पाकिस्तान क्रिकेट टीम इस वक्त पाकिस्तान क्रिकेट टीम आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 में हिस्सा ले रही है। टीम सुपर-8 तक तो पहुंच गई है, लेकिन उसके बाद क्या होगा, कहना मुश्किल है। इस दौरान पाकिस्तानी खिलाड़ी आलोचनाओं के भी शिकार हो रहे हैं।
स्पोर्ट्स न्यूज़: पाकिस्तानी क्रिकेट खिलाड़ी अब विदेशी लीग ‘द हंड्रेड’ में खेलने के लिए तैयार हैं। हालांकि, उनके चयन की संभावना सीमित है क्योंकि कई टीमें फिलहाल पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर बोली लगाने के मूड में नहीं हैं। इस बीच, पाकिस्तान टीम आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 में अपने अभियान में लगी हुई है। टीम सुपर-8 राउंड तक पहुंच चुकी है, लेकिन उसके बाद प्रदर्शन और खिलाड़ी चयन को लेकर कई सवाल बने हुए हैं।
द हंड्रेड लीग और ऑक्शन की तैयारी
द हंड्रेड लीग में कुल आठ टीमें हिस्सा लेती हैं, जिनमें अधिकांश का स्वामित्व भारतीयों के पास है। लीग में पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने अपना नाम ऑक्शन के लिए दिया है, जिसमें कप्तान सलमान अल आगा, पूर्व कप्तान शाहीन शाह अफरीदी, सलामी बल्लेबाज सैम अयूब और स्पिनर उस्मान तारिक जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा, पाकिस्तान के डोमेस्टिक खिलाड़ियों ने भी अपने नामांकन किया है।
ऑक्शन 11 और 12 मार्च को आयोजित किया जाएगा। इस दौरान टीमें अपने लिए खिलाड़ियों को चुनेंगी, लेकिन भारतीय स्वामित्व वाली टीमों ने पाकिस्तानियों पर बोली लगाने की संभावना से इनकार किया है।
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भारतीय स्वामित्व वाली टीमें क्यों नहीं खरीदेंगी?
द हंड्रेड में आठ टीमों में से छह टीमों का स्वामित्व भारतीयों के पास है, जिनका भारत से कनेक्शन और आईपीएल के साथ संबंध है। इनमें मुंबई इंडियंस, दिल्ली कैपिटल्स, लखनऊ सुपरजायंट्स और सनराइजर्स हैदराबाद जैसे नाम प्रमुख हैं। सूत्रों के अनुसार, इन टीमों के लिए पाकिस्तानी खिलाड़ियों को खरीदना फिलहाल संभव नहीं है।
इसके अलावा, आईपीएल के अनुभव और व्यापारिक हितों के चलते भारतीय स्वामित्व वाली टीमें किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी पर बोली लगाने की स्थिति में नहीं हैं। इसका मतलब है कि ऑक्शन में पाकिस्तानियों को चुनने के लिए शेष केवल दो विदेशी टीमों के विकल्प रह जाते हैं। द हंड्रेड लीग के लिए कुल 63 पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने अपना नाम दर्ज कराया है।
इनमें इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी भी शामिल हैं और घरेलू (डोमेस्टिक) क्रिकेट में सक्रिय खिलाड़ी भी। हालांकि, ऑक्शन में बिकने की संभावना बहुत कम है क्योंकि अधिकतर टीमों का पाकिस्तानियों को शामिल करने का इरादा फिलहाल नहीं है।









