सीकर नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस ने 65 में से 38 सीटें जीतकर लगातार तीसरी बार बोर्ड बनाया। भाजपा को 22 सीटें मिलीं, जबकि 4 निर्दलीय और 1 सीट RLP के खाते में गई। मतगणना के दौरान समर्थकों के बीच पथराव भी हुआ।
सीकर: राजस्थान के सीकर नगर परिषद चुनाव के नतीजे घोषित होने के साथ ही शहर की नई राजनीतिक तस्वीर साफ हो गई है। 65 वार्डों वाली सीकर नगर परिषद में कांग्रेस ने 38 सीटों पर जीत दर्ज कर बहुमत हासिल कर लिया है। इसके साथ ही कांग्रेस लगातार तीसरी बार नगर परिषद में अपना बोर्ड बनाने में सफल रही है। सीकर में यह कांग्रेस का कुल सातवां बोर्ड होगा।
चुनाव परिणाम के अनुसार भाजपा के 22 प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। इसके अलावा 4 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे, जबकि 1 वार्ड राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के खाते में गया। नगर परिषद में बोर्ड बनाने के लिए किसी भी दल को 65 में से कम से कम 33 पार्षदों के समर्थन की आवश्यकता होती है। कांग्रेस ने 38 सीटों के साथ इस आंकड़े को आसानी से पार कर लिया।
कांग्रेस ने लगातार तीसरी बार हासिल किया बहुमत
सीकर नगर परिषद के चुनाव परिणाम कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। पार्टी ने 38 वार्डों में जीत दर्ज कर नगर परिषद पर अपना नियंत्रण बरकरार रखा है। लगातार तीसरी बार कांग्रेस का बोर्ड बनने से स्थानीय निकाय की राजनीति में पार्टी की स्थिति मजबूत हुई है।
दूसरी ओर भाजपा ने 22 सीटों पर जीत दर्ज की। हालांकि भाजपा कांग्रेस को बहुमत हासिल करने से रोकने में सफल नहीं रही, लेकिन 22 पार्षदों के साथ वह नगर परिषद में प्रमुख विपक्षी ताकत के रूप में मौजूद रहेगी।
चार निर्दलीय उम्मीदवारों की जीत भी चुनाव परिणाम का अहम हिस्सा रही। वहीं RLP ने एक वार्ड में जीत हासिल कर नगर परिषद में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
पूर्व सभापति जीवण खां और उनकी पत्नी की जीत
सीकर नगर परिषद चुनाव में पूर्व सभापति जीवण खां ने वार्ड नंबर 15 से जीत हासिल की। उनकी पत्नी खतीजा ने भी चुनाव में सफलता दर्ज करते हुए वार्ड नंबर 16 से जीत दर्ज की।
दोनों की जीत को स्थानीय राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि वार्ड नंबर 46 में कांग्रेस उम्मीदवार सुरेश सैनी को हार का सामना करना पड़ा। इसके विपरीत उनकी पत्नी कोमल ने वार्ड नंबर 47 से कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की।
इस तरह एक ही परिवार से जुड़े उम्मीदवारों को अलग-अलग वार्डों में मिले परिणामों ने भी चुनाव की तस्वीर को दिलचस्प बना दिया।
वार्ड 20 में जीत के बाद निकाला गया विजय जुलूस
वार्ड नंबर 20 में कांग्रेस प्रत्याशी शंभू दयाल ने जीत दर्ज की। परिणाम सामने आने के बाद समर्थकों ने जीत का जश्न मनाया और विजय जुलूस निकाला।
स्थानीय स्तर पर चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद कई वार्डों में समर्थकों ने जश्न मनाया। वहीं कुछ स्थानों पर राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के कारण विवाद की स्थिति भी देखने को मिली।
वार्ड 18 में बराबर वोट, लॉटरी से हुआ फैसला
सीकर नगर परिषद चुनाव के सबसे रोचक परिणामों में वार्ड नंबर 18 का मुकाबला रहा। यहां कांग्रेस प्रत्याशी साबिर और RLP उम्मीदवार यूनुस को बराबर 643-643 वोट मिले।
दोनों उम्मीदवारों को समान संख्या में मत मिलने के बाद चुनाव परिणाम सामान्य तरीके से तय नहीं हो सका। इसके बाद लॉटरी के माध्यम से विजेता का फैसला किया गया। लॉटरी में RLP उम्मीदवार यूनुस के पक्ष में परिणाम आया और उन्हें विजेता घोषित किया गया।
