फुटबॉल वर्ल्ड कप में कांगो गणराज्य ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुर्तगाल को 1-1 से ड्रॉ पर रोक दिया। योआन विसा ने टीम का पहला वर्ल्ड कप गोल किया, जबकि स्टार खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो पूरे मैच में गोल नहीं कर सके।
FIFA WORLD CUP 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 में छोटे और अपेक्षाकृत कम रैंक वाली टीमों के शानदार प्रदर्शन का सिलसिला लगातार जारी है। बुधवार को खेले गए ग्रुप-K मुकाबले में दुनिया की 43वीं रैंकिंग वाली DR Congo national football team ने फुटबॉल महाशक्ति Portugal national football team को 1-1 की बराबरी पर रोककर टूर्नामेंट के सबसे बड़े सरप्राइज में से एक को अंजाम दिया।
अमेरिका के ह्यूस्टन स्थित NRG Stadium में खेले गए इस मुकाबले में पुर्तगाल को शुरुआती बढ़त मिलने के बावजूद जीत हासिल नहीं हुई। दूसरी ओर, 52 वर्षों बाद विश्व कप में वापसी कर रही कांगो गणराज्य की टीम ने न केवल एक अंक हासिल किया, बल्कि अपने विश्व कप इतिहास का पहला गोल भी दर्ज किया। यह परिणाम इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि पुर्तगाल टूर्नामेंट की मजबूत दावेदार टीमों में गिनी जा रही है, जबकि कांगो को ग्रुप की अपेक्षाकृत कमजोर टीमों में शामिल किया जा रहा था।
पुर्तगाल ने की तेज शुरुआत, लेकिन बढ़त कायम नहीं रख सका
मैच की शुरुआत पुर्तगाल के लिए बेहद शानदार रही। मुकाबले के केवल छठे मिनट में मिडफील्डर Joao Neves ने शानदार हेडर लगाकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। यह गोल विंगर पेड्रो नेटो के सटीक क्रॉस पर आया। शुरुआती बढ़त मिलने के बाद ऐसा लग रहा था कि पुर्तगाल मैच पर पूरी तरह नियंत्रण बना लेगा और आसानी से तीन अंक हासिल कर लेगा।
पुर्तगाल ने शुरुआती आधे घंटे तक गेंद पर कब्जा बनाए रखा और लगातार आक्रमण किए, लेकिन कांगो की रक्षापंक्ति ने धीरे-धीरे मैच में वापसी की। अफ्रीकी टीम ने धैर्य बनाए रखा और जवाबी हमलों के जरिए पुर्तगाल पर दबाव बनाना शुरू किया।
योआने विसा ने दागा कांगो के इतिहास का पहला विश्व कप गोल
पहले हाफ के अतिरिक्त समय में कांगो को वह मौका मिला जिसका उसे लंबे समय से इंतजार था। 45+5वें मिनट में डिफेंडर आर्थर मासुआकु के बेहतरीन क्रॉस पर स्ट्राइकर Yoane Wissa ने शानदार हेडर लगाते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। यह गोल केवल मैच का बराबरी वाला गोल नहीं था, बल्कि कांगो के विश्व कप इतिहास का पहला गोल भी बन गया।
इससे पहले कांगो ने 1974 में जायर (Zaire) के नाम से विश्व कप में हिस्सा लिया था, लेकिन उस टूर्नामेंट में टीम एक भी गोल नहीं कर पाई थी। ऐसे में 52 साल बाद विश्व कप में लौटकर पहला गोल करना पूरे देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। गोल के बाद विसा ने कहा कि यह क्षण उनके करियर का सबसे भावनात्मक पल है और वह इसे अपने परिवार तथा पूरे कांगो राष्ट्र को समर्पित करते हैं।
क्रिस्टियानो रोनाल्डो के नाम जुड़ा नया रिकॉर्ड, लेकिन गोल नहीं मिला
मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण पुर्तगाल के कप्तान Cristiano Ronaldo थे। 41 वर्ष और 132 दिन की उम्र में मैदान पर उतरकर रोनाल्डो विश्व कप मैच की शुरुआत करने वाले सबसे उम्रदराज आउटफील्ड खिलाड़ी बन गए।
