कांग्रेस समर्थित लोहानी का नामांकन खारिज, हरदीप पुरी के हलफनामे पर तीन आपत्तियां

MP Rajya Sabha By Election 2026, हरदीप सिंह पुरी नामांकन, राजकुमार लोहानी, हेमंत कटारे, मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव, कांग्रेस भाजपा समाचार

मध्य प्रदेश राज्यसभा उपचुनाव में कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमार लोहानी का नामांकन खारिज कर दिया गया है। एक अन्य प्रत्याशी का पर्चा भी निरस्त हुआ है। कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने भाजपा उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी के हलफनामे पर तीन आपत्तियां दर्ज कराई हैं।

भोपाल: मध्य प्रदेश की एक राज्यसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में मंगलवार, तीन नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान नया मोड़ सामने आया। कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमार लोहानी का नामांकन जरूरी दस्तावेज नहीं होने के कारण निरस्त कर दिया गया। दूसरे निर्दलीय प्रत्याशी कांते सायन्ना का पर्चा भी प्रस्तावक संबंधी कमी के चलते खारिज हुआ। दूसरी ओर कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने केंद्रीय मंत्री और भाजपा उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी के चुनावी हलफनामे पर तीन आपत्तियां दर्ज कराईं। अब इन आपत्तियों पर निर्वाचन अधिकारी के फैसले का इंतजार है।

फॉर्म-26 नहीं होने से राजकुमार लोहानी का पर्चा खारिज

मध्य प्रदेश में राज्यसभा की खाली सीट के लिए दो नवंबर तक नामांकन दाखिल किए गए थे। आखिरी दिन भोपाल के राजकुमार लोहानी ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना पर्चा जमा किया था। उन्हें कांग्रेस विधायकों का समर्थन प्राप्त था।

लेकिन मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान उनके दस्तावेजों में कमी सामने आई। निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, लोहानी ने नामांकन के साथ अनिवार्य शपथ पत्र फॉर्म-26 जमा नहीं किया था।

यह दस्तावेज चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए जरूरी होता है। इसमें उम्मीदवार की संपत्ति, आपराधिक मामलों और शैक्षणिक योग्यता सहित कई महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज की जाती हैं।

अनिवार्य दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण उनका नामांकन निरस्त कर दिया गया। लोहानी ने इससे पहले दावा किया था कि वह जरूरी दस्तावेज जमा करने के लिए तैयार थे, लेकिन उन्हें ऐसा करने का अवसर नहीं मिला।

दूसरे निर्दलीय उम्मीदवार का नामांकन भी रद्द

राजकुमार लोहानी के अलावा निर्दलीय उम्मीदवार कांते सायन्ना का नामांकन भी जांच में खारिज हो गया। उनके नामांकन में जरूरी प्रस्तावकों की कमी पाई गई।

राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार के नामांकन के लिए निर्धारित संख्या में विधायकों का प्रस्तावक होना आवश्यक है। इस शर्त को पूरा नहीं करने पर नामांकन स्वीकार नहीं किया जा सकता।

दोनों निर्दलीय उम्मीदवारों के पर्चे निरस्त होने के बाद चुनाव की स्थिति बदल गई है। हालांकि, भाजपा उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी के नामांकन पर उठाई गई आपत्तियों के निपटारे के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।

हरदीप सिंह पुरी के हलफनामे पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

कांग्रेस विधायक और विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने भाजपा उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी के नामांकन के साथ जमा हलफनामे पर तीन आपत्तियां दर्ज कराई हैं।

पहली आपत्ति पत्नी और संपत्ति से जुड़े विवरण को लेकर है। कटारे ने आरोप लगाया कि हलफनामे में जीवनसाथी से संबंधित कुछ जानकारियां स्पष्ट तरीके से नहीं दी गई हैं।

हालांकि, पुरी के चुनावी हलफनामे से संबंधित प्रकाशित विवरण में उनकी पत्नी की संपत्ति का उल्लेख मिलता है। इसलिए कांग्रेस विधायक के आरोप को जांच से पहले सही नहीं माना जा सकता।

दूसरी आपत्ति विदेशी मुद्रा में दर्ज संपत्ति के विवरण पर है। कटारे का कहना है कि चुनावी हलफनामे में विदेशी संपत्ति का मूल्य और भारतीय रुपये में उसका विवरण नियमों के अनुसार होना चाहिए।

उन्होंने डॉलर और स्विस फ्रैंक में बताई गई संपत्ति तथा विदेश में मौजूद संपत्तियों के विवरण को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

नोटरी प्रक्रिया को लेकर तीसरी आपत्ति

हेमंत कटारे की तीसरी आपत्ति शपथ पत्र के सत्यापन की प्रक्रिया से जुड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि हरदीप सिंह पुरी के हलफनामे को नोटरी संबंधी नियमों के अनुसार प्रमाणित नहीं कराया गया।

चुनावी प्रक्रिया में फॉर्म-26 का निर्धारित तरीके से सत्यापन जरूरी होता है। कटारे ने इसी प्रक्रिया के पालन को लेकर निर्वाचन अधिकारी के सामने सवाल रखा है।

इन आपत्तियों के जवाब के लिए हरदीप सिंह पुरी को शाम पांच बजे तक का समय दिए जाने की जानकारी सामने आई है।

हालांकि, आपत्ति दर्ज होने का मतलब नामांकन में गड़बड़ी साबित होना नहीं है। निर्वाचन अधिकारी संबंधित दस्तावेजों और नियमों की जांच के बाद ही निर्णय लेंगे।

एल मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई थी सीट

मध्य प्रदेश की यह राज्यसभा सीट केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन के अक्टूबर 2026 में इस्तीफा देने के बाद खाली हुई थी। उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक निर्धारित था।

भाजपा ने इस सीट के उपचुनाव के लिए केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को उम्मीदवार बनाया है। उन्होंने 31 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया था।

वहीं, कांग्रेस समर्थित राजकुमार लोहानी भोपाल के पुराने शहर के रहने वाले हैं। उन्होंने दो नवंबर को निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने के लिए पर्चा भरा था।

12 नवंबर को मतदान का कार्यक्रम

चुनाव आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तारीख दो नवंबर थी। तीन नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच की जा रही है।

पांच नवंबर तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकते हैं। यदि एक से अधिक वैध उम्मीदवार चुनाव मैदान में रहते हैं, तो 12 नवंबर को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक मतदान कराया जाएगा।

मतदान की जरूरत पड़ने पर उसी दिन शाम पांच बजे मतगणना होगी। यदि नाम वापसी के बाद केवल एक वैध उम्मीदवार बचता है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसे निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया जा सकता है।

फिलहाल पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात हरदीप सिंह पुरी के हलफनामे पर दर्ज आपत्तियों का निपटारा है। निर्वाचन अधिकारी के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा कि राज्यसभा उपचुनाव में मतदान कराने की जरूरत पड़ेगी या नहीं।

Leave a comment