फरीदाबाद हादसा: फर्नीचर के गोदाम में आग, शटर काटकर पहुंची फायर ब्रिगेड

फरीदाबाद हादसा: फर्नीचर के गोदाम में आग, शटर काटकर पहुंची फायर ब्रिगेड

फरीदाबाद के एक नंबर इलाके में फर्नीचर गोदाम में आग लगने से लाखों का नुकसान हुआ। दमकल की तेजी से कार्रवाई से कोई घायल नहीं हुआ। श्रमिक के बाहर होने और गैस सिलेंडर सुरक्षित रहने से बड़ा हादसा टला।

Haryana: फरीदाबाद जिले के एक नंबर क्षेत्र में मंगलवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब माता वैष्णो देवी मंदिर के सामने स्थित एक फर्नीचर गोदाम में अचानक आग लग गई। सुबह के शांत माहौल में गोदाम की पहली मंजिल से निकलता घना धुआं और आग की लपटें दूर से ही दिखाई देने लगीं। स्थानीय लोगों ने आग और धुएँ को देखकर तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचित किया।

दमकल विभाग को सूचना मिलते ही एनआईटी फायर स्टेशन की टीम सक्रिय हो गई। फायर स्टेशन अधिकारी राकेश कुमार के अनुसार, सुबह करीब 8 बजे कंट्रोल रूम में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई थी। बताया गया कि एस. कुमार नामक व्यक्ति के फर्नीचर गोदाम में आग लगी है। सूचना मिलते ही दो फायर टेंडर के साथ दमकल कर्मियों की टीम मौके के लिए रवाना कर दी गई।

शटर बंद होने से बढ़ी परेशानी

जब दमकल टीम फरीदाबाद के फर्नीचर गोदाम पहुंची, तो शटर पूरी तरह बंद था और पहली मंजिल से घना धुआं निकल रहा था। शटर बंद होने से अंदर प्रवेश मुश्किल हुआ। आग की तेज लपटों ने पहली मंजिल की खिड़कियां तोड़ दीं। टूटे शीशे सड़क पर गिरने लगे, पुलिस ने सुरक्षा के लिए इलाके को घेर लिया।

बिजली सप्लाई बंद कर काटा गया शटर

आग की गंभीरता को देखते हुए तुरंत बिजली विभाग को बुलाया गया और पूरे इलाके की बिजली सप्लाई बंद करवाई गई। इसके बाद दमकल कर्मियों ने कटर की मदद से गोदाम का शटर काटा। शटर काटकर जैसे ही टीम अंदर दाखिल हुई, वहां का नजारा काफी भयावह था। गोदाम के अंदर लकड़ी, कपड़ा और फोम बड़ी मात्रा में रखा हुआ था, जिससे आग तेजी से फैल गई थी।

दमकल कर्मियों ने अंदर जाकर लगातार पानी डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। लगभग एक घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया। हालांकि तब तक गोदाम में रखा फर्नीचर और अन्य सामान पूरी तरह जलकर राख हो चुका था।

गैस सिलेंडर बचा

जानकारी के अनुसार, इस गोदाम में एक श्रमिक भी रहता था। घटना के समय वह माता वैष्णो देवी मंदिर गया हुआ था। गोदाम के अंदर मजदूर का घरेलू सामान और खाना बनाने के लिए रखा गया गैस सिलेंडर भी मौजूद था। गनीमत यह रही कि आग के बावजूद गैस सिलेंडर सुरक्षित रहा और उसमें कोई विस्फोट नहीं हुआ। यदि सिलेंडर फट जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।

आग मुख्य रूप से पहली मंजिल तक ही सीमित रही। दूसरी मंजिल पर आग ज्यादा नहीं फैल पाई, जिससे आसपास के अन्य प्रतिष्ठानों को भी गंभीर नुकसान से बचाया जा सका।

आग लगने का कारण

प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि दमकल विभाग और संबंधित एजेंसियां आग के सही कारणों की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।

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