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उन्होंने एक और रिकॉर्ड अपने नाम करते हुए विश्व कप इतिहास के दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी के रूप में मैच खेला। इस सूची में उनसे आगे केवल Roger Milla हैं, जिन्होंने 1994 विश्व कप में 42 वर्ष की उम्र में कैमरून का प्रतिनिधित्व किया था। हालांकि रिकॉर्ड बनाने के बावजूद रोनाल्डो के लिए यह मैच व्यक्तिगत रूप से निराशाजनक रहा। उन्होंने पूरे मुकाबले में गोल करने की भरपूर कोशिश की, लेकिन सफलता हासिल नहीं कर सके।
गोल के कई मौके गंवाए
दूसरे हाफ में पुर्तगाल ने लगातार आक्रमण किए और रोनाल्डो कई बार गोल के करीब पहुंचे। 68वें मिनट में उन्हें बॉक्स के अंदर शानदार मौका मिला, लेकिन उनका शॉट गोलपोस्ट के दाईं ओर निकल गया।
इसके कुछ ही मिनट बाद 73वें मिनट में उन्हें एक और अवसर मिला। इस बार भी रोनाल्डो गेंद को लक्ष्य तक पहुंचाने में सफल नहीं हो सके। मैच के अंतिम चरण में पुर्तगाल ने जीत के लिए पूरा जोर लगाया, लेकिन कांगो की मजबूत रक्षापंक्ति और गोलकीपर के शानदार प्रदर्शन ने उन्हें रोक दिया।
VAR ने छीनी पुर्तगाल की खुशी
दूसरे हाफ में ऐसा लगा कि पुर्तगाल ने बढ़त फिर हासिल कर ली है। 55वें मिनट में अनुभवी डिफेंडर Joao Cancelo ने शानदार बाइसिकल किक के जरिए गेंद को जाल में पहुंचाया।
स्टेडियम में मौजूद पुर्तगाली समर्थक जश्न मनाने लगे, लेकिन वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की जांच के बाद गोल को ऑफसाइड करार दे दिया गया। इस फैसले ने पुर्तगाल को बड़ा झटका दिया और मैच 1-1 की बराबरी पर बना रहा।
कांगो भी जीत के करीब पहुंचा
पुर्तगाल ही नहीं, कांगो के पास भी मैच जीतने का मौका था। दूसरे हाफ में स्ट्राइकर Cedric Bakambu ने शानदार हमला किया और गेंद को गोल की दिशा में भेजा, लेकिन उनका शॉट पोस्ट से टकराकर बाहर निकल गया। अगर यह प्रयास गोल में बदल जाता तो विश्व कप के सबसे बड़े उलटफेरों में से एक देखने को मिल सकता था।
ग्रुप-K की अंक तालिका में बढ़ी प्रतिस्पर्धा
इस ड्रॉ के बाद ग्रुप-K की स्थिति और दिलचस्प हो गई है। पुर्तगाल को अब अगले दोनों मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। टीम का अगला मैच उज्बेकिस्तान के खिलाफ 23 जून को खेला जाएगा, जबकि 28 जून को उसका सामना कोलंबिया से होगा।
फिलहाल पुर्तगाल अंक तालिका में दूसरे स्थान पर है, लेकिन नॉकआउट चरण में जगह पक्की करने के लिए उसे अगले मैचों में जीत दर्ज करनी होगी। दूसरी ओर, कांगो के लिए यह एक अंक किसी जीत से कम नहीं माना जा रहा। टीम ने साबित कर दिया है कि वह केवल भाग लेने नहीं, बल्कि मुकाबला करने आई है।
अफ्रीकी फुटबॉल की बढ़ती ताकत का संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परिणाम अफ्रीकी फुटबॉल के बढ़ते स्तर का प्रमाण है। पिछले कुछ वर्षों में अफ्रीकी देशों ने युवा खिलाड़ियों के विकास, यूरोपीय क्लबों में भागीदारी और आधुनिक प्रशिक्षण ढांचे पर काफी निवेश किया है। इसका असर अब विश्व कप जैसे बड़े मंचों पर दिखाई देने लगा है।
कांगो का प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि अब विश्व फुटबॉल में केवल पारंपरिक ताकतवर देशों का दबदबा नहीं रहा और कोई भी टीम किसी भी दिन बड़ा उलटफेर कर सकती है।









