अगर आप अपनी बचत को अपेक्षाकृत कम जोखिम वाले विकल्प में निवेश करना चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस की टाइम डिपॉजिट (TD) स्कीम आपके लिए एक विकल्प हो सकती है।
Post Office FD Interest Rate 2026: सुरक्षित निवेश की तलाश करने वाले लोगों के लिए पोस्ट ऑफिस की टाइम डिपॉजिट (Time Deposit) स्कीम एक लोकप्रिय विकल्प है। इसे आम तौर पर पोस्ट ऑफिस FD भी कहा जाता है। इसमें निवेशक एकमुश्त राशि जमा करके तय अवधि के लिए निवेश करते हैं और अवधि पूरी होने पर ब्याज सहित रकम प्राप्त करते हैं। कम जोखिम और सरकारी समर्थन के कारण यह योजना खासतौर पर उन निवेशकों के बीच पसंद की जाती है, जो बाजार से जुड़े निवेशों के बजाय अपेक्षाकृत स्थिर रिटर्न चाहते हैं।
वर्तमान में पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट में 1, 2, 3 और 5 साल की अवधि के लिए खाता खोला जा सकता है। इनमें 5 साल की टाइम डिपॉजिट पर 7.50% सालाना ब्याज दर दी जा रही है। यह दर सामान्य निवेशकों और वरिष्ठ नागरिकों, दोनों के लिए समान है।
5 साल की पोस्ट ऑफिस FD पर 7.50% ब्याज
पोस्ट ऑफिस की 5 साल की टाइम डिपॉजिट स्कीम को निवेशक टैक्स सेविंग विकल्प के तौर पर भी देख सकते हैं। इसमें जमा रकम पर निर्धारित शर्तों के तहत आयकर कानून की धारा 80C के अंतर्गत टैक्स लाभ उपलब्ध हो सकता है। हालांकि, केवल ब्याज दर देखकर निवेश का फैसला करना उचित नहीं है। टैक्स लाभ, ब्याज पर लगने वाला टैक्स और निवेशक की व्यक्तिगत वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखना भी जरूरी है।
सिर्फ ₹1,000 से शुरू होता है निवेश
पोस्ट ऑफिस TD की खासियत यह है कि इसमें निवेश शुरू करने के लिए बहुत बड़ी रकम की आवश्यकता नहीं होती। निवेशक न्यूनतम ₹1,000 से टाइम डिपॉजिट अकाउंट खोल सकते हैं। इसके बाद निवेशक अपनी वित्तीय क्षमता के अनुसार अधिक राशि जमा कर सकते हैं। योजना उन लोगों के लिए भी उपयोगी हो सकती है, जो नियमित बाजार जोखिम से बचते हुए अपनी बचत को एक निश्चित अवधि के लिए सुरक्षित साधन में रखना चाहते हैं।
खाते में निवेश के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार नकद या चेक का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा खाताधारक को नॉमिनेशन की सुविधा भी मिलती है, जिससे निवेशक अपनी जमा राशि के लिए नामित व्यक्ति तय कर सकता है।

ब्याज का भुगतान कैसे होता है?
पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट में ब्याज की गणना तय दर के आधार पर होती है और इसका भुगतान सालाना आधार पर किया जाता है। निवेश की अवधि पूरी होने पर खाताधारक को योजना के नियमों के अनुसार मूलधन और लागू ब्याज प्राप्त होता है। निवेश करने से पहले खाताधारक को यह भी समझना चाहिए कि अलग-अलग अवधि की टाइम डिपॉजिट पर ब्याज दर अलग हो सकती है। इसलिए यदि आपका लक्ष्य पांच साल का है, तो 5 साल की TD की लागू ब्याज दर और उससे जुड़े नियमों को देखना जरूरी है।
वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त ब्याज नहीं
बैंक FD की कई योजनाओं में वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ग्राहकों की तुलना में अधिक ब्याज मिलता है। लेकिन पोस्ट ऑफिस की 5 साल की टाइम डिपॉजिट पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से अतिरिक्त ब्याज दर का प्रावधान नहीं है। यानी पात्र सामान्य निवेशक और वरिष्ठ नागरिक, दोनों को मौजूदा दर के अनुसार समान ब्याज मिलता है। हालांकि, वरिष्ठ नागरिकों के लिए निवेश का फैसला करते समय टैक्स और आय की जरूरतों जैसे अन्य पहलुओं पर भी विचार करना चाहिए।
पोस्ट ऑफिस FD की ब्याज दर कौन तय करता है?
पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें सरकार द्वारा तय की जाती हैं। इन दरों को बैंक FD की तरह सीधे RBI की रेपो रेट से तय नहीं किया जाता। वित्त मंत्रालय छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करता है। सरकार आमतौर पर हर तिमाही इन योजनाओं की दरों पर फैसला करती है और बाजार तथा अन्य आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए इनमें बदलाव कर सकती है। इसलिए निवेश करने से पहले लागू ब्याज दर की पुष्टि करना जरूरी है, क्योंकि भविष्य की अवधि के लिए दरों में बदलाव संभव हैं।











