प्राइवेसी टेम्पर्ड ग्लास भले ही पब्लिक में स्क्रीन को सुरक्षित रखने का विकल्प लगे, लेकिन इसके कई नुकसान हैं। यह AMOLED और OLED डिस्प्ले की क्वालिटी, बैटरी लाइफ और फिंगरप्रिंट सेंसर की क्षमता को प्रभावित करता है। इससे स्क्रीन पर कंटेंट देखने का असली मजा कम हो जाता है और यूजर अनुभव प्रभावित होता है।
प्राइवेसी टेम्पर्ड ग्लास नुकसान: अगर आप फोन पर प्राइवेसी टेम्पर्ड ग्लास इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आपको इसके नकारात्मक असर का ध्यान रखना चाहिए। यह ग्लास AMOLED और OLED डिस्प्ले की क्वालिटी को प्रभावित करता है, जिससे स्क्रीन पर कंटेंट देखने का अनुभव कम हो जाता है। साथ ही, आउटडोर यूज में बैटरी तेजी से खर्च होती है और इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर सही से काम नहीं करता। इसलिए, फोन का असली अनुभव और स्मार्ट फीचर्स पूरी तरह इस्तेमाल करने के लिए इस ग्लास को हटाना बेहतर रहेगा।
बैटरी और ब्राइटनेस पर असर
प्राइवेसी टेम्पर्ड ग्लास की वजह से आउटडोर यूज के दौरान फोन की ब्राइटनेस बढ़ानी पड़ती है। इससे फोन की बैटरी जल्दी खर्च होती है और इसे बार-बार चार्ज करना पड़ता है। इसके अलावा, लाइट सेंसर ठीक से काम नहीं कर पाता, जिससे ऑटो ब्राइटनेस फीचर अपेक्षित तरीके से स्क्रीन की रोशनी को एडजस्ट नहीं कर पाता।

फिंगरप्रिंट सेंसर में दिक्कत
इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर वाले फोन में प्राइवेसी ग्लास के कारण लॉक और अनलॉक करना मुश्किल हो जाता है। बार-बार फिंगरप्रिंट पढ़ने में समस्या आने से यूजर की परेशानी बढ़ती है और फोन के स्मार्ट फीचर्स का फायदा पूरी तरह नहीं मिल पाता।
प्राइवेसी टेम्पर्ड ग्लास आपके फोन की सुरक्षा बढ़ा सकता है, लेकिन इससे स्क्रीन क्वालिटी, बैटरी लाइफ और फिंगरप्रिंट सेंसर पर असर पड़ता है। अगर आप फोन का असली अनुभव और स्मार्ट फीचर्स पूरी तरह से इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो बेहतर है कि इस ग्लास को हटा दें।











