इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने पाकिस्तान के खिलाफ पल्लेकल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में शानदार शतक जड़कर टीम को दो विकेट से जीत दिलाई।
स्पोर्ट्स न्यूज़: इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने पाकिस्तान के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप के पल्लेकल मैच में शतकीय पारी खेलकर इतिहास रच दिया है। ब्रूक ने सिर्फ 51 गेंदों में 100 रन बनाए और अपनी टीम को 2 विकेट से जीत दिलाई। इस प्रदर्शन के साथ वे टी20 वर्ल्ड कप में शतक लगाने वाले पहले कप्तान बन गए हैं। उनके इस कारनामे ने दुनिया के क्रिकेट प्रेमियों को चौंका दिया, क्योंकि इससे पहले भारत के महान बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली भी इस स्तर का प्रदर्शन अपने पूरे करियर में नहीं कर पाए।
ब्रूक की पारी में कुल 10 चौके और 4 छक्के शामिल थे, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की स्पष्ट मिसाल है। इस शतक की बदौलत इंग्लैंड ने पाकिस्तान के दिए गए 164 रनों के लक्ष्य को 19.1 ओवर में 8 विकेट खोकर पूरा कर लिया। पाकिस्तान की टीम ने मैच को अंतिम ओवर तक रोमांचक बनाने की कोशिश की, लेकिन ब्रूक की कप्तानी और आक्रमक खेल ने इंग्लैंड को जीत दिला दी।
टी20 वर्ल्ड कप में कप्तान के रूप में सबसे बड़ा शतक

इससे पहले टी20 वर्ल्ड कप में किसी कप्तान के द्वारा सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज क्रिस गेल के नाम था, जिन्होंने 98 रन बनाए थे। हैरी ब्रूक ने इस रिकॉर्ड को तोड़कर खुद को इतिहास में दर्ज कर लिया है। उनके इस प्रदर्शन ने इंग्लैंड को न केवल जीत दिलाई, बल्कि टीम को सेमीफाइनल में क्वालीफाई कराने में भी अहम भूमिका निभाई।
ब्रूक की इस पारी ने यह साबित कर दिया कि टी20 क्रिकेट में आक्रामकता और तेजी से रन बनाने की क्षमता किसी भी कप्तान को मैच का हीरो बना सकती है। इस शतक के साथ वे दुनिया के पहले ऐसे कप्तान बन गए हैं जिन्होंने टी20 वर्ल्ड कप में शतक लगाया।
मैच का संक्षिप्त विवरण
पल्लेकल में खेले गए इस मुकाबले में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 164 रन बनाए। शाहीन अफरीदी ने इंग्लिश टीम के शुरुआती ओवरों में तीन महत्वपूर्ण विकेट लिए। लेकिन मध्य ओवरों में पाकिस्तान के गेंदबाज ब्रूक को रोकने में नाकाम रहे। इंग्लैंड ने ब्रूक की नाबाद शतकीय पारी की मदद से लक्ष्य हासिल किया और मुकाबला 2 विकेट से अपने नाम किया।
ब्रूक की कप्तानी और शतकीय पारी ने इंग्लैंड को न केवल रोमांचक जीत दिलाई बल्कि टीम को टूर्नामेंट में आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी दिया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और मैदान पर शांत लेकिन निर्णायक नेतृत्व ने इंग्लैंड को जीत दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई।











