है। यह व्यवस्था UPI के उस मॉडल को बनाए रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण है, जिसके तहत डिजिटल भुगतान को आसान और कम लागत वाला माध्यम बनाने पर जोर दिया गया है। छोटे भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं के लिए यह स्पष्टीकरण खास तौर पर राहत देने वाला है।

क्या मर्चेंट पेमेंट पर लगेगा MDR?

UPI के जरिए दुकानदारों और अन्य कारोबारियों को किए जाने वाले भुगतान को लेकर भी सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। सरकार के मुताबिक, व्यापारियों पर व्यापक रूप से लागू होने वाला Merchant Discount Rate (MDR) नहीं लगाया जाएगा। हालांकि, भविष्य में कुछ विशेष श्रेणी के मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR की व्यवस्था की जा सकती है। 

ऐसी स्थिति में शुल्क एक निश्चित सीमा से अधिक राशि वाले भुगतान पर और सीमित दर पर लागू होने की बात कही गई है। सरकार का कहना है कि अगर ऐसा कोई शुल्क लागू होता है तो इसकी दर डेबिट या क्रेडिट कार्ड से जुड़े सामान्य MDR की तुलना में काफी कम रखी जाएगी।

UPI चार्ज को लेकर क्यों शुरू हुआ था विवाद?

UPI Charges को लेकर हाल में चर्चा इसलिए तेज हुई क्योंकि Payment and Settlement Systems Act, 2007 में किए गए बदलावों के बाद डिजिटल भुगतान पर संभावित शुल्क को लेकर कई तरह की अटकलें सामने आई थीं। इससे UPI इस्तेमाल करने वाले लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा था कि क्या आने वाले समय में छोटे डिजिटल भुगतानों पर भी चार्ज लगाया जा सकता है।

अब सरकार ने आधिकारिक अधिसूचना के जरिए इस आशंका को काफी हद तक दूर कर दिया है। ₹2,000 तक के UPI भुगतान और RuPay डेबिट कार्ड से किए गए ₹2,000 तक के भुगतान पर ग्राहकों से शुल्क नहीं लिया जाएगा।

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