अयोध्या: राम मंदिर के चारों ओर बाउंड्रीवॉल निर्माण को मिली स्वीकृति, मार्च तक पूरा होगा निर्माण कार्य

अयोध्या: राम मंदिर के चारों ओर बाउंड्रीवॉल निर्माण को मिली स्वीकृति, मार्च तक पूरा होगा निर्माण कार्य

राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को बेहद मजबूत और अभेद्य बनाया जाएगा। मंदिर के चारों ओर लगभग चार किलोमीटर में बनने वाली बाउंड्रीवॉल और वॉच टावर के डिजाइन को मंजूरी दे दी गई है।

Ayodhya Ram Temple: अयोध्या के राम मंदिर का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है, और अब मंदिर परिसर की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए चारों ओर बनने वाली बाउंड्रीवॉल पर भी स्वीकृति दे दी गई है। यह बाउंड्रीवॉल लगभग चार किलोमीटर लंबी होगी और इसमें अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों के साथ वॉच टावर भी लगाए जाएंगे। राम मंदिर ट्रस्ट और निर्माण समिति ने इस बात का ऐलान किया कि मार्च 2026 तक मंदिर से जुड़े अधिकांश निर्माण कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।

बाउंड्रीवॉल और सुरक्षा उपाय

राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि मंदिर परिसर की सुरक्षा पूर्णत: अभेद्य होगी। बाउंड्रीवॉल का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और इसमें नवीनतम तकनीक से लैस सुरक्षा उपकरण लगाए जा रहे हैं। मंदिर के चारों ओर 25 से अधिक वॉच टावर बनाए जाएंगे, जो आधुनिक निगरानी और सुरक्षा के उपकरणों से लैस होंगे।

इससे पहले बाउंड्रीवॉल के उत्तरी दिशा में इसका मॉक ट्रायल भी किया गया था, ताकि वास्तविक निर्माण में किसी प्रकार की कमी न रहे। सुरक्षा के लिहाज से मंदिर के गेट नंबर 11, जिसे आदि शंकराचार्य द्वार के नाम से जाना जाता है, का निर्माण पूरा कर लिया गया है। इस गेट पर भी सुरक्षा उपकरण स्थापित कर दिए गए हैं और इसे इसी सप्ताह श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा। इसके अलावा गेट नंबर 3 का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू होगा।

मार्च 2026 तक पूरा होगा अधिकांश निर्माण कार्य

राम मंदिर ट्रस्ट की योजना है कि सप्त ऋषियों के मंदिर के दर्शन जल्द ही श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध कराए जाएं। नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि सुरक्षा के कारण सभी कदम सावधानीपूर्वक उठाए जा रहे हैं, क्योंकि अभी भी परिसर में कई निर्माण मशीनें सक्रिय हैं। ट्रस्ट इस माह कुछ निर्णय लेकर दर्शन व्यवस्था को शीघ्र शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

राम मंदिर के निर्माण कार्य में शामिल एलएंडटी और टाटा कंसल्टेंसी सुनिश्चित कर रहे हैं कि सभी कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरे हो जाएं। मार्च तक न केवल मंदिर का मुख्य ढांचा तैयार हो जाएगा, बल्कि अस्थायी मंदिर, हुतात्माओं की स्मृति में बने स्मारक, और यात्रियों के सामान रखने के हॉल का निर्माण भी पूरा हो जाएगा। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मंदिर परिसर पूरी तरह सुरक्षित और सुचारू रूप से संचालन के लिए तैयार हो।

राम मंदिर भवन निर्माण समिति की बैठक में अयोध्या में 300-बेड वाले आधुनिक अस्पताल और कैंसर अस्पताल के निर्माण पर भी चर्चा हुई। इस परियोजना में टाटा फाउंडेशन का योगदान शामिल है। बैठक में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित कुमार घोष भी मौजूद रहे। नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि यह अस्पताल न केवल श्रद्धालुओं के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र की जनता के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करेगा।

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