इस तरह वार्ड नंबर 18 की सीट RLP के खाते में चली गई। बराबर वोट और उसके बाद लॉटरी से फैसला होने के कारण यह मुकाबला पूरे निकाय चुनाव के प्रमुख परिणामों में शामिल रहा।

वार्ड 25 में निर्दलीय उम्मीदवार की जीत
वार्ड नंबर 25 में मतदाताओं ने कांग्रेस और भाजपा दोनों को पीछे छोड़ते हुए निर्दलीय प्रत्याशी रंजना को जीत दिलाई। यहां दूसरे स्थान पर भी निर्दलीय उम्मीदवार रहे।
स्थानीय मुद्दों को लेकर मतदाताओं के रुख का असर इस वार्ड के परिणाम में दिखाई दिया। कांग्रेस और भाजपा दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों को यहां अपेक्षित सफलता नहीं मिली।
वार्ड 25 का परिणाम यह भी दिखाता है कि नगर परिषद के चुनाव में कई वार्डों में स्थानीय उम्मीदवार, स्थानीय मुद्दे और मतदाताओं की प्राथमिकताएं प्रमुख भूमिका निभा सकती हैं।
मतगणना के बाद वार्ड 17 में विवाद और पथराव
मतगणना पूरी होने के बाद वार्ड नंबर 17 में विवाद की स्थिति पैदा हो गई। यहां कांग्रेस समर्थकों और निर्दलीय उम्मीदवार के समर्थकों के बीच किसी मुद्दे को लेकर विवाद हुआ और मामला टकराव तक पहुंच गया।
विवाद के दौरान दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच भिड़ंत हुई। इसके बाद दोनों ओर से एक-दूसरे पर पत्थर फेंके जाने की जानकारी सामने आई। घटना के कारण मौके पर तनाव का माहौल बन गया।
चुनाव परिणाम के बाद हुई इस घटना ने सीकर नगर परिषद चुनाव के शांतिपूर्ण परिणाम की तस्वीर पर सवाल खड़े किए। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में घटना के बाद किसी बड़ी कार्रवाई या नुकसान का विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है।
विधायक के वार्ड में कांग्रेस को झटका
सीकर नगर परिषद चुनाव में वार्ड नंबर 27 का परिणाम कांग्रेस के लिए विशेष रूप से चौंकाने वाला रहा। इस वार्ड को स्थानीय स्तर पर इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह कांग्रेस विधायक राजेंद्र पारीक का वार्ड बताया गया है।
इसके बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार प्रकाश चुनाव जीतने में सफल नहीं हो सके। भाजपा के चतुर्भुज कुमावत ने उन्हें 669 वोटों के अंतर से हरा दिया।
विधायक के अपने वार्ड में कांग्रेस उम्मीदवार की हार को पार्टी के लिए स्थानीय स्तर पर बड़ा झटका माना जा रहा है। वहीं भाजपा के लिए यह जीत महत्वपूर्ण रही, क्योंकि पार्टी ने कांग्रेस के प्रभाव वाले माने जाने वाले क्षेत्र में मुकाबला अपने पक्ष में किया।
सीकर नगर परिषद में अब कांग्रेस का बोर्ड
कुल परिणामों पर नजर डालें तो कांग्रेस ने 38 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। भाजपा 22 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही। चार निर्दलीय और एक RLP उम्मीदवार ने भी जीत दर्ज की। 65 सदस्यीय नगर परिषद में बहुमत के लिए 33 सीटों की जरूरत थी, जबकि कांग्रेस के पास 38 पार्षद हैं। ऐसे में पार्टी को बोर्ड बनाने के लिए निर्दलीय या अन्य दलों के अतिरिक्त समर्थन की आवश्यकता नहीं है।
सीकर में लगातार तीसरी बार कांग्रेस का बोर्ड बनना स्थानीय राजनीति में पार्टी के प्रभाव को दर्शाता है। दूसरी ओर भाजपा के 22 पार्षद नगर परिषद में विपक्ष की भूमिका निभाएंगे। निर्दलीय और RLP के विजयी उम्मीदवार भी परिषद के आगामी कामकाज में अपनी भूमिका निभाएंगे।
चुनाव परिणामों में जहां कांग्रेस ने बहुमत के साथ सत्ता बरकरार रखी, वहीं कुछ वार्डों में भाजपा और निर्दलीय उम्मीदवारों की जीत ने स्थानीय स्तर पर मुकाबले की विविध तस्वीर पेश की। वार्ड 18 में बराबर वोट के बाद लॉटरी से RLP की जीत और वार्ड 17 में समर्थकों के बीच पथराव जैसी घटनाएं भी इस चुनाव के प्रमुख घटनाक्रमों में रहीं